पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

फाइनेंशियल बिड खुली:आत्मनिर्भर श्रीगंगानगर; पहले चरण का मेडिकल कॉलेज 71.80 करोड़ में शहर की ही फर्म बनाएगी

श्रीगंगानगर15 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • अब आरएसआरडीसी टेंडर अप्रूव्ड कर इसी माह वर्कऑर्डर जारी करेगी

सरकारी मेडिकल कॉलेज के पहले चरण के भवन का निर्माण श्रीगंगानगर की ही फर्म करेगी। पहले चरण के भवन निर्माण के टेंडर की फाइनेंशियल बिड मंगलवार को जयपुर स्थित निर्माण एजेंसी राजस्थान स्टेट रोड डवलपमेंट एंड कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (आरएसआरडीसी) ने खोल दी। इसमें श्रीगंगानगर की फर्म मैसर्स रमेश कुमार बंसल ने अनुमानित रेट 73.60 करोड़ रुपए से 2.44 प्रतिशत कमी के साथ 71.80 करोड़ रुपए रेट दिया।

चार निर्माण फर्मों ने टेंडर में हिस्सा लिया था। इसमें तीन के रेट एस्टीमेट से 7.92 प्रतिशत से 23.85 प्रतिशत तक ज्यादा थे। सबसे कम रेट होने पर मैसर्स रमेश कुमार बंसल को ही टेंडर स्वीकृत कर वर्क ऑर्डर दिया जाएगा। अब उम्मीद जताई जा रही है कि अगले 20 दिनों में आरएसआरडीसी के उच्चाधिकारी टेंडर अप्रूव्ड कर वर्क ऑर्डर जारी कर देंगे। फाइनेंशियल बिड खुलने के साथ ही अब मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास करवाने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को बुलाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
4 फर्में थी इस दौड़ में, 2.44% कम रेट पर लिया टेंडर
जिन चार निर्माण फर्मों ने टेंडर में हिस्सा लिया। इसमें मैसर्स रमेश कुमार बंसल ने 2.44 प्रतिशत कमी के साथ 71.80 करोड़ रुपए, जेसीसी इन्फ्रा प्रोजेक्ट ने रेट 7.92 प्रतिशत ज्यादा 79.43 करोड़ रुपए, पटेल इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने 23.85 प्रतिशत ज्यादा 91.16 करोड़ रुपए और मैसर्स सोम प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने 21.21 प्रतिशत ज्यादा 89.21 करोड़ रुपए रेट दिए थे।

आरएसआरडीसी के प्रोजेक्ट मैनेजर बीएस स्वामी के अनुसार टेंडर शर्तों के अनुसर सबसे रेट होने की वजह से मैसर्स रमेश कुमार बंसल को ही वर्क ऑर्डर जारी किया जाएगा। इसके बाद मई अंत तक काम शुरू होने की उम्मीद है।
325 करोड़ रुपए का प्राेजेक्ट
केंद्र की 195 और राज्य की 130 करोड़ रुपए हिस्सेदारी:
मेडिकल कॉलेज प्रोजेक्ट 325 करोड़ रुपए का है। इसमें केंद्र सरकार की 60 प्रतिशत और राज्य सरकार की 40 प्रतिशत हिस्सेदारी है। मेडिकल काॅलेज निर्माण के बजट में केंद्र सरकार 195 करोड़ रुपए और राज्य सरकार 130 करोड़ रुपए देगी। दूसरे चरण के टेंडर डीपीआर फाइनल होने के बाद लगाए जाएंगे जो 9 बीघा जमीन सुपुर्द किए जाने के बाद ही फाइनल होगी।

पहले आठ मंजिला बनेगा भवन, चार हास्टल भी बनेंगे
पहले चरण में कॉलेज का प्रशासनिक भवन, चार हॉस्टल और सहायक कर्मियों के लिए क्वार्टर बनेंगे। सेमिनार हाल और लेक्चर थिएटर्स बनाएं जाएंगे। काॅलेज के भवन की अधिकतम उंचाई भूतल के अलावा आठ मंजिला होगी। इसमें 25600 वर्ग मीटर में जी प्लस 4 ऊंचाई में एकेडमिक भवन, 11707 वर्गमीटर में 305 कमरों का जी प्लस 8 ऊंचाई में ब्वायज हॉस्टल, 6400 वर्ग मीटर में 147 कमरों का जी प्लस 8 ऊंचाई में में गर्ल्स हॉस्टल, 6068 वर्गमीटर में 80 कमरों का जी प्लस 5 ऊंचाई में रेजिडेंट हॉस्टल व 3500 वर्गमीटर में 76 कमरों का इंटर्न हॉस्टल बनेगा। फिलहाल मेडिकल स्टाफ के लिए क्वार्टर सद्भावना नगर में चिन्हित की गई 9 बीघा अतिरिक्त जमीन पर बनाना प्रस्तावित है।

18 माह में पूरा हो जाएगा पहले चरण का काम: विधायक गौड़
विधायक राजकुमार गौड़ के अनुसार फाइनेंशियल बिड खुलने के साथ ही मेडिकल काॅलेज की निर्माण की फर्म लगभग तय हो गई है। विधायक गौड़ के अनुसार उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रमुख सचिव कुलदीप रांका और चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख शासन सचिव वैभव गालरिया से वार्ता कर मेडिकल काॅलेज का निर्माण जल्द शुरू करने और तेज गति से करवाने की मांग की है।

निर्माण फर्म के प्रतिनिधियों से भी बातचीत करते हुए विधायक ने उनसे निर्माण कार्य वर्क ऑर्डर मिलते ही शुरू करने को कहा है। विधायक ने मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र भेजा है कि मेडिकल कॉलेज श्रीगंगानगर जिले का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। इसका शिलान्यास मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से करवाया जाना चाहिए।

इसके लिए अगले दिनों में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात कर उनसे श्रीगंगानगर आने का आग्रह भी किया जाएगा। विधायक गौड़ के अनुसार काॅलेज का पहले चरण का भवन अगले 18 महीनों में तैयार करना होगा। इससे इलाके की जनता को बड़ा फायदा मिलेगा।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- आज आप किसी विशेष प्रयोजन को हासिल करने के लिए प्रयासरत रहेंगे। घर में किसी नवीन वस्तु की खरीदारी भी संभव है। किसी संबंधी की परेशानी में उसकी सहायता करना आपको खुशी प्रदान करेगा। नेगेटिव- नक...

    और पढ़ें