मंडियाें में कपास की आवक शुरू:उत्पादन कम, खुली नीलामी पर एमएसपी से रुपए 1726 अधिक भाव पर बिक रही कपास

श्रीगंगानगर2 महीने पहले
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  • भावाें में तेजी के चलते इस बार सरकार काे एमएसपी पर कपास मिलने की उम्मीद कम ही है

जिले की मंडियाें में कपास की नई फसल की आवक शुरू हाे चुकी है। कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5726 रुपए है। इन दिनाें कपास की नई फसल मंडियाें में एमएसपी से 1726 रुपए प्रति क्विंटल तक के अधिक भावाें पर बिक रही है। भावाें में तेजी के चलते इस बार सरकार काे एमएसपी पर कपास मिलने की उम्मीद कम ही है। व्यापारी भावाें में तेजी कारण कपास की बुवाई व उत्पादन गत वर्ष से कम हाेना व अच्छी डिमांड काे मान रहे हैं।

जिले में इस बार 1.45 लाख हैक्टेयर में किसानाें ने कपास की फसल बाेई है। अब कपास की फसल पकने के साथ ही बाजार में आवक शुरू हाे गई है। कपास की बुवाई के समय में सिंचाई पानी की कमी के चलते किसानाें ने गत वर्ष से इस बार 36588 हैक्टेयर में कम बुवाई की है। इसके कारण उत्पादन भी इस बार लगभग 1458112 क्विंटल कम हाेने की उम्मीद है। व्यापारियाें की मानें ताे कपास का बुवाई क्षेत्र कम हाेने से उत्पादन भी इस बार कम है तथा कपास की मांग अच्छी है।

इस कारण भावाें में तेजी है तथा व्यापारी न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर के भावाें पर कपास खरीद रहे हैं। श्रीगंगानगर मंडी के व्यापारियाें के अनुसार इस बार सरकार काे एमएसपी पर कपास मिलने की उम्मीद कम है।

श्रीगंगानगर नई धानमंडी में इन दिनाें 500 से 700 क्विंटल कपास की आवक हाे रही है तथा 6025 से 7452 रुपए प्रति क्विंटल के भावाें पर बिक रही है। व्यापारियाें ने बताया कि आने वाले दिनाें में कपास की आवक बढ़ेगी, लेकिन सात हजार रुपए प्रति क्विंटल के आसपास ही रहने की उम्मीद है।

जिले में कपास बुवाई व उत्पादन की स्थिति

गत वर्ष कपास का बुवाई क्षेत्र- 181588 हैक्टेयर, उत्पादन-4356112 क्विंटल इस बार कपास का बुवाई क्षेत्र- 145000 हैक्टेयर, उत्पादन- 2900000 क्विंटल जिले में गत वर्ष से कपास का बुवाई क्षेत्र कम 36588 हैक्टेयर जिले में गत वर्ष से कपास का उत्पादन कम 1458112 क्विंटल

एक्सपर्ट व्यू-

जीआर मटाेरिया, संयुक्त निदेशक कृषि श्रीगंगानगर।

कपास की क्वालिटी कमजाेर

कपास के पास के समय में बारिश के कारण क्वालिटी प्रभावित हुई। हमारे यहां मध्यम रेशे की कपास हाेती है। बेमाैसम बारिश से कपास में पीलापन आ रहा है। गत वर्ष 6 क्विंटल प्रति बीघा कपास का उत्पादन हुआ था, लेकिन इस बार औसतन पांच क्विंटल प्रति बीघा ही उत्पादन है। जिले में इस बार 29 से 30 लाख क्विंटल कपास उत्पादन की संभावना है। ​​​​​​​

हमारी कपास की गुजरात व पंजाब की कपड़ा मिलाें में डिमांड ज्यादा

श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ जिलाें में मध्यम रेसे की कपास हाेती है। हमारी कपास की राजस्थान के भीलवाड़ा व पंजाब तथा गुजरात राज्याें में डिमांड अच्छी है। यहां के काॅटन व्यापारी यहां से कपास खरीदकर कपड़ा मिलाें में भेजते हैं। हर साल 12 से 13 लाख गांठ दाेनाें जिलाें से कपास अन्य राज्याें की मिलाें में भेजी जाती है। इस बार रेशा कमजाेर है, लेकिन मांग अच्छी हाेने के कारण भावाें में तेजी है। आदित्य चितलांगिया, काॅटन व्यापारी श्रीगंगानगर।

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