शिक्षा में बदलाव:ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए अब तक 62 कराेड़ घंटे प्रयाेग में लिया दीक्षा एप

श्रीगंगानगर6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • बच्चे ऑनलाइन पढ़ेंगे; मिशन ज्ञान, टॉपर व हवामहल विषय

कोविड-19 ने शिक्षा और कक्षाओं का स्वरूप भी बदल दिया है। परंपरागत पढ़ाई से हटकर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है। जहां कक्षाकक्ष में विद्यार्थी केवल पाठ्यक्रम की पढ़ाई तक सीमित थे।

वहीं, नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शिक्षा क्षेत्र में बदलाव का माध्यम बनते जा रहे हैं। राज्य सहित पूरे देश में दीक्षा पोर्टल पर विद्यार्थियों, अभिभावकों व शिक्षकों की ओर से की गई पढ़ाई व काम इस बात को साबित करते हैं कि कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई एकमात्र विकल्प रही है।

विद्यार्थी परामर्श केंद्र के समन्वयक भूपेश शर्मा ने बताया कि डिजिटल शिक्षा के लिए तैयार किया गया दीक्षा एप अब तक 62 करोड़ घंटे प्रयोग में लाया जा चुका है। जबकि कुल अधिगम सत्र 312 करोड़ से भी ज्यादा का हो चुका है।

प्रदेश का शिक्षा विभाग भी दीक्षा एप के साथ-2 स्माइल-1, स्माइल-2, आओ घर से सीखें, हवामहल, मिशन ज्ञान, टॉपर आदि विभिन्न माध्यमों से विद्यार्थियों तक ऑनलाइन शिक्षा को पहुंचा रहा है। यदि कोरोना की दूसरी लहर के कारण इस बार भी स्कूल बंद रहते हैं तो इस प्लेटफॉर्म का और मजबूत होना लाजमी है।

फैक्ट फाइल

  • पाठ्यक्रमों की कुल संख्या 2685
  • नामांकन 84610676
  • पाठ्यक्रमों की पूर्णता 68722818

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कक्षावार ई-कंटेंट अपलोड

विद्यार्थी परामर्श केंद्र के समन्वयक भूपेश शर्मा ने बताया कि दीक्षा एप पर एनसीईआरटी, सीबीएसई, एनआईओएस और आरबीएसई सहित विभिन्न राज्य बोर्डों से संबंधित डिजिटल किताबें, पाठ्यक्रम, टीवी कक्षाएं और अध्ययन सामग्री ऑनलाइन उपलब्ध हैं। वर्तमान में विभाग के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कक्षावार ई-कंटेंट अपलोड है, जिसका लाभ शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावकों को मिल रहा है।

इन एप से घर बैठे मिल रही है ऑनलाइन शिक्षा

शाला दर्पण : सिटीजन विंडो के तहत प्रयास-2021 टैब से विद्यार्थी प्रश्न बैंक और मॉडल उत्तर पुस्तिकाओं को डाउनलोड कर सकते हैं। ई-पाठशाला : एनसीईआरटी की ओर से डिजाइन और तैयार वेब पोर्टल और मोबाइल एप जिसमें 1886 ऑडियो, 2000 वीडियो, 696 ई-पुस्तकें और 504 फ्लिप पुस्तकें संदर्भ सामग्री के रूप में विद्यार्थियाें के लिए उपलब्ध रहेंगी।

स्वयं पोर्टल- इस ऑनलाइन शिक्षा प्लेटफॉर्म पर एनसीईआरटी ने नौवीं से 12वीं कक्षा तक के पाठ्यक्रम मॉड्यूल विकसित किए हैं।

राष्ट्रीय मुक्त शैक्षिक संसाधन कोष- कुल 14,527 फाइलें हैं जिनमें से 401 संकलन, 2779 दस्तावेज, 1345 संवादात्मक सामग्री, 1664 ऑडियो सामग्री, 2,586 तस्वीरें और 6,153 वीडियो कार्यक्रम हैं। स्वयं प्रभा डिजिटल- इसमें पाठ्यक्रम के मुताबिक स्कूली शिक्षा की ई-क्लास प्रसारित की जाती है। इसमें कला, विज्ञान, वाणिज्य, परफाॅर्मिंग आर्ट, सामाजिक विज्ञान, इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी, कानून, चिकित्सा, कृषि और मानविकी विषयों संबंधी सामग्री उपलब्ध है।

खबरें और भी हैं...