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समस्या:बारिश से शहर में और हाईवे पर पानी भरा, दोपहर बाद निकला

श्रीगंगानगर12 दिन पहले
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शहर में बुधवार हुई बारिश से कई जगहाें पर पानी ताे भरा लेकिन कुछ ही समय बाद सड़कें खाली भी हाे गईं। इसका बड़ा कारण नाले-नालियाें की सफाई करवाया जाना बताया जा रहा है। सुबह बारिश के बाद पुरानी आबादी में टावर रोड, सब्जी मंडी रोड, उदाराम चौक को जाने वाली मुख्य सड़क, रविन्द्र पथ, ब्लॉक एरिया व विनोबा बस्ती की कुछ गलियां, सेतिया कॉलोनी मेन रोड पर पानी इकट्ठा हुआ, लेकिन महज आधे से एक घंटे के दरमियान सड़कें खाली भी हाे गईं।

बरसात के कारण नगरपरिषद के पास वाले व मल्टीपर्पज स्कूल के सामने वाले रेलवे अंडर पास में भी पानी भर गया। ऐसे में इन दोनों अंडरपास से आवजाही करने वाले वाहन चालकों को परेशानी हुई। रविंद्र पथ पर वाटर हार्वेस्टिंग कचरे से अटा पड़ा है। बारिश हाेने के बाद कचरा निकलकर सड़क पर आ गया।

सीवरेज प्रभावित एरिया में पानी ताे भरा लेकिन कहीं से भी सड़कें बैठने या अन्य परेशानी जैसी बात सामने नहीं आई। आरयूआईडीपी एसई आशीष गुप्ता का कहना है कि बारिश के माैसम काे देखते हुए विभागीय अधिकारियाें काे निर्देशित किया जा चुका है कि वे लगातार शहर में हाे रहे सीवरेज कार्य की माॅनिटरिंग करें।

शिकायत प्राप्त हाेते ही तुरंत निस्तारण में जुट जाएं। वहीं, एलएंडटी काे भी निर्देशित किया जा चुका है कि पहले पेंडिंग कार्य काे जल्द से जल्द पूरा करे। बारिश के सीजन काे देखते हुए एक बार के लिए नया काम शुरू नहीं करने के लिए भी कहा गया है।

सूरतगढ़ राेड व हनुमानगढ राेड पर सड़क किनारे पानी रात तक जमा था

सूरतगढ़ राेड व हनुमानगढ राेड पर सड़क किनारे पानी एकत्रित हाे गया। स्थानीय लाेगाें का कहना है कि हर बार यही स्थिति रहती है। बारिश के बाद कई-कई दिनाें तक पानी एकत्रित रहता है। इस वजह से सड़क क्षतिग्रस्त हाे जाती है।

पिछले एक साल से 25 कराेड़ की लागत से सीसी व पेवर सड़क बनाए जाने की याेजना चल रहा है, लेकिन काम आज तक शुरू नहीं हुआ। हनुमानगढ़ मार्ग पर नाली सड़क से ऊंची है ताे सूरतगढ़ राेड पर डिवाइडर के एक तरफ नाला ही नहीं है। बारिश के बाद नगरपरिषद व यूआईटी ने अपने-अपने क्षेत्राधिकार में नाले नालियाें की फिर से सफाई करवाना शुरू कर दिया है।

प्लास्टिक की थैलियों से नाले हाे रहे बंद: सचिव

यूआईटी सचिव डाॅ. हरीतिमा का कहना है कि सूरतगढ़ राेड पर मुख्य नाले की हर सप्ताह सफाई करवाई जाती है। लेकिन सभी के लिए हैरानी की बात यह रहती है कि नाला सफाई के कुछ ही दिनाें में वापस थैलियां सहित अन्य वेस्ट से पुन: भर जाता है। शहर के अधिकतर नाले-नालियाें के चाॅक हाेने का कारण भी प्लास्टिक की थैलियां ही है। नगरपरिषद आयुक्त सचिन यादव का कहना है कि शहर में गंदगी फैलाने वालाें पर परिषद की ओर स कार्रवाई की जा रही है।

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