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बकरीद:घरों में ही पढ़ी नमाज, कोरोना वायरस के खात्मे की दुआएं मांगीं

श्रीगंगानगर14 दिन पहले
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  • मुस्लिम समाज के लाेगाें ने नमाज के बाद गरीबों को फितरा व जकात दिया, कुर्बानी की दावत दी

बकरीद का त्योहार शनिवार काे उत्साह के साथ मनाया गया। लेकिन कोरोना महामारी के कारण मुस्लिम समाज के लोगों ने घरों में ही नमाज पढ़ी। इस दौरान कोरोना नियमों का पूरा पालन किया गया। फिजिकल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा और मास्क लगाया। नमाज पढ़ने के बाद लोग एक-दूसरे से गले नहीं मिले और दूरी बनाकर त्याेहार की बधाई दी। इस बार लाेग ईदगाह में नहीं गए और मस्जिद में भी इमाम सहित कम लाेगाें ने नमाज अदा की।

इससे पहले हर साल ईदगाह पर हजाराें की संख्या में लाेग एकत्रित हाेकर नमाज अदा करते थे और एक दूसरे काे गले लगकर पर्व की बधाई देते थे। लेकिन इस बार ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। इस बार सभी लाेगाें ने अपने-अपने घराें में कोरोना वायरस के खात्मे के लिए दुआ मांगी।

सुरक्षा के मद्देनजर मस्जिदों के बाहर पुलिस बल निगरानी रखे हुए था। ईद की नमाज से पहले आलिमाें ने तकरीर करके फितरा व जकात के बारे जानकारी देकर इंसान काे सही रास्ते पर चलने का आह्वान किया। इसके बाद घर-घर में कुरबानी की दावत दी। ऐसी दावत तीन दिन तक चलेगी।

बकरीद सच्चाई की राह में सबकुछ कुर्बान कर देने का संदेश देती है

जामा मस्जिद के इमाम मुफ्ती एमएचएफ कासमी ने लोगों से अपील की थी कि सरकार की गाइडलाइन को देखते हुए बकरीद सादगी से मनाएं। फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करें, अनावश्यक कहीं भीड़ न एकत्रित होने दें। उन्होंने कहा कि बकरीद सच्चाई की राह में अपना सबकुछ कुर्बान कर देने का संदेश देती है। घरों में नमाज अदा करने वालों में जिया अब्बास नकवी, रजा अब्बास नकवी, इबादत हुसैन, माेहम्मद तालिब नकवी, शनावर अली, रियाज, तंजील फैजी, रूबी फातमा, नरगिश फातमा आदि शामिल थे।

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