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  • On September 4, 1920, The State Of Bikaner Was Agreed With The Punjab And Bahawalpur State And The Bikaner Canal Was Approved, The Area Was Occupied.

गंग कैनाल का 101वां जन्मदिन मनाया:4 सितंबर 1920 काे बीकानेर रियासत का पंजाब और बहावलपुर स्टेट से समझाैता हुआ व बीकानेर कैनाल काे मिली थी मंजूरी, सरसब्ज हुआ इलाका

श्रीगंगानगर15 दिन पहले
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  • किसान संघर्ष समिति ने महाराजा गंगासिंह की मूर्ति पर पुष्प माला चढ़ाई

बीकानेर कैनाल जिसे गंगानगर जिले में गंगनहर के नाम से ज्यादा जाना जाता है, इसके निर्माण का रास्ता 4 सितंबर 1920 काे शिमला समझाैते से तय हुआ था। तब सह समझाैता बीकानेर रियासत, पंजाब स्टेट और बहावलपुर रियासत के बीच लिखकर हस्ताक्षर किए गए थे।

क्याेंकि सतलुज नदी का पानी हुसैनीवाला से हाेकर बहावलपुर काे जाता था। बीकानेर रियासत ने राजस्थान के इन दाेनाें रियासताें से लगते 2 लाख 20 हजार 453 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विकसित करने काे पानी मांगा था।

बहावलपुर रियासत और पंजाब स्टेट की ओर से महाराजा गंगासिंह द्वारा दिए गए प्रस्तावाें पर मंथन के बाद सतलुज से हुसैनीवाला के पास से नहर निकालकर राजस्थान की बीकानेर रियासत में रामनगर (श्रीगंगानगर जिला) तक लेकर जाने काे मंजूरी दी थी।

1925 में 5 दिसंबर काे महाराजा गंगासिंह द्वारा नहर का निर्माण शुरू करवाया गया जाे कि 1927 में पूरा हुआ और नहर में पानी छाेड़ दिया गया। हालांकि पानी प्रवाहित हाेने के बाद भी एक साल तक नहर का काम जारी था।

इस तीन पक्षाें के बीच हुए समझाैते काे 4 सितंबर 2021 काे 101 साल पूरे हाे गए हैं। इसी समझाैते के कारण गंगनहर का अस्तित्व तय हुआ और श्रीगंगानगर जिले का सवा दाे लाख हैक्टेयर से अधिक का रेगिस्तानी इलाका हरा भरा खेती याेग्य हाे सका।

भारत और पाकिस्तान के विभाजन के दौरान 1947 में पंजाब सीमा आयोग के अध्यक्ष सर सिरिल रेडक्लिफ ने शुरू में फिरोजपुर जिले के फिरोजपुर और जीरा तहसीलों को पाकिस्तान को देने पर विचार किया था।

इससे गंगनहर का पानी पाकिस्तान के क्षेत्र में आ जाता। बीकानेर रियासत के प्रधानमंत्री केएम पणिक्कर ने वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन को चेतावनी दी कि फिराेजपुर जिले के आधे भाग काे पाकिस्तान में शामिल करने का मतलब है कि बीकानेर रियासत काे भी रणनीतिक और सिंचाई कारणाें से पाकिस्तान राज्य में शामिल हाेना पड़ेगा।

उन्हाेंने इस संबंध में वायसराय जवाहरलाल नेहरू को भी लिखा कि फिरोजपुर जिले के पाकिस्तान में जाना सबसे खतरनाक निर्णय होगा। इसके बाद रेडक्लिफ ने पूरे फिरोजपुर जिले को भारत से शामिल कर दिया था। इससे बीकानेर रियासत का श्रीगंगानगर का इलाका पाकिस्तान जाते-जाते बचा था।
नाेट:- सभी जानकारियां बीकानेर रियासत की तत्कालीन पुस्तकाें, सिंचाई विभाग के रिकाॅर्ड और किसानाें से प्राप्त की गई हैं।

क्षेत्र के लाेगाें ने महाराजा गंगासिंह चाैक पर फूल मालाएं चढ़ा मिठाई बांटकर मनाई खुशी

समझौते को 101 साल पूरे हाेने पर गंगानगर निवासियों के लिए यह ऐतिहासिक दिन बड़ी खुशी वाला है। इलाके के नागरिकाें ने साेमवार काे महाराजा गंगासिंह चौक पर इकट्ठे होकर महाराजा की मूर्ति पर फूल माला पहनाकर पुष्प अर्पित किए।

इस माैके पर मिठाइयां भी बाटी गईं। इस दाैरान किसान संघर्ष समिति के अमरेंद्रसिंह क्रांति, अमरसिंह बिश्नोई, सुभाष मोयल, गुरमीत मान, मनजीत सिंह, राजू ताखर, पवन कस्वां, हरगुन दास,रिछपालसिंह, मास्टर हरपाल सिंह, राजकुमार सैनी, बाबूलाल डूडी, बार संघ के अध्यक्ष विजय रेवाड़, पार्षद सुरेंद्र स्वामी, नेतेवाला पूर्व सरपंच हेतराम सहारण, सेवानिवृत्त एक्सईएन रामकुमार डूडी आदि बड़ी संख्या में किसान इकट्ठे हुए। किसानों ने मांग की कि गंगनहर क्षेत्र के सभी सरकारी कार्यालयों में विशेष तौर पर सिंचाई विभाग के कार्यालय में महाराजा गंगासिंह की प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए।

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