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पुलिस भर्ती:पुलिसवाला आशु; ऑनलाइन क्लासेज लगा युवाओं को दी फ्री कोचिंग फिजिकल की भी तैयारी करवाई, नतीजा सैकड़ों युवा बने कांस्टेबल

श्रीगंगानगर24 दिन पहलेलेखक: परमगीत शर्मा
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अगर किसी चीज को दिल से चाहो तो पूरी कायनात उससे तुम्हें मिलाने में जुट जाती है। इसका सटीक उदाहरण है आशु चौहान। आशु राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल है। आशु ने 2017 में एक सपना देखा था कि राजस्थान के हर थाने में उसके पढ़ाए युवा कांस्टेबल हों और उसकी पहचान प्रदेश में सबसे ज्यादा कांस्टेबल देने वाले युवा के रूप में हो। इसके लिए आशु ने पुलिस भर्ती के दौरान दिन-रात युवाओं को ऑनलाइन क्लासेज के जरिए पढ़ाया।

जब हजारों युवा लिखित परीक्षा में पास हुए तो फिजिकल की तैयारी भी बीकानेर के करणीसिंह स्टेडियम में करवाई। सुखद यह रहा कि इन युवाओं ने अब पुलिस की ज्वानिंग भी कर ली। आशु मूल रूप से श्रीगंगानगर के लालगढ़ गांव का है और इस वक्त बीकानेर तीसरी बटालियन आरएसी में नियुक्त है। आइए जानिए आशु की पूरी कहानी

2016 में पुलिस में भर्ती हुआ, खुद का चैनल बनाया, अब लाखों युवा करते हैं फाॅलो

^2016 में मैं 21 साल की उम्र में पुलिस में भर्ती हुआ। ट्रेनिंग के बाद पोस्टिंग अजमेर में मिली। 2018 में पुलिस भर्ती थी। कई युवा ऐसे थे, जो आिर्थक अभाव में कोचिंग की हजारों रुपए की फीस नहीं भर सकते थे, लेकिन उन्होंने पुलिस में आना था। फिर मेरे मन में विचार आया कि मैं ही इन युवाओं को तैयारी करवाऊं। इसके लिए मैंने अजमेर में ही एक कोचिंग संस्था से बात की। वहां मैंने निशुल्क पढ़ाने की शुरुआत कर दी। शर्त यह रखी कि जरूरतमंद परिवारों के बच्चों से फीस नहीं ली जाएगी। इसके बाद तो जैसे बच्चे मुझसे जुड़ ही गए।

फिर 2019 में पोस्टिंग झुंझनू हो गई। फिर मैंने खुद का यू-ट्यूब चैनल बनाया, जिसका नाम आशु जीके रखा। 2019 में ही राजस्थान पुलिस कांस्टेबल की सूचना जारी हुई। मैंने ड्यूटी के दौरान रोजाना 2 से 3 घंटे युवाओं की ऑनलाइन क्लास लगाई। छुट्‌टी के दिन 10 घंटे पढ़ाता था। मेरी ऑनलाइन क्लास में संपूर्ण जीके था। मेरे चैनल को लगभग 3 लाख युवाओं ने फाॅलो किया था। नतीजा, इस बार की पुलिस भर्ती में मेरे द्वारा पढ़ाए गए सैकड़ों अभ्यर्थियों का चयन हुआ। इसके बाद फिजिकल की तैयारी भी करवाई। अभी भी हर रोज ऑनलाइन क्लासेज लगा रहा हूं। मेरे इस कार्य में पुलिस लाइन में आरआई विजयपाल सिंह बिश्नोई का बड़ा सहयोग रहता है। जैसा कि आशु चौहान ने बताया।

फिजिकल की तैयारी करते युवा व इनसेट में आशु। आशु ने जरूरतमंदों बच्चों की पढ़ाई और भीलवाड़ा में शहीद हुए पुलिसकर्मियों के लिए 21000-21000 रुपए भी डोनेट किए हैं। आशु का कहना है कि मेरी कलम कमजोर और जरूरतमंद के आंसू पोंछ़ने और विकास के अंतिम छोर पर खड़े युवाओं को संबल देने के लिए चले। ये मेरा आत्मिक प्रयास रहा है और हमेशा रहेगा।

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