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बिग कंट्रोवर्सी:रायसिंहनगर के तत्कालीन एएसपी के रिश्वत मामले में एसीबी पर फायरिंग की घटना को पुलिस ने झूठा पाया

श्रीगंगानगरएक महीने पहले
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प्रतीकात्मक फोटो।
  • एसीबी, गार्ड ने एएसपी के कहने पर ही हम पर गोली चलाई थी और ये हमारे ऊपर से गुजर गई
  • पुलिस, गोली हवा में चलाई थी, गार्ड प्रशिक्षित कमांडाे है, निशाने पर मारता तो जरूर लगती

रिश्वत लेते पकड़े गए रायसिंहनगर के तत्कालीन एएसपी अमृतलाल जीनगर की गिरफ्तारी के दौरान हुई फायरिंग मामले में अब श्रीगंगानगर पुलिस व जयपुर एसीबी टीम आमने-सामने हाे गए हैं। एसीबी टीम में शामिल सीकर डीएसपी जाकिर अख्तर का दावा था कि वे परिचय देने के बाद ही एएसपी जीनगर के आवास में घुसे थे।

वहां एएसपी के गार्ड जवाहरलाल ने एसीबी टीम पर पिस्टल से फायर किया था और गोली ऊपर से गुजर गई थी। जाकिर अख्तर ने बकायदा गार्ड के खिलाफ श्रीगंगानगर पुलिस को परिवाद भेजा था, जिसकी जांच श्रीगंगानगर एएसपी सहीराम बिश्नोई को सौंपी गई थी। एएसपी बिश्नोई ने जांच में डीएसपी जाकिर अख्तर के दोनों आरोपों को झूठा पाते हुए कहा है कि गार्ड ने वह फायर एसीबी पर नहीं, बल्कि हवा में किया था।

एएसपी का कहना है कि वह गार्ड हथियार चलाने का प्रशिक्षित कमांडो है। यदि वह गोली मारता तो उसका निशाना चूकता नहीं। इसके साथ ही एएसपी ने कमांडो को क्लीनचिट दे दी है। यह रिपाेर्ट उन्होंने एसपी को सौंप दी है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एसीबी टीम ने एएसपी के घर में घुसने के दौरान अपने परिचय पत्र नहीं दिखाए थे।

इसी से वहां भ्रम पैदा हो गया। उनके घुसने के बाद गार्ड ने ही पुलिस थाने में फोन कर जाब्ते को यह कहकर बुलाया था कि बंगले में अनजान लोग घुस आए हैं। इस बारे में डीएसपी जाकिर अख्तर का कहना है, रायसिंहनगर एएसपी आवास पर जो घटना घटी थी। परिवाद में मैंने उसका ही जिक्र किया था। स्थानीय पुलिस ने जांच में क्या पाया, इसकी जानकारी मुझे नहीं है।

पुलिस रिपोर्ट- एसीबी ने पहचान दस्तावेज ही नहीं दिखाए, इसी से हुआ भ्रम

एसीबी का आरोप

एएसपी गालियां निकालते हुए चिल्ला रहे थे,इनकाे गाेली माराे, ये एसीबी वाले फर्जी हैं - जाकिर अख्तर: मैंने एएसपी अमृतलाल जीनगर के सरकारी आवास पर डयूटी में तैनात गार्ड काे नींद से जगाकर बताया कि हम एसीबी टीम से हैं। अपने साब काे जगाओ। वह गेट से करीब 50 फीट अंदर एसीबी के क्वार्टर तक गया। मैं और मेरी टीम सदस्य भी उसके साथ अंदर तक गए। घंटी बजने पर एएसपी खुद उठकर बाहर आए।

