किन्नू का प्रोडक्शन कम, डिमांड ज्यादा:श्रीगंगानगर में 20 से 36 रुपए किलो में बिक रहा, ग्रेडिंग, वैक्सिंग वाली क्वालिटी महंगी

श्रीगंगानगर4 महीने पहले
श्रीगंगानगर में बिक रहा किन्नू।

पिछले दिनों 345 टन किन्नू बांग्लादेश भेजने के बाद लोकल मार्केट की डिमांड पूरी करने की तैयारी की जा रही है। श्रीगंगानगर मंडी में हर दिन करीब आठ टन किन्नू आ रहा है। इनमें पचास प्रतिशत पर वह किन्नू है जिसे एक्सपोर्ट के लायक नहीं माना गया है और जो ग्रेडिंग और वैक्सिंग प्लांट पर भी नहीं गया है। यानी इस किन्नू को सीधे खेत से बाजार में लाया जा रहा है। इस किन्नू में चमक कम है लेकिन इसी के अनुसार इसके भाव भी बाहर भेजे जाने वाले किन्नू से कम है। प्रोडक्शन कम होने और डिमांड ज्यादा होने से इसके भाव तेज हैं। जिले में इस साल महज डेढ लाख मीट्रिक टन किन्नू का उत्पादन हुआ है। पिछले साल यह इससे दो गुना के करीब था।

कम प्रोडक्शन का असर बाजार पर

किन्नू के कम प्रोडक्शन का असर बाजार पर नजर आ रहा है। अभी बाजार में बेहद कम किन्नू आया है। पिछले वर्ष जहां किन्नू आठ से दस रुपए प्रति किलो में मिल रहा था, वहीं इस बार प्रोडक्शन कम होने से यह बीस से छत्तीस रुपए तक पहुंच गया है। फल-सब्जी मंडी समिति अध्यक्ष किशन वधवा बताते हैं कि अभी बाजार में आठ टन तक किन्नू हर दिन आ रहा है। इसमें पचास प्रतिशत अच्छी क्वालिटी का है। शेष वह किन्नू है जिसकी क्वालिटी कमजोर है तथा इसे लोकल मार्केट में बेचा जाता है।

सब्जी मंडी समिति के पूर्व अध्यक्ष जीएस खनूजा बताते हैं कि अभी प्रोडक्शन कम है। स्थानीय बाजार की मांग पूरी करने का प्रयास करते हैं लेकिन इसमें भी बड़ा हिस्सा देश के अलग-अलग हिस्सों बैगलुरु, महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली आदि की मांग पूरी करने में लग जाता है। इसमें ज्यादातर वह प्रोडक्शन जाता है जो अच्छी क्वालिटी का हो। ऐसे में स्थानीय बाजार में इस साल काफी कम प्रोडक्शन मिल पाया है।

बाजार में बिना ग्रेडिंग-वैक्सिंग आ रहा किन्नू
​​​​​​किन्नू संघ के सचिव श्याम बगड़िया बताते हैं किन्नू के प्रोडक्शन की बात करें तो स्थानीय बाजार में बड़े साइज के किन्नू की मांग रहती है। कम भाव में किन्नू चाहने वाले बिना वैक्सिंग और ग्रेडिंग के इसे ले लेते हैं । इससे उन्हें किन्नू सस्ते दाम में मिल पाता है। शेष वैक्सिंग किया हुआ किन्नू महंगे दाम में देश के अलग-अलग हिस्सों में बिकता है।