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R A S रीतू, अंशु, सुमन:भैरूसरी की 3 बहनों का आरएएस में चयन; 5वीं के बाद स्कूल नहीं गई, घर पर ही रहकर की पीएचडी तक पढ़ाई

श्रीगंगानगर16 दिन पहले
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  • किसान परिवार में 5 बेटियां और सभी आरएएस, एक बीडीओ तो दूसरी सहकारिता में

हनुमानगढ़ का एक छोटा सा गांव है भैरूसरी। यहां की तीन बहनों का आरएएस में चयन हुआ है और संयोग देखिए, तीनों के नाम में पहले से ही आरएएस लगा है। आर- रीतू, ए-अंशु व एस-सुमन। तीनों किसान परिवार से संबंध रखती हैं और तीनों ही पांचवीं कक्षा के बाद कभी स्कूल नहीं गई। कारण, गांव में स्कूल नहीं था और किसान पिता सहदेव के पास भी इतने रुपए नहीं थे कि वे तीनों बेटियों को बड़े स्कूल में पढ़ा सकें।

लिहाजा, बहनों ने आपस में एक-दूसरे की मदद कर घर पर ही रहकर नेट व जेआरएफ तक पढ़ाई पूरी की। सहदेव सहारण की पांच बेटियां हैं और पांचों ही सरकारी सेवा में हैं। इनमें एक अभी झुंझुनूं में बीडीओ हैं तो एक सहकारी सेवा में। अब तीन बहनें आरएएस में चुनी गई हैं। यह परिवार उन परिवारों के लिए भी एक प्रेरणा है, जो बेटियों को बोझ मानते हैं। सहारण कहते हैं, मैंने बेटियों को कभी पढ़ने से नहीं रोका।

बहनें बोलीं-बेटियों को आगे बढ़ाएंगे

दरअसल, किसान सहदेव सहारण की तीन बेटियां रितू, सुमन और अंशु सहारण ने यह सफलता दूसरे प्रयास में प्राप्त की है। अंशु ओबीसी गर्ल्स 31, रीतू 96 एवं सुमन ने 98 वीं रैंक हासिल की है। सबसे बड़ी बहन मंजू सहारण का चयन 2012 में सहकारिता विभाग में हुआ। वहीं, 11 साल पहले रोमा सहारण का आरएएस में चयन हुआ, जो झुंझुनूं के सूरजगढ़ में बीडीओ के पद पर कार्यरत हैं।

मंगलवार को जब परिणाम आया तो बाकी तीन बहनों का भी एक साथ आरएएस में चयन हुआ। इससे परिजनों और ग्रामीणों में खुशी छा गई। ठेठ ग्रामीण क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाली पांचों बहनों की कहानी कुछ अलग ही है। पांचों ने कक्षा 5 वीं तक पढ़ाई स्कूल जाकर पूरी की। मगर 6वीं से 12वीं, ग्रेजुएशन, नेट जेआरएफ व पीएचडी तक की पढ़ाई प्राइवेट कर यह मुकाम हासिल किया है।

तीनों बहनों ने इस सफलता का श्रेय पापा सहदेव सहारण, मां लक्ष्मी देवी सहारण को दिया है। उनका कहना है कि हम सभी बहनें बेटियों को आगे लाने का काम करेंगे। रोमा सहारण ने बताया कि गांव के नजदीक स्कूल नहीं था। पापा पर पांच बहनें एवं एक भाई की पढ़ाई का जिम्मा था, इसलिए वो नियमित पढ़ाई नहीं करवा पाए। सभी बहनों ने घर पर रहकर आपस में ही नोट्स तैयार कर यह मुकाम हासिल किया है।

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