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​​​​​​​10 तहसीलों से ग्राउंड रिपोर्ट:‘राज’ के साथ रब्ब भी रूठा; 47% खेतों में बुवाई नहीं

श्रीगंगानगर18 दिन पहले
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  • राज; सवा महीने से पंजाब नहीं दे रहा पूरा पानी, 2400 के बजाय 1600 क्यू. मिल रहा
  • रब्ब; 7 जुलाई के आसपास आता है मानसून इस बार 7 दिन लेट, प्री-मानूसन भी कमजोर
  • संकट; 5.60 लाख में से 2.98 लाख हेक्टे. में बुवाई, किसान आज ठप करेंगे प्रशासन

श्रीगंगानगर जिले के लाखों किसानों से इस बार राज (सरकारें) तो रूठा ही, रब्ब (भगवान) भी रूठ गया है। यही वजह है कि राजस्थान सरकार जहां पंजाब से पूरा पानी नहीं ले पा रही, वहीं मानसून एक सप्ताह देरी से है। प्री-मानसून में भी ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक अच्छी बारिश नहीं हुई। इसी का नतीजा है कि जिलेभर में इस साल 5.60 लाख हेक्टेयर में से अब तक 2.98 लाख में ही खरीफ की बुवाई हो पाई है।

यानी 2.62 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खेत अब भी खाली पड़े हैं। वहां कोई बुवाई नहीं हुई। कृषि विभाग के अनुसार, अब बिजाई के लिए एक सप्ताह का समय शेष है। यदि इन दिनों में बारिश नहीं हुई और नहरों में पानी नहीं आया तो किसानों को बड़ा नुकसान होगा। इसलिए किसान कई दिनों से पानी के लिए आंदोलित हैं। बहरहाल, गुरुवार को वे प्रशासन को ठप करेंगे। इसके लिए वे सुबह 11 बजे ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ महाराजा गंगासिंह चौक पर एकत्र होंगे।

कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, अब कपास बुवाई का समय बीत चुका है। दूसरी फसलों में बाजरे की 7000 हेक्टेयर में बुवाई होनी थी, जो 137 में हुई है। मूंग की बुवाई 1.60 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 67 हजार 940 में ही बुवाई हो पाई है। ग्वार 2.20 लाख हेक्टेयर के विपरीत अभी 62 हजार में ही बोया गया है।

सूरतगढ़। यहां तहसील क्षेत्र में बीटी कपास की 29 हजार 500 हैक्टेयर में बुवाई हुई है, जो बीते साल 40 हजार हैक्टेयर थी। मूंगफली की इस बार 4250 हेक्टेयर बुवाई है, जो गत वर्ष 5225 थी। मूंग 3350 हेक्टेयर में बीजा गया है, जो पहले 5 हजार था। ग्वार की 9 हजार हेक्टेयर में बुवाई हुई है। पिछले वर्ष यह रकबा 16 हजार 600 हैक्टेयर था।

अगले 7 दिन में नहीं हुई बुवाई तो खाली रह जाएंगे खेत, श्रीगंगानगर की अर्थव्यवस्था पर भी संकट

रायसिंहनगर: 24 हजार हेक्टेयर अभी बुवाई से वंचित, बारिश का इंतजार बढ़ा

यहां तहसील में 24000 हेक्टेयर क्षेत्र अभी बुवाई से वंचित है। कृषि विभाग के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार विभाग ने 64,750 हेक्टेयर में खरीफ की फसलों की बुवाई का लक्ष्य रखा था। इसमें से 40,060 हेक्टेयर में बुवाई हो पाई है। विभाग के अधिकारियों ने बताया िक देशी कपास 103 हेक्टेयर, अमेरिकन कपास 120, बीटी कपास 1320, मूंग 14700, ग्वार सिंचित क्षेत्र में 7690, असिंचित क्षेत्र में 1820 हेक्टर, गन्ना 107, चारा 2200 और सब्जियाें की 120 हेक्टेयर में बुवाई हो पाई है।

श्रीकरणपुर: 20 हजार हेक्टेयर रकबा घटा, मूंग व ग्वार सबसे ज्यादा प्रभावित​​​​​​​

कृषि विभाग के अनुसार बीते वर्ष 2020-21 में मानसून अनुकूल रहने व पानी से मिलने से तहसील में 55,000 हेक्टेयर में बिजाई हुई थी। इसमें 12000 हेक्टेयर मूंग व 21500 हेक्टेयर ग्वार तथा गन्ना 1500 हेक्टेयर में था। इस वर्ष 35 हजार हेक्टेयर में बुवाई हुई है। इनमें मूंग 2950, ग्वार 15500 तथा गन्ना 1300 हेक्टेयर में ही है। इसी तरह चारा 930 हेक्टेयर व सब्जियां 70-75 हेक्टेयर में बिजाई हुई है। तहसील क्षेत्र में इस बार मूंग व ग्वार के बिजाई क्षेत्रफल में काफी अंतर है। ​​​​​​​

श्रीविजयनगर: पिछले साल से अब तक दो तिहाई रकबे में ही हो पाई है बुवाई​​​​​​​

ब्लॉक में गतवर्ष की अपेक्षा दो तिहाई क्षेत्र में बुवाई हो पाई है। गतवर्ष 31659 हेक्टेयर में बुवाई हुई थी जो इस बार 23000 हेक्टेयर है। एएओ खीवसिंह ने बताया कि गतवर्ष 24022 हेक्टेयर में नरमे-कपास की बिजाई थी, जो इस बार 19400 में हुई है। मूंग की बुवाई 1950 हेक्टेयर के मुकाबले अभी 800 हेक्टेयर में हुई है। धान की गतवर्ष 2230 हेक्टेयर में बुवाई हुई थी, जो अभी 100 हेक्टेयर में हुई है। ग्वार भी 5490 हेक्टेयर के मुकाबले 421 में ही बोया गया है। बाजरा गतवर्ष 140 में था, जो इस बार 100 हैक्टेयर में है।

सादुलशहर: इस वर्ष 18660 हेक्टेयर में बुवाई, पिछले साल 51930 में हुई थी

इस वर्ष 18660 हेक्टेयर क्षेत्र में ही बुवाई हुई है। गत वर्ष 51,930 हेक्टेयर में बिजान किया गया था। कृषि विभाग के अनुसार देसी कपास 50 हेक्टेयर में बोया है, जो बीते साल 300 था। अमेरिकन कपास 50 हेक्टेयर व बीटी कपास 10700 हेक्टेयर में बोया है, पिछले साल क्रमश: 1000 व 18000 हेक्टेयर था। ग्वार 4000 हेक्टेयर में बीजा गया है। पिछले साल यह रकबा 15300 था। मूंग 2400 हेक्टेयर में है, जो पिछले साल 13500 में था। सब्जी 150 हेक्टेयर में है, पिछले साल यह 650 हेक्टेयर था।​​​​​​​

रावला-घड़साना: 52573 के मुकाबले 14142 में हो पाई है अब तक बुवाई

इस बार खरीफ की बिजाई 25 से 28 प्रतिशत हुई है। उपखंड घड़साना में 14142 हेक्टेयर में खरीफ फसल का बिजान हुअा है, जो पिछले साल 52573 हेक्टेयर था। 30 जून तक घड़साना में 3157 व रावला में 945 हेक्टेयर भूमि में बीटी कॉटन बोया है। मूंग की बात करें तो घड़साना में 4943 व रावला में 1825 हेक्टेयर में बोया गया है, जो पिछले साल 8488 व 3862 हेक्टेयर था। ग्वार घड़साना में 1194 व रावला में 1100 हेक्टेयर में किसानों ने बोया है। मूंगफली की घड़साना में पिछले साल 210 व रावला में 65 हेक्टेयर में बिजाई की थी जबकि इस साल घड़साना में 18 व रावला में 6 हेक्टेयर में बिजान हुआ है।

अनूपगढ़: नरमा-कपास की बुवाई आधी, बाजरे की अब तक शुरू ही नहीं हुई

अनूपगढ़ में पिछले वर्ष देसी कपास 197 हेक्टेयर में बुवाई हुई थी, जो इस साल 84 हेक्टेयर में हुई है। कृषि विभाग के सहायक निदेशक रामनिवास चौधरी ने बताया कि पिछले वर्ष बीटी कपास 25230 हैक्टेयर में थी, जो इस साल 15992 हेक्टेयर में है। सब्जी पिछले साल 120 हेक्टेयर में थी, जो इस साल 111 में है। मूंग पिछले साल 8477 में था, जो अब 5000 हेक्टेयर के करीब है। ग्वार पिछले वर्ष 12946 हेक्टेयर में बाेया गया था, इस बार यह रकबा घटकर 2248 हेक्टेयर रह गया है। धान पिछले वर्ष 1145 हेक्टेयर में था, जो अब 381 हेक्टेयर में है। यहां बारिश नहीं होने से बाजरा, अरंडी व तिल की अभी तक कोई बुवाई नहीं हुई है। पेज 14 भी पढ़ें

​​​​​​​सीधी बात-

नवीन महाजन, प्रमुख सचिव जल संसाधन विभाग, राज. सरकार​​​​​​​

पंजाब ने पानी बढ़ाया है अब पूरी निगरानी रखेंगे

Q. पंजाब पूरा पानी नहीं मिल दे रहा, इसकी वजह क्या है?
a.बड़ी परेशानी ये है कि बारिश कम होने से बांधों में पानी कम है। पौंग में 1390 फीट जलस्तर होना चाहिए, जबकि अभी 1277 फीट है।
Q. लेकिन वहां तो पानी पूरा मिल रहा है, धान बुवाई हो रही है, यहां किसान आंदोलित हैं?
a. सरकार की ओर से इस बारे में वहां पंजाब सरकार को पत्र लिखे गए हैं। हमारे अधिकारियों ने भी वहां अधिकारियों को पत्र लिखे। चीफ इंजीनियर को भी वहां भेजा है।
Q. अब हमारे जिले को पूरा पानी कब तक मिलेगा?
a. पंजाब ने पानी बढ़ाया है। उम्मीद है कि जल्द ही हमें पूरा पानी मिलने लगेगा।
Q. भविष्य में भी पानी पूरा मिले, इसके लिए क्या कर रहे हैं?
a. हम लगातार निगरानी कर रहे हैं। उम्मीद है कि बारिश होने से पानी बढ़ेगा। इससे सिंचाई भी बढ़ेगी।
वर्जन
^गंगकैनाल का शेयर इस माह 2400 क्यूसेक तय है। 5 जुलाई को 45 आरडी पर पानी 1900 क्यूसेक प्राप्त हो रहा था। जल्द ही बीकानेर कैनाल में यह मात्रा 2000 क्यूसेक हो जाएगी।
धीरज चावला, एसई, गंगकैनाल
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