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  • So Far Only 4 Dengue Patients In The District, Not A Single Death Is A Reality; 81 Out Of 82 Government Hospitals Do Not Have Testing Facility, 150+ Patients Admitted In Private

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट:अभी तक जिले में डेंगू के 4 ही मरीज, मौत एक भी नहीं हकीकत; 82 में से 81 सरकारी अस्पतालों में जांच सुविधा ही नहीं, निजी में 150+ मरीज भर्ती

श्रीगंगानगर2 महीने पहले
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तस्वीर में देखिए हकीकत: यह है सूरतगढ़ का सरकारी अस्पताल। जिसमें अिधकतर मरीज डेंगू की भर्ती है। - Dainik Bhaskar
तस्वीर में देखिए हकीकत: यह है सूरतगढ़ का सरकारी अस्पताल। जिसमें अिधकतर मरीज डेंगू की भर्ती है।
  • जिलेभर में डेंगू फैल रहा है। 82 सरकारी अस्पताल हैं। जांच सुविधा एक में है, जबकि ब्लड कंपोनेंट मशीन कहीं भी नहीं है। ऐसे में डेंगू से अपनी सुरक्षा खुद ही कीजिए। पढ़िए, भास्कर के 8 रिपोर्टरों की सरकारी अस्पतालों से चौंकाने वाली रिपोर्ट...

श्रीकरणपुर में डेंगू से सरकारी कर्मी की मौत के बाद भास्कर के 8 संवाददाताओं ने जिलेभर के सरकारी अस्पतालों में डेंगू इलाज का जायजा लिया। जो सामने आया, वो वाकई चौंकाने वाला है। जिलेभर के 82 सरकारी अस्पतालों में से 81 में डेंगू के लिए होने वाली एलाइजा जांच की सुविधा ही नहीं है। जिले के इन 81 सरकारी अस्पतालों में सैंपल लेकर एलाइजा टेस्ट के लिए जिला अस्पताल भेजे जाते हैं।

सैंपल भेजने से लेकर रिपोर्ट आने में दो से तीन दिन का समय लग जाता है। तब तक इन अस्पतालों में बुखार के भर्ती राेगियाें का लक्षणाें के आधार पर ही उपचार किया जाता है। लिहाजा, डॉक्टर बाहर से मरीज का कार्ड टेस्ट करवाते हैं और उसी रिपोर्ट पर मरीज को दवा देते हैं।

डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग का एक झूठ यह भी सामने आया कि विभाग अब तक डेंगू के 4 मरीज बता रहा है, जबकि जिले के सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में डेंगू के 150 से ज्यादा मरीज भर्ती हैं।

बुखार के मरीजाें की ओपीडी राेजाना औसतन 1500 आ रही है : जिलेभर के सरकारी अस्पतालाें में इन दिनाें बुखार के 1500 से ज्यादा मरीज आ रहे हैं। रेपिड टेस्ट के बाद ब्लड प्लेटलेट्स काउंट के आधार पर घर पर उपचार दिया जा रहा है। प्लेटलेट्स कम हाेने पर मरीजाें काे भर्ती किया जा रहा है। जिला मुख्यालय के प्राइवेट अस्पतालाें में ओपीडी राेजाना औसतन 500 मरीज पहुंच गई है।

पड़ताल }हर साल अक्टूबर से दिसंबर में डेंगू का प्रकाेप लेकिन व्यवस्थाओं में सुधार 0

1. प्राइवेट अस्पतालों में भी कार्ड टेस्ट के आधार पर ही इलाज: जिलेभर की ज्यादातर लैब में भी एलाइजा टेस्ट नहीं होते। ऐसे में निजी अस्पताल के डाॅक्टर भी कार्ड टेस्ट के लिए ही लिखते हैं। प्राइवेट डाॅक्टराें का मानना है कि कार्ड टेस्ट के परिणाम भी साै फीसदी सही हाेते हैं। कार्ड टेस्ट में रिपाेर्ट 20 से 30 मिनट में मिल जाती है, जबकि एलाइजा टेस्ट में दो से तीन घंटे लगते हैं।
2. सरकारी में एलाइजा जांच की सुविधा केवल जिला अस्पताल में: जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में एलाइजा टेस्ट की सुविधा नहीं है। अकेले जिला अस्पताल में एक मात्र मशीन से एलाइजा टेस्ट हाेता है। निजी अस्पतालों में कार्ड टेस्ट के आधार पर इलाज जारी है। एलाइजा टेस्ट फ्री है लेकिन कार्ड टेस्ट के 600 से 800 रुपए एक मरीज से वसूल किए जा रहे हैं।
3. जिला अस्पताल के हालात ब्लड कंपाेनेंट की मशीन तक नहीं: जिला अस्पताल की पैथालॉजी लैब में करीब चार साल पहले ब्लड कंपोनेंट मशीन स्थापित किए जाने की घोषणा हुई थी। जगह आवंटित कर निर्माण तक करवाया गया, लेकिन आज तक कंपोनेंट मशीन नहीं लगाई गई। खुद जिला अस्पताल में भर्ती मरीजाें काे निजी ब्लड बैंकाें से एसडीपी मंगवाकर चढ़ाया जा रहा है।
4. प्राइवेट ब्लड बैंकों से लेनी पड़ती है महंगी एसडीपी: प्राइवेट ब्लड बैंकों में इन दिनों प्रति यूनिट एसडीपी 9500 रुपए की मिल रही है। एक मरीज काे कम से कम तीन यूनिट देने ही पड़ते हैं। इस हिसाब से यह इलाज भी महंगा है और गरीब की पहुंच से बाहर की बात है। चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा याेजना में भी यह बीमारी कवर नहीं की गई है। इसलिए गरीब के लिए डेंगू बड़ी परेशानी बन रहा है।

सूरतगढ़ ओपीडी 900 पहुंची, अब तक 40 डेंगू राेगी मिले
सरकारी अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने के लिए पूर्व में रिजर्व बेड कम पड़ने लगे हैं। मंगलवार व बुधवार को क्षेत्र में 20 से अधिक डेंगू मरीज मिले। अब तक 40 डेंगू राेगी सामने आ चुके हैं। ओपीडी में प्रतिदिन 400 से अधिक बुखार के राेगी आ रहे हैं।

घड़साना }2018 में यहां फैला था डेंगू, ओपीडी 300 पहुंची
ओपीडी में औसतन 300 राेगी प्रतिदिन अा रहे हैं। इनमें 175 से 200 बुखार व जुकाम से पीड़ित राेगी हाेते हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018 में यहां डेंगू का प्रकाेप काफी फैल गया था। सीएचसी की ओपीडी प्रतिदिन 500 से पार हाे गई थी।

सादुलशहर }40 डेंगू मरीज मिले, बुखार के आ रहे 200 मरीज

सीएचसी पर अब तक एक भी डेंगू राेगी नहीं आने का दावा किया जा रहा है। लेकिन शहर के एक निजी अस्पताल में अब तक 40 डेंगू राेगी मिले हैं। शहर यहां पहला डेंगू राेगी 3 अक्टूबर काे सामने आया था। उसके बाद लगातार डेंगू राेगी सामने आ रहे हैं। इनमें से अधिकांश ठीक भी हाे चुके हैं, जबकि कुछ का उपचार चल रहा है। दूसरी ओर, सीएचसी पर प्रतिदिन की ओपीडी 700 से 800 है। इनमें अकेले बुखार के 200 हैं।

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