तब मैने उनकाे पूरा परिचय दिया और यह निवेदन किया कि आप हमारे साथ श्रीगंगानगर चलिए। वे हमारे साथ चलकर बाहर गेट तक आ गए। जब गाड़ी में बैठने काे कहा तब उन्हाेंने हम पर चिल्लाना शुरू कर दिया। वे हमें गालियां निकालते रहे और अपने गार्ड से कहा कि ये एसीबी वाले फर्जी हैं, इनकाे गाेली माराे।

मेरा रिवाॅल्वर लेकर आओ। उनके उकसाने पर गार्ड ने हम पर हिट फायर किया। यह फायर हमारे ऊपर से हाेकर निकल गया। शोर शराबा होने पर आरोप एएसपी की पत्नी, लड़का, दो बेटियां हाथों में पत्थर व डंडे लेकर बाहर आ गए और उनके साथ मारपीट करने लग गए। इसका फायदा उठा एएसपी वहां से भाग गए, जिन्हें बाद में स्टोर से पकड़ा गया।

पुलिस की जांच रिपोर्ट

गार्ड की तीन दिन पहले ही पाेस्टिंग,वह प्रशिक्षित कमांडाे,मारना हाेता ताे निशाना नहीं चुकता: डीवाईएसपी जाकिर अख्तर के परिवाद श्रीगंगानगर एएसपी सहीराम बिश्नाेई काे दिया गया। उन्हाेंने विभागीय जांच की। जांच के दाैरान उन्हाेंने पाया कि एएसपी अमृतलाल जीनगर के घटना के समय गार्ड तैनात जवान तीन दिन पूर्व ही वहां डयूटी पर तैनात किया गया था।

वह हथियार चलाने का पूरा प्रशिक्षित कमांडाे है। अगर उसने एसीबी टीम में से किसी काे जान से मारना हाेता ताे उसका निशाना चूकता नहीं। उसने केवल एसीबी टीम काे डराने और एएसपी जीनगर के आदेश मानते हुए हवा में फायर किया था। गार्ड काे एएसपी द्वारा मांगी गई रिश्वत के मामले का पता नहीं था।

उसने बयान दिए हैं कि वह शुरू में एसीबी टीम काे पहचान नहीं पाया। टीम के साथ न ताे स्थानीय पुलिस थी न ही वीडियाेग्राफी हाे रही थी। एसीबी टीम ने उसकाे पहचान के ताैर पर काेई दस्तावेज भी नहीं दिखाए थे। उसी ने थाने में फाेन कर सूचना दी कि कुछ अनजान लाेग काेठी में आ गए हैं। इस सब तथ्याें के आधार पर गार्ड कांस्टेबल की भूमिका इस मामले में किसी तरह से नहीं पाई गई है।

मुकदमे की जांच हनुमानगढ़ चाैकी प्रभारी एएसपी गणेशनाथ काे, पूरी पत्रावली तलब की गई

दर्ज मुकदमे में कार्रवाई के बदले एक लाख रुपए रिश्वत लेने के आराेप में गिरफ्तार किए गए एएसपी अमृतलाल जीनगर और दलाल 59 एफ निवासी अनिल बिश्नाई के मामले के जांच अधिकारी नियुक्त कर दिए गए हैं। एसीबी मुख्यालय ने हनुमानगढ़ चाैकी प्रभारी एएसपी गणेशनाथ सिद्ध काे इस मुकदमे का जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।

उन्हाेंने मामले की पत्रावली भी तलब कर ली है। इधर, गिरफ्तार किए गए एएसपी अमृतलाल जीनगर ने अभी तक एसीबी मामलाें की स्थानीय विशेष अदालत में भी जमानत के लिए याचिका नहीं लगाई है। वह 4 अगस्त शाम से केंद्रीय कारागृह में बंद है। उसके साथ पकड़े गए दलाल अनिल बिश्नाेई ने उसी दिन जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी। इसे न्यायालय ने बाद में सुनवाई के दाैरान खारिज करदी थी। उसने अभी ऊपरी अदालत में याचिका दाखिल नहीं की है।

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