गिरफ्तार हुआ ठग:फर्जी पट्टा तैयार कर 24 लाख रुपए में बेचा था घर

श्रीगंगानगरएक महीने पहले
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सदर पुलिस ने रावतसर के एक भूखंड के फर्जी पट्टे बनाकर 24 लाख रुपए में बेचकर ठगी के आराेपी महावीर प्रसाद पुत्र बेगराज ब्राह्मण निवासी रावतसर काे गुरुवार काे गिरफ्तार कर लिया। आराेपी दाे साल से फरार था। आराेपी काे शुक्रवार सुबह अदालत में पेश किया जाएगा। एसपी राजन दुष्यंत ने बताया कि दाे अगस्त 2019 को परिवादी संजय भाकर पुत्र रामप्रताप भाकर निवासी पंचवटी काॅलोनी श्रीगंगानगर ने पुलिस थाना सदर में मुकदमा करवाया था।

इसमें बताया कि परिवादी के जानकार मोहनलाल पुत्र पृथ्वीराज गोस्वामी निवासी गणेशगढ़ हाल एक जीपीएम नजदीक 330 आरडी सूरतगढ़ ने अपने साथी महावीर प्रसाद पुत्र बेगराज ब्राह्मण निवासी रावतसर से मिलवाया। मोहनलाल ने बताया कि महावीर के पास एक मकान रावतसर नगरपालिका क्षेत्र का मूल पट्टा व एक अपना भूखण्ड चक 18 डीडीडब्ल्यु की 0.2070 हैक्टेयर भूमि रावतसर का मूल पट्टा महावीर प्रसाद के नाम से दर्ज है।

महावीर ने 2018 में उक्त संपत्तियां बेचान कर 24 लाख रुपए ले लिए। परिवादी को उक्त संपत्तियों के मूल पट्टा व दस्तावेज बेचान लिखवा दिए। बाद में परिवादी काे पता चला कि आरोपी महावीर प्रसाद व मोहनलाल ने धाेखाधड़ी की है। इस पर मुकदमा दर्ज किया गया। मामले में आराेपी मोहनलाल को 2019 में ही गिरफ्तार कर लिया था। मुख्य आरोपी महावीर प्रसाद फरार था। सदर थाना के कार्यवाहक थानाधिकारी कुलदीप चारण ने बताया कि आराेपी शातिर है। वह धर्मशाल, पीजी में कुछ कुछ समय ही रुकता था। वह माेबाइल फाेन भी इस्तेमाल नहीं करता।

तकनीक और मुखबिराें की मदद से हुई गिरफ्तारी

औराेपी काे पकड़ने के लिए टीम में शामिल कांस्टेबल भरतलाल ने तकनीकी साक्ष्य व मुखबिरों से आरोपी महावीर प्रसाद के बारे जानकारी जुटाई। इसके बाद जांच अधिकारी एसआई बाबूसिंह ने उसे गिरफ्तार कर लिया। एसएचओ कुलदीप ने बताया कि आराेपी पर जमीन, प्लाॅट व संपत्तियों के फर्जी दस्तावेज तैयार करने का माहिर है। इसके खिलाफ पूर्व में भी हनुमानगढ़ व श्रीगंगानगर जिले में धाेखाधड़ी व अन्य आपराधिक आराेपाें के प्रकरण दर्ज हैं। उसके खिलाफ दर्ज मुकदमाें के बारे में दाेनाें जिलाें से जानकारी जुटाई जा रही है।

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