कोरोना की भयावह स्थिति:अब नाॅन काेविड अस्पतालों में ऑक्सीजन का हुआ संकट, डॉक्टर बोले-हमें भी मरीज रेफर करने होंगे

श्रीगंगानगर6 महीने पहले
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  • चिंता; 210 रोगी, शोक; 5 मौतें, सुखद; 130 स्वस्थ

एक दिन के अंतराल के बाद जिले में नए कोरोना राेगियों का आंकड़ा फिर 200 पार हाे गया। जिले में गुरुवार को 210 नए कोरोना रोगी मिले। एक दिन में 130 रोगियों को रिकवर होने पर डिस्चार्ज कर दिया। इसके बावजूद जिले में एक्टिव कोरोना रोगियों की संख्या 2106 तक पहुंच चुकी है।

संक्रमण से जिला अस्पताल में उपचाराधीन 5 रोगियों की मौत हो गई। इस बीच अलवर से लिक्विड ऑक्सीजन का टैंकर मिलने से राहत मिली। अब नॉन कोविड अस्पतालों ने जनरल इमरजेंसी में रोगियों के लिए ऑक्सीजन उपलब्ध करवाने की मांग की गई है। इस संबंध में आईएमए व नर्सिंग होम एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल गुरुवार काे जिला प्रशासन से मिला।

डॉक्टराें ने चेतावनी दी कि अगर जनरल मरीजों के लिए ऑक्सीजन नहीं मिलेगी तो वे रोगियों को जिला अस्पताल रैफर कर देंगे।

जिले में अप्रैल में मिलने वाले कोरोना रोगियों की संख्या 2580 हो चुकी है। गुरुवार तक एक सप्ताह में 1438 कोरोना रोगी मिल चुके हैं। सप्ताह में 33 रोगियों की मौत हाे चुकी है।

गुरुवार को जिला अस्पताल में उपचाराधीन गुरचरण सिंह निवासी अयालकी, जिला हनुमानगढ़, रणजीत सिंह निवासी भांभू कॉलोनी, श्रींगानगर, हरिकिशन सोनी, रामप्यारी निवासी हिरणांवाली और सीमा देवी निवासी जवाहरनगर की माैत हाे गई। इससे पूर्व बुधवार को भी 5 रोगियों की मृत्यु हुई थी।

जिले के सरकारी व गैर सरकारी कोविड अस्पतालों में गुरुवार को 323 रोगी भर्ती थे। इसमें से 52.6 प्रतिशत मतलब 170 रोगियों काे ऑक्सीजन लगाने की जरूरत पड़ रही है। जिला अस्पताल में सुबह तक 152 रोगी भर्ती थे। पीएमओ डॉ. बलदेव सिंह चौहान के अनुसार शाम तक 22 संक्रमितों को हालत सामान्य होने पर डिस्चार्ज किया गया। इसमें 11 रोगी कोविड केयर सेंटर और 11 को होम आइसोलेटेड किए गए। सरकारी अस्पताल में 130 में से 66 कोरोना रोगी ऑक्सीजन पर हैं।
भादरा में 1 दिन में तीन का संस्कार, रोजेदार मुस्लिमों ने किया सहयोग

तस्वीर भादरा की है....60 वर्षीय वार्ड 5 निवासी महिला का दाह संस्कार कल्याण भूमि में उसके देवर नंदलाल जोतवानी व पुत्र दीपक व भतीजे बादल ने किया। तीन दिन पहले मृतका को इलाज के लिए हनुमानगढ़ ले जाया गया था, जिसकी गुरुवार को उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। इसे एंबुलेंस में उसके पति व पुत्र भादरा लेकर आए थे। वहीं कल्याण भूमि के कर्मचारी सुमेर मीणा ने दाह संस्कार के लिए लकड़ियां जचवाई। वहीं पर पीपीई किट पहने उसके पुत्र व रोजेदार मुस्लिम युवकों रफीक फतेहखानी, याकूब हाथीखानी, श्योकत सालतखानी, सिराज व मांगू खां नारिका ने पीपीई किट पहनकर सहयोग किया।

आईएमए का ज्ञापन: जनरल रोगियों के लिए ऑक्सीजन नहीं देनी तो लिखित में दे प्रशासन
आईएमए और नर्सिंग होम एसोसिएशन की ओर से जिला प्रशासन को मुख्यमंत्री के नाम दिए ज्ञापन के अनुसार सोशल मीडिया पर बनाए ऑक्सीजन सप्लाई ग्रुप में मैसेज किया है कि नोन काेविड अस्पतालों को ऑक्सीजन नहीं दी जाएगी।

अगर ऐसा है तो प्रशासन को उन्हें लिखित में आदेश देना चाहिए कि वे इमरजेंसी रोगियों को कहां रेफर करें। फिर भर्ती करें या नहीं। ज्ञापन में कोविड अस्पतालों में सिर्फ कोरोना रोगियों का ही इलाज करने की व्यवस्था होनी चाहिए।

ताकि कोरोना वायरस से जनरल रोगी संक्रमित न हो सकें। प्रतिनिधिमंडल में आईएमए के अध्यक्ष डॉ. सुभाष राजोतिया, सचिव डा. हरीश रहेजा, युवा विंग के अध्यक्ष डॉ. केके जाखड़, नर्सिंग होम एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. दीपक चौधरी, उपाध्यक्ष डॉ. संदीप सिहाग शामिल थे। कलेक्टर के अनुसार नॉन कोविड में इमरजेंसी केसों के लिए ऑक्सीजन की सप्लाई दी जा रही है।

मिल गई राहत

500 सिलेंडरों की रिफिलिंग, जिले में 300, हनुमानगढ़ 150, चूरू में 50 दिए रीको स्थित ऑक्सीजन प्लांट से गुरुवार को दिनभर में 500 सिलेंडरों की रिफिलिंग की गई। इसमें से 300 ऑक्सीजन सिलेंडर श्रीगंगानगर जिले को दिए गए। हनुमानगढ़ को 150 अौर चूरू को 50 सिलेंडर दिए गए। कलेक्टर जाकिर हुसैन के अनुसार राज्य सरकार से एक और टैंकर लिक्विड ऑक्सीजन की मांग की गई है।

जिले को उपलब्ध 8.5 टन ऑक्सीजन पहले श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ जिले के लिए थी। गुरुवार को निर्देश मिले कि इसमें से चूरू को भी सिलेंडरों की आपूर्ति की जाएगी। इसी वजह से प्रशासन ने एक और टैंकर ऑक्सीजन उपलब्ध करवाने की मांग की है।

रीको स्थित ऑक्सीजन प्लांट पर प्रशासनिक अधिकारियों का पहरा भी लगातार बना हुआ है। मकसद यही है कि ऑक्सीजन की कहीं भी कालाबाजारी न हो। वहां अधिकारियों की स्थायी टीम तैनात है। उन्हीं की निगरानी में लिक्विड गैस से सिलेंडर रिफिल किए जाते हैं।

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