पर्यावरण संरक्षण:पोषक तत्वों से भरपूर सहजन बढ़ाता है इम्युनिटी, शिक्षक ने कोरोना काल में 27 जिलों में लगवाए 13 लाख पौधे, श्रीगंगानगर में 2 लाख

श्रीगंगानगर2 वर्ष पहले
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  • घर-घर सहजन पहुंचाने के लिए अपने विद्यार्थियों व साथियों की ली मदद, मकसद- बच्चों में खत्म हो कुपोषण

रायसिंहनगर तहसील के गांव 18 टीके निवासी एसोसिएट प्रोफेसर श्याम सुंदर ज्याणी शिक्षा का उजियारा फैलाने के साथ पर्यावरण संरक्षण और विद्यार्थियों में कुपोषण दूर करने के लिए अनूठी मुहिम चला रहे हैं। गवर्नमेंट डूंगर कॉलेज बीकानेर के समाजशास्त्र विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर श्याम सुंदर ज्याणी ने सही मायनों में महामारी के दौरान आपदा को अवसर में बदला।

लाॅकडाउन के दौरान राज्य में 27 जिलों में सहजन के 12.98 लाख पौधे तैयार करवाए। इसमें श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ जिले में 3.70 लाख पौधे तैयार करवाए और उनका रोपण करवाया। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित श्याम सुंदर ज्याणी ने श्रीगंगानगर जिले में पर्यावरण संरक्षण में मददगार और प्रचुर पोषक तत्वों के स्रोत औषधीय महत्व के सहजन के 2.05 लाख और हनुमानगढ़ जिले में 1.65 लाख पौधों का रोपण करवाया। इसमें होने वाला 9 लाख रुपए खर्च ज्याणी अपने वेतन कर चुके हैं। ये विशेष किस्म की सहजन के पौधे 6 से 8 महीनों फूल देने लगते हैं। इन पर सालभर फलियां लगती हैं।

सोशल मीडिया पर बनाई ‘पर्यावरण पाठशाला’, इस पर 55 हजार हैं फॉलाेअर

ज्याणी वर्ष 2006 से पारिवारिक वानिकी कार्यक्रम चला रहे हैं जिसमें कस्बों व गांवों में पौधे तैयार करवा कर मुफ्त में वितरण करवाते हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए पर्यावरण वानिकी कार्यक्रम चला रहे हैं। वर्ष 2019 में जारी विश्व भूख सूचकांक में भुखमरी में भारत 102 वीं रैंकिंग में था।

आईसीएमआर की रिपोर्ट में भी देश के 4 राज्यों राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश और आसाम में सबसे ज्यादा भुखमरी होने से छोटे बच्चों व विद्यार्थियों में कुपोषण ज्यादा है। तब प्रोफेसर ज्याणी ने पारिवारिक वानिकी कार्यक्रम के तहत ‘घर-घर सहजन निराेग हरित राजस्थान’ अभियान शुरू किया।

दिसंबर 2019 में इसकी रूपरेखा बनाते हुए गुजरात, तमिलनाडु और छत्तीसगढ़ से सहज की हाइब्रिड वैरायटी के 20 लाख बीज मंगवाए। इनसे पौधे तैयार करवाए। पौधरोपण के प्रति जागरूक करने के श्यामसुंदर ज्याणी ने सोशल मीडिया पर पर्यावरण पाठशाला पेज बनाया है। इसमें पौधे तैयार करने और इन्हें रोपने के बाद सारसंभाल की जानकारी शेयर की जाती है। इसके 55 हजार फॉलोअर हैं।

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