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कोरोना संक्रमण:गांवों में इस बार मौतें बढ़ने की बड़ी वजह; नीम-हकीम दे रहे ज्यादा स्टेरायड, इससे फेफड़ों में बढ़ रहा संक्रमण

श्रीगंगानगरएक महीने पहले
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नेशनल हाईवे पर गुरुवार रात एक कार गड्‌ढे में गिर गई। आधे घंटे बाद इसे क्रेन से निकाला गया। - Dainik Bhaskar
नेशनल हाईवे पर गुरुवार रात एक कार गड्‌ढे में गिर गई। आधे घंटे बाद इसे क्रेन से निकाला गया।
  • कोरोना की पिछली लहर में गांव सुरक्षित थे, इस बार कुल मौतों में 50% ग्रामीण क्षेत्रों में

कोरोना संक्रमण का तेजी से होने की वजह से हालात रोज भयावह होते जा रहे हैं। अक्टूबर-नवंबर 2020 में जब जिले में कोरोना का संक्रमण बढ़ा था, तब शहरी क्षेत्र में ही ज्यादा राेगी थे। अब दूसरी लहर में ग्रामीण क्षेत्र में भी कोरोना जानलेवा साबित हो रहा है। मई के 6 दिन में जिले में 2479 कोरोना राेगी मिले हैं। जिला अस्पताल में 65 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें से 32 ग्रामीण हैं।

ॉयानी 50 प्रतिशत मौतें ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की हो रही है। संक्रमण बढ़ने की वजह से अब ग्रामीण क्षेत्र में भी कोरोना हॉट स्पॉट बनने लगे हैं। इसे 4 मई के उदाहरण से समझिए। इस दिन जिला अस्पताल में कोरोना वार्ड में 24 घंटों में 25 रोगियों की मौत हुई। इसमें से 12 लोग ग्रामीण क्षेत्र के थे। इनमें 10 रोगी ऐसे भी थे जिनका सीटी स्कोर 15 से ज्यादा था। यानी फेफड़ों का संक्रमण बढ़ा हुआ था।

जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ. बलदेव सिंह चौहान के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र के राेगी देरी से अस्पताल पहुंचते हैं। इनमें से ज्यादातर अवैध मेडिकल प्रैक्टिशनर से इलाज करवाते हैं। इससे संक्रमण बढ़ता है। जब तक वे कोविड अस्पताल पहुंचते हैं, तब फेफड़े ज्यादा खराब हाे चुके होते हैं। ग्रामीण क्षेत्र के 50 प्रतिशत लोग तो गंभीर होने पर ही कोविड अस्पताल पहुंचते हैं। इन रोगियों का ऑक्सीजन सेचुरेशन 70 से 80 प्रतिशत तक ही हाेता है। ये लापरवाही जानलेवा साबित होती है।

इन दिनों ग्रामीण क्षेत्र में कई कोरोना हॉट स्पॉट बन चुके हैं। पिछले दिनाें मिर्जेवाला में 42 कोरोना रोगी एक साथ मिले। ये सभी मनरेगा श्रमिक हैं। फकीरवाली ग्राम पंचायत में 28 रोगी िमले। जैतसर में 10 अप्रैल से अब तक 73 राेगी मिल चुके। जैतसर में मां-बेटे सहित 3 लाेगाें की माैत हाे चुकी है। रावला क्षेत्र की ग्राम पंचायत 3 केडी में एक साथ 27 और गांव 12 डीओएल में 