आत्महत्या / माता-पिता से ऐसा लगाव...सुबह 10 बजे फाेन पर बात करने के बाद ही ड्यूटी जाते थे सीआई विष्णु

Such an attachment to parents ... CI Vishnu used to go to duty only after talking on the phone at 10 am
X
Such an attachment to parents ... CI Vishnu used to go to duty only after talking on the phone at 10 am

  • रायसिंहनगर के लूणेवाला गांव के थे विष्णु, पत्नी व बच्चे बीकानेर व्यास काॅलाेनी में रहते हैं

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 08:05 AM IST

श्रीगंगानगर. राजगढ़ सीआई विष्णुदत्त बिश्नाेई का माता-पिता से ऐसा लगाव था...राेज सुबह 10 बजे ड्यूटी जाने से पहले उन्हें फाेन करते। उन्हें बीते दिन का हाल बताते, फिर पूरे परिवार का हाल-चाल भी जानते। उनके मामा एएसआई सतपाल डेलू बताते हैं, विष्णु में रिश्तेदारियां निभाने का हुनर लाजवाब था।
पुलिस में भर्ती हाेने के बाद कभी अपने माता-पिता के साथ नहीं रहा, लेकिन दाेनाें का मान-सम्मान पूरा करता था। इसलिए राेज सुबह पिता कृष्णलाल व मां शीलाेदेवी से फाेन पर बात हाेने के बाद ही वह थाने में ड्यूटी जाता। उनके पिता कृष्णलाल बताते हैं, विष्णु राेजाना परिवार के हर सदस्य के बाते में पूछता। फिर खेती-बाड़ी, रिश्तेदारी और कामकाज के बारे में कम से कम 5 से 10 मिनट तक बात करता ही था।

शनिवार काे बेटे का फाेन नहीं आया ताे मैने अपनी पत्नी शीलाे से कहा कि कहीं काम में व्यस्त हाेगा विष्णु। कुछ समय बाद ही थाने से फाेन आया कि अब वह हमारे बीच नहीं रहा। फाेन पर खबर मिलने के बाद परिवार राजगढ़ रवाना हाे गया। अंतिम संस्कार रविवार काे लूणेवाला गांव में ही हाेगा।
...अंतिम मुलाकात: शनिवार काे थाने में मिला था ममेरा भाई, बाेला- तनाव में था विष्णु
एएसआई सतपाल डेलू का बेटा बीकानेर में कांस्टेबल है और वह शुक्रवार काे एक न्यायिक अधिकारी काे छाेड़ने राजगढ़ गया था। अपनी डयूटी पूरी करने के बाद वह दाेपहर में अपने ममेरे भाई सीआई विष्णुदत्त से मिलने थाने चला गया। तब वहां डीवाईएसपी भी आए हुए थे।  कांस्टेबल ने बताया, विष्णु हमेशा आत्मीयता से मिलते थे।

लेकिन शुक्रवार काे उनके चेहरे पर तनाव दिखा और वे अच्छे से भी नहीं मिले। बाहर आकर उसने एक कांस्टेबल से इसका कारण पूछा ताे बताया कि तीन-चार दिन पहले एक हत्या हाे गई थी। सीआई साब उसी केस काे लेकर परेशान चल रहे हैं। पुलिस को पता लगने के बाद 12 घंटे फंदे से झूलता रहा एसएचओ का शव
खुदकुशी का पता शनिवार को 9.30 बजे पुलिस को लगा, शव को शाम 9.15 बजे के बाद उतारा

एक कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी का इससे बड़ा अपमान और क्या होगा, कि पुलिस को उनकी मौत की सूचना लगने के बाद 12 घंटे बाद शव फंदे के लटका रहा, जिससे उनकी बॉडी काली पड़ गई। पुलिस को सीआई बिश्नोई की खुदकुशी की खबर सुबह 9.30 बजे लग गई, जब उनके सरकारी क्वार्टर में से थाने के पुलिसकर्मी ने उनका शव फंदे के लटका देखा। मृतक सीआई विष्णुदत्त के चाचा एडवोकेट समृद्ध कुमार का कहना है कि पुलिस ने उनके भतीजे की मौत की सूचना परिजनों को नहीं दी। वे तो टेलीविजन में खबर सुनकर राजगढ़ पहुंचे।

फिर 12 घंटे तक पुलिस ने उनके शव को क्यों नहीं उतारा गया। एक कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अफसर का मौत के बाद भी पुलिस ने अपमान किया। एसपी तेजस्वनी गौत्तम का कहना है कि मामले की जांच सीआईडी सीबी को सौंपने के कारण पुलिस ने ब्रांच के एसपी विकास शर्मा के आने का इंतजार किया। वे शाम 5.30 बजे राजगढ़ पहुंचे। इसके बाद मौका मुआयना व फर्द तैयार करके शव को फंदे से उतारा। परिजनों को डीएसपी रामप्रताप विश्नोई ने दी। उन्होंने सीआई विष्णुदत्त को सूचना दे दी।

परिजन सीबीआई जांच के लिए अड़े, शव लेने से किया इनकार
दिवंगत सीआई विष्णुदत्त के चाचा रिटायर्ड एएसपी सहित अन्य परिजनों ने विष्णुदत्त मौत मामले की जांच की मांग की। उनका कहना है कि रात के बाद सुबह सूचना मिलने पर भी शव को फंदे से नहीं उतारा गया। ये शव का अपमान है। पुलिस मामले में कुछ छिपाना चाहती है, इसलिए जांच पर उन्हें विश्वास नहीं है। वे तब तक शव नहीं लेंगे, जब राज्य सरकार सीबीआई जांच की उनकी मांग स्वीकार नहीं करती। 
अच्छी शिक्षा के लिए दाेनाें बच्चाें काे पढ़ने के लिए बीकानेर छाेड़ रखा था
डेलू ने बताया, विष्णु की पत्नी, बेटी और बेटा लंबे समय से बीकानेर में ही रह रहे हैं। वहां व्यास काॅलाेनी में खुद का मकान है। बच्चाें की पढ़ाई काे लेकर बहुत सजग थे। दाेनाें बच्चे अभी हायर सेकेंडरी की कक्षाओं में ही पढ़ रहे हैं। बच्चाें की पढ़ाई में खलल न पड़े, इसलिए वे ट्रांसफर के बाद अकेले ही रहते थे। सीआई बिश्नाेई का छाेटा भाई संदीप तेजेवाला गांव में सरकारी अध्यापक है और परिवार सहित श्रीगंगानगर में रहता है। दो बहनें मुकलावा व दीवानखेड़ा में ब्याही हैं।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना