पूरा सिंचाई पानी मिले:अब श्रीविजयनगर में महापड़ाव; 2 काे घड़साना में प्रदर्शन 3 काे बिरधवाल हेड पर कब्जा करेंगे; पानी लेकर जाएंगे

श्रीगंगानगर2 महीने पहले
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विधानसभा में विपक्षी दल हाेने के नाते वह सिंचाई पानी के लिए राज्य सरकार पर दबाव बना रही है। - Dainik Bhaskar
विधानसभा में विपक्षी दल हाेने के नाते वह सिंचाई पानी के लिए राज्य सरकार पर दबाव बना रही है।
  • घड़साना से लेकर श्रीविजयनगर तक आंदोलन, मांग एक ही-पूरा सिंचाई पानी मिले

आईजीएनपी संघर्ष समिति ने 4 सूत्री मांगों को लेकर बुधवार काे एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन कर महापड़ाव डाल दिया। इससे पूर्व रामलीला मैदान में किसानाें की सभा हुई। प्रदर्शनकारियाें में मुख्य रूप से भारतीय किसान संघ से जुड़े किसान, भाजपा के माैजूदा व पूर्व विधायक, पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल थे।

संघर्ष समिति ने किसानाें के महापड़ाव स्थल पर बैठक कर 2 अक्टूबर को घड़साना एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन करने और 3 अक्टूबर को बिरधवाल हैड पर कब्जा करने का निर्णय लिया है। इसके बावजूद भी सरकार ने मांगें नहीं मानी ताे आगे की रणनीति तय की जाएगी।

किसान आईजीएनपी प्रथम चरण में 4 में से 2 समूह में पानी देने, रबी का रेगुलेशन किसानाें की मांग के अनुसार तय करने, मुख्य अभियंता हनुमानगढ़ विनाेद मित्तल काे हटाने और बांधाें में जल भंडारण अवधि में 21 सितंबर तक बीते साढ़े चार माह में 8000 क्यूसेक की बजाय औसत 5500 से 6000 क्यूसेक पानी ही मिला, इसकी बीबीएमबी से जांच करवाकर रिपाेर्ट संघर्ष समिति काे मुहैया करवाए जाने की मांग कर रहे हैं।

किसानाें के महापड़ाव में ईश्वजीत सिंह दानेवालिया, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष हरिसिंह कामरा, श्रीविजयनगर के चेयरमैन राजेंद्र लेघा, मनीष कुमार कौशल, अविनाश डाबी, सरदूल सिंह कंग, मनीष कुलड़िया, दीपक मिड्ढा, मोहित छाबड़ा, दिलीप बिश्नोई, कुलदीप जोशन, विनोद धारणिया, सत्यनारायण गोदारा, जसवंतसिंह चंदी, प्रेम सिंह बेनीवाल, रामकुमार खिलेरी, किशन दुग्गल, राकेश मंडा ने भी किसानाें काे संबाेधित किया।

भाजपा की एक तीर से कई निशाने साधने की कवायद

सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता हनुमानगढ़ में बैठते हैं। इसके बावजूद भाजपा के तीन जिलाें श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ व बीकानेर के विधायक बुधवार काे श्रीविजयगनर में हुए प्रदर्शन में शामिल हुए। कई पूर्व विधायकाें व पार्टी पदाधिकारियाें ने भी उपस्थिति दर्ज करवाई। इसकी किसानाें में खासी चर्चा रही। धरना-प्रदर्शन में पीलीबंगा व संगरिया के दाेनाें विधायक शामिल थे। वहीं बीकानेर जिले से भी विधायक आए।

हनुमानगढ़ के भाजपा जिलाध्यक्ष भी शामिल रहे। हालांकि कहा यही गया कि आईजीएनपी किसान संघर्ष समिति ने महापड़ाव डाला है। कृषि कानूनाें के लेकर चल रहे आंदाेलन के कारण पूर्व में भाजपा विधायकाें के साथ पदमपुर व श्रीगंगानगर सहित कई जगह दुर्व्यवहार किए जाने घटनाएं घट चुकी हैं।

ऐसे में भाजपा ने श्रीविजयनगर में पानी के आंदाेलन से एक साथ कई निशाने साधने का प्रयास किया है। भाजपा ने यह दर्शाने का प्रयास किया है कि विधानसभा में विपक्षी दल हाेने के नाते वह सिंचाई पानी के लिए राज्य सरकार पर दबाव बना रही है।

दूसरा कृषि कानून वापस लेने की मांग काे लेकर दूर हाे रहे किसानाें काे फिर से जाेड़ने की यह कवायाद है। घड़साना में तीन दिन से चल रहे महापड़ाव की अगुवाई माकपा नेता कर रहे हैं। ऐसे में भाजपा भी सक्रिय रहती है ताे किसानाें में सकारात्मक संदेश जाता है।

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