पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

कोरोना में बिखर गया:कोरोना से बहन की मौत, अगले दिन भाई ने दम तोड़ा, रात 11 बजे अंतिम संस्कार

श्रीगंगानगर9 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
श्रीगंगानगर. पदमपुर रोड कल्याण भूमि में संस्कार करवाने पहुंचा बेटा। - Dainik Bhaskar
श्रीगंगानगर. पदमपुर रोड कल्याण भूमि में संस्कार करवाने पहुंचा बेटा।
  • ; एक सदस्य की यहां अस्पताल के कोविड वार्ड में मौत, एक की रविवार को बीकानेर में हुई थी

आप उस परिवार के दुख का अंदाजा लगाइए, जिनके घर में 24 घंटे में कोरोना से दो मौतें हो गई। अब उस परिवार में महज एक ही सदस्य बचा है। इससे भी बड़ी बदनसीबी, सोमवार रात मौत होने के बाद परिवार शव को अपने घर सूरतगढ़ भी नहीं ले जा सका। रात 11 बजे पदमपुर रोड कल्याण भूमि खुलवाकर यहीं संस्कार करवाया।

ये परिवार है सूरतगढ़ का मांगीलाल छिंपा का। छिंपा की बहन करीब 20 दिन पहले पॉजिटिव हुई थी। तबीयत बिगड़ी तो उसे बीकानेर रेफर किया। वहां रविवार को उसकी मौत हो गई। दूसरी ओर, मांगीलाल छिंपा भी पॉजिटिव होने के बाद 3 दिन से श्रीगंगानगर अस्पताल में भर्ती था। यहां सोमवार रात उसकी भी मौत हो गई। अब परिवार में मांगीलाल का बेटा धीरज बचा है।

हम सूरतगढ़ के रहने वाले हैं। मेरी बुआ चंपादेवी भी सूरतगढ़ में ही रहती है। बुआ को 20 दिन पहले कोरोना हुआ था। कोरोना से ज्यादा हालात बिगड़ी तो बीकानेर रेफर करना पड़ा। बीकानेर में 15 दिन से इलाज चल रहा था। पिता मांगीलाल छिंपा की भी 3 दिन पहले रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। मुझ पर तो मानाे गाज ही गिर गई। मां पहले से नहीं है। उनकी 2012 में मृत्यु हो गई थी। मेरे सिर पर तो बुआ और पापा का ही साया था। पापा को 3 दिन पहले जिला अस्पताल में भर्ती करवाया था। रविवार को दुखद खबर आई कि बीकानेर में बुआ चंपादेवी की मौत हो गई। यह खबर हमने पिता को नहीं बताई।

पिता मांगीलाल बुआ से बार-बार मिलने की जिद कर रहे थे। इस पर हम सोमवार को पिता को सूरतगढ़ ले गए। वहां बुआ के बारे में पता चला तो उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई। हम उनको तुरंत श्रीगंगानगर ले आए, जहां रात में उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने से मौत हो गई। 24 घंटे में परिवार में एक के बाद एक दो मौत होने से पूरे परिवार सहम गया। पिता के शव को सूरतगढ़ भी नहीं ले जा सकते थे। इसलिए तपोवन ट्रस्ट के अध्यक्ष महेश पेड़ीवाल को फोन कर जिला अस्पताल बुलाया। फिर अपनी सारी स्थिति से उनकाे अवगत करवाया। उन्होंने कल्याण भूमि को रात 11 बजे खुलवा पिता का अंतिम संस्कार करवाया। जैसा कि मांगीलाल छिंपा के पुत्र धीरज ने बताया

अस्पताल की लापरवाही: सूरतगढ़ जा आया रोगी, किसी को पता नहीं
इस पूरे मामले में अस्पताल प्रशासन की भी बड़ी लापरवाही सामने आई। हुआ यूं कि मांगीलाल छिंपा पॉजिटिव होने के कारण यहां कोविड वार्ड में भर्ती था। सोमवार को वह बिना किसी को बताए अपनी बहन का पता करने सूरतगढ़ चला गया। वहां से शाम 7:30 बजे श्रीगंगानगर आकर वापस भर्ती हो गया। यहां आते ही तबीयत ज्यादा बिगड़ी और रात 9 बजे मृत्यु हो गई। बताया जा रहा है कि मांगीलाल छिंपा रोडवेज बस से सूरतगढ़ गया व आया था।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव - आज की स्थिति कुछ अनुकूल रहेगी। संतान से संबंधित कोई शुभ सूचना मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। धार्मिक गतिविधियों में समय व्यतीत करने से मानसिक शांति भी बनी रहेगी। नेगेटिव- धन संबंधी किसी भी प्रक...

    और पढ़ें