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भारी पड़ा मोदी की नकल करना:पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम पर कॉमेडियन श्याम रंगीला ने वीडियो बनाया, पेट्रोलियम कंपनी नाराज, थाने में परिवाद दाखिल

श्रीगंगानगर7 महीने पहले
कॉमेडियन श्याम रंगीला।
  • कॉमेडियन श्याम रंगीला ने श्रीगंगानगर शहर स्थित एक पेट्रोल पंप पर यह वीडियो शूट किया था, संचालक ने थाने में शिकायत दी
  • कॉमेडियन रंगीला ने कहा- हास्य वीडियाे बनाया था, वीडियाे से किसी काे भी ठेस पहुंची है ताे माफी मांगने के लिए तैयार हूं

मेरे प्यारे देशवासियाें, राजस्थान के श्रीगंगानगर की जनता का गर्व से सीना चाैड़ा हाे गया है। यहां पर पेट्राेल की कीमत 100 रुपए काे छू गई है। भाइयाे-बहनाें, आजाद भारत के इतिहास में आज तक ऐसी काेई सरकार नहीं आई थी, जाे पेट्राेल काे उसकी असली कीमत दिलवा पाए। पेट्राेल काे उसका हक हमने दिलवाया है...इन्हीं शब्दों के साथ मशहूर काॅमेडियन श्याम रंगीला ने वीडियाे शूट कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। लेकिन यह वीडियो अब रंगीला के लिए परेशानी का सबब बन गया है।

यह वीडियो श्रीगंगानगर शहर में हनुमानगढ़ रोड स्थित एक तेल कंपनी के पेट्रोल पंप पर शूट किया गया था। पंप संचालक सुरेंद्र अग्रवाल ने शुक्रवार को सदर थाने में परिवाद देकर कॉमेडियन श्याम रंगीला पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। बताया जा रहा है कि प्राइवेट तेल कंपनी के दबाव में आकर पंप संचालक ने यह कदम उठाया है। कंपनी ने पंप संचालक से यह भी कहा है कि मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो पंप की पेट्रोल-डीजल की सप्लाई रोक दी जाएगी।

पत्रकार बनकर श्याम रंगीला ने किया फोन
पंप संचालक सुरेंद्र अग्रवाल का कहना है कि काॅमेडियन श्याम रंगीला ने पत्रकार बनकर मुझे फाेन किया था। उसने कहा कि फाेटाे लेने हैं। फिर 17 फरवरी की शाम 5:30 से 6 बजे के बीच कुछ लाेग बाइक पर आए। इस दाैरान पंप पर भीड़ अधिक हाेती है। ऐसे में कर्मचारियाें काे भी ध्यान नहीं रहा कि पंप पर वीडियाे बनाया गया है। इस संबंध में हमने कंपनी से माफी मांग ली है। पंप पर काम करने वाले दाेनाें कर्मचारियाें काे भी अवकाश पर भेज दिया गया है।

किसी को ठेस नहीं पहुंचाना चाहता था: श्याम रंगीला

Q. वीडियो बनाने के पीछे क्या मकसद था?
मेरा मकसद किसी की भी भावना काे ठेस पहुंचाना नहीं था। यह हास्य वीडियाे बनाया गया था, वीडियाे से किसी काे भी ठेस पहुंची है ताे माफी मांगने के लिए तैयार हूं।
Q. आपके खिलाफ परिवाद दिया है, क्या कहेंगे?
वीडियो बनाकर मैंने कोई अपराध नहीं किया है। मैंने तो श्रीगंगानगर में बढ़ते पेट्रोल दामों को लेकर वीडियो बनाया था, ताकि सरकार कुछ राहत दे। बाकी रही बात परिवाद की, मुकदमा दर्ज होने के बाद ही इस पर सोचेंगे।

देर रात पेट्राेल-डीजल के दामाें में 41 पैसे की बढ़ाेतरी
पेट्राेल-डीजल के दामाें में इजाफा जारी है। शुक्रवार देर रात पेट्राेलियम कंपनियाें ने पेट्राेल-डीजल के दामाें में 41 पैसे की बढ़ाेतरी की घाेषणा की। ये दाम शनिवार के लिए लागू रहेंगे। शनिवार काे पेट्राेल के दाम 101.16 रुपए व डीजल के 93.17 रुपए प्रति लीटर रहेंगे। इससे पहले शुक्रवार काे ये दाम क्रमश: 100.75 व 92.77 रुपए प्रति लीटर थे।

वहीं, सूरतगढ़ में शुक्रवार काे पेट्राेल के दाम 100 रुपए पार कर गए। अब जिले के हर शहर में पेट्राेल 100 रुपए से ऊपर बिक रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि पेट्राेल-डीजल के बढ़े दामाें पर न ताे भाजपा नेता बाेल रहे हैं और न ही कांग्रेस नेता। बस, सब इन कीमताें के लिए एक-दूसरे काे जिम्मेदार बता रहे हैं। श्रीगंगानगर में 17 फरवरी काे पेट्राेल के दाम 100.07 रुपए हुए थे, जाे 20 काे 101 पार हाे रहे हैं। देश की बात करें तो सबसे महंगा पेट्रोल और डीजल अब भी श्रीगंगानगर ही खरीद रहा है।

नाॅलेज : एक्सपर्ट बता रहे हैं रेट बढ़ने के कारण व असर

1. इस साल कच्चा तेल अब तक 23% तक महंगा हो चुका है। एक जनवरी को ब्रेंट क्रूड का रेट 51 डॉलर प्रति बैरल था। अब यह 63 डॉलर के पार निकल गया है। इसकी वजह यह है कि आर्थिक गतिविधियों में पॉजिटिव ग्रोथ है।
2. केंद्र सरकार पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी नहीं घटा रही। दिल्ली का उदाहरण लें तो यहां एक लीटर पेट्रोल पर 32.90 रुपए और डीजल पर 31.80 रुपए की एक्साइज ड्यूटी लगती है।
3. राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर वैट भी लगाती हैं। राजस्थान में पेट्रोल पर 36% वैट के साथ ही 1500 रुपए प्रति किलोमीटर की दर से रोड सेस भी लगता है। डीजल पर 26% वैट और रोड सेस 1750 रुपए प्रति किमी है।

इसलिए बढ़ रहा है कच्चे तेल का भाव : अप्रैल 2020 के दौरान दुनियाभर में ईंधन की मांग कम होने के बाद कच्चे तेल के भाव में ऐतिहासिक गिरावट देखने को मिली थी। इसके बाद से वैश्विक स्तर पर तेल की मांग बढ़ी है। जून से अक्टूबर के बीच करीब 40 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करने वाला ब्रेंट क्रूड नवंबर के बाद महंगा होने लगा।

अब कोरोना वायरस वैक्सीन आने के बाद यह 60 डॉलर प्रति बैरल के पार जा चुका है। कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती भी एक कारण है जिसकी वजह से दाम में तेजी देखने को मिल रही है।
कीमतों पर भी पड़ेगा इसका असर : पिछले एक साल में केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर 32.98 रुपए कर दी है। 2020 के शुरुआत में यह 19.98 रुपए थी। इसी प्रकार डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 31.83 रुपए पहुंच गई है। वर्तमान में देखें तो राज्य और केंद्र सरकार प्रति लीटर पेट्रोल के बेस रेट पर 180 फीसदी टैक्स वूसलती रही हैं।

डीजल पर यह करीब 141 फीसदी है। जर्मनी और इटली में ईंधन के बेस रेट पर करीब 65 फीसदी टैक्स है। यह यूनाइटेड किंगडम में 62 फीसदी, जापान में 45 फीसदी और अमेरिका में करीब 20 फीसदी है।

इस साल 25 बार से ज्यादा बढ़े रेट
जनवरी में रेट 10 बार बढ़े थे। इस दौरान पेट्रोल 2.59 रुपए और डीजल 2.61 रुपए महंगा हुआ था। इस साल अब तक 25 बार में पेट्रोल 8 रुपए और डीजल 6 रुपए प्रति लीटर से ज्यादा महंगा हो चुका है। 19 फरवरी को सरकारी तेल कंपनियों की ओर से लगातार 11वें दिन पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ाेतरी की गई है। डीजल व पेट्रोल की कीमतों में 40 से 41 पैसे तक की बढ़ाेतरी की गई है। बीते एक साल के दौरान इनकी कीमतें 16 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ चुकी हैं।

सरकार की कमाई भी हुई दोगुनी
2014 में मोदी सरकार आने के बाद पेट्रोलियम प्रोडक्ट पर एक्साइज ड्यूटी से केन्द्र को 1.72 लाख करोड़ की कमाई हुई थी। 2019-20 में यह आंकड़ा 3.34 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया है। यानी सिर्फ पांच साल में ही एक्साइज ड्यूटी से केंद्र सरकार की कमाई दोगुनी हो गई। राज्य में पेट्रोल-डीजल पर वैट लगाने से होने वाली कमाई पांच साल में 43% बढ़ी है। 2014-15 में इससे होने वाली कमाई 1.37 लाख करोड़ थी, जो 2019-20 में बढ़कर दो लाख करोड़ तक पहुंच गई है।