पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

राज. 12वीं बोर्ड परिणाम घोषित:श्रीगंगानगर के 22,152 में से 22,139 बच्चों को फर्स्ट व 13 को सेकंड डिवीजन, थर्ड एक भी नहीं

श्रीगंगानगर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • पहली बार बिना परीक्षा सब पास, जिले का वाणिज्य का परिणाम 99.8, कला का 99.19 और विज्ञान का 99.47% रहा

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बाेर्ड ने शनिवार शाम चार बजे 12वीं आर्ट्‌स, साइंस व काॅमर्स का परिणाम घाेषित कर दिया गया। ऐसा पहली बार हुआ कि तीनाें संकायाें का परीक्षा परिणाम एक साथ जारी किया गया और सब बच्चे बिना परीक्षा ही पास हो गए।

जिले में आर्ट्‌स का रिकाॅर्ड 99.19, काॅमर्स का 99.80 व साइंस संकाय का 99.47 प्रतिशत परीक्षा परिणाम रहा। खास बात यह है कि एक भी विद्यार्थी को थर्ड डिवीजन नहीं मिली। हमारे जिले ने प्रदेशभर में साइंस में 19वीं, आर्ट्‌स में 17वीं व काॅमर्स में 21वीं रैंक हासिल की है। जबकि 2020 में जिले की प्रदेश में साइंस में 30वीं, आर्ट में 17वीं व काॅमर्स में 24वीं रैंक थी।

खुशी की बात यह भी है कि इस बार आर्ट्‌स का 2020 के मुकाबले 8.03 प्रतिशत, काॅमर्स का 5.57 प्रतिशत व साइंस का 13.52 प्रतिशत परिणाम बढ़ा है। एक्सपर्ट का कहना है कि इस बार परीक्षा परिणाम ज्यादा रहने से सरकारी काॅलेजाें में एडमिशन काे लेकर खूब मारामारी रहेगी। कट ऑफ भी ज्यादा रहेगी। ऐसे में हजाराें स्टूडेंट्स काे दाखिले के लिए प्राइवेट काॅलेजाें का रुख करना पड़ सकता है।

इस बार सांइस, आर्ट्‌स व काॅमर्स में करीब 22,319 विद्यार्थी पंजीकृत थे। साइंस में 3580 पंजीकृत विद्यार्थियाें में 2262 छात्र व 1318 छात्राएं शामिल थी। इनमें 3561 विद्यार्थी पास हुए हैं। आर्ट्‌स में 18246 विद्यार्थी नामांकित थे। इसमें छात्र 8985 व छात्राएं 9261 शामिल थी। वहीं 18094 विद्यार्थी पास हुए है।

काॅमर्स में 498 विद्यार्थियाें काे पंजीकृत थे। इसमें छात्र 285 व छात्राएं 213 शामिल रही। जिलेभर से 172 विद्यार्थी पूरक परीक्षा व सतत मूल्यांकन में शामिल नहीं हाेने के कारण उत्तीर्ण नहीं हाे पाए। इसमें उन्हीं विद्यार्थियाें काे दूसरा माैका दिया जाएगा, जिनका परिणाम पूरक घाेषित किया गया है।

आप भी जानिए, स्कूलाें ने स्माइल, स्माइल 0.2 व सतत भागीदारी से यूं तय किए अंक

बोर्ड ने इस साल 10 वीं-12 वीं के अंक निर्धारण के लिए संस्था प्रधान, कक्षाध्यापक और विषयाध्यापक की समिति को अधिकृत किया था। इस समिति ने स्माइल, स्माइल.2, आओ घर में सीखें तथा कक्षा शिक्षण में विद्यार्थियों की सतत भागीदारी व प्रदर्शन को देखते हुए सत्र पर्यन्त किए अवलोकन के आधार पर अंक तय किये।

जिससे 10वीं कक्षा में 30 तथा 12वीं कक्षा में 40 फीसदी अंक स्कूल से ही दिए गए हैं। इसलिए करीबन सभी नियमित विद्यार्थियों का बोर्ड परीक्षा में बेड़ा पार हाे गया। अधिकतर विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी प्राप्त की है जबकि हजारों विद्यार्थी 100 प्रतिशत अंक लेकर उत्तीर्ण हुए हैं।

एक्सपर्ट से समझिए रिजल्ट के मायने

विद्यार्थी संतुष्ट नहीं हैं तो परीक्षा दे सकेंगे

Q. परीक्षा परिणाम तैयार करने का सरकारी फार्मूला क्या रहा? A. 10वीं, 11वीं के साथ-साथ 12वीं की मौजूदा परफारमेंस देखी गई। यदि किसी विद्यार्थी ने 11वीं कक्षा में 98 प्रतिशत अंक तथा 10वीं कक्षा में हिंदी व अंग्रेजी में 80 सामाजिक में 70 तथा विज्ञान, संस्कृत और गणित में क्रमश: 99, 100 व 100 अंक हासिल किए हैं तो कक्षा-10 में विद्यार्थी के कुल 88 फीसदी अंक थे। परंतु श्रेष्ठ 3 विषयों के 40 प्रतिशत अंक लेने पर इस विद्यार्थी के विज्ञान, संस्कृत व गणित के अंक गणना में शामिल किए जाएंगे। जिससे विद्यार्थी को दसवीं के 39.9 अंक, 11वीं के 19.6, और विद्यालय स्तर पर सतत मूल्यांकन के 20 जबकि सत्रांक भी 20 ही भेजे गए हैं तो विद्यार्थी को कुल 39.9+19.6+20+20=99.5 प्रतिशत अंकों की अंकतालिका जारी होगी। Q. मैं रिजल्ट से संतुष्ट नहीं हूं तो मेरे पास क्या विकल्प है? A. यदि कोई विद्यार्थी इस रिजल्ट से संतुष्ट नहीं है तो वे एग्जाम दे सकेंगे। प्राइवेट छात्राें के लिए होने वाली एग्जाम के दौरान ऐसे छात्र परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। Q. क्या इस रिजल्ट से प्रतिभावान स्टूडेंट्स को नुकसान हुआ? A. किन्हीं विशेष कारणाें से 10 वीं या 11वीं कक्षा का रिजल्ट जिन छात्रों का अच्छा नहीं रहा था, उन्हें बोर्ड के फॉर्मूले की वजह से जरूर नुकसान हुआ होगा। बाकी ज्यादातर को फायदा ही होगा। Q. इन परिणामों से कॉलेजों में प्रवेश पर क्या असर होगा? A. इस बार कॉलेज दाखिले में ज्यादा मारामारी होगी। इस वजह से कॉलेज की कट ऑफ लिस्ट भी ज्यादा जाएगी। सरकार को सरकारी कॉलेजों में सीटें बढ़ानी होंगी। वरना आंदोलन होंगे। Q. परिणाम से सरकारी योजनाओं पर क्या असर पड़ेगा‌? A. बोर्ड व शिक्षा विभाग द्वारा संचालित गार्गी पुरस्कार, बालिका प्रोत्साहन, इंदिरा प्रियदर्शनी, एकल बेटी, लैपटॉप योजना में आवेदकों और लाभार्थियों की संख्या में बहुत वृद्धि हो सकती है।

खबरें और भी हैं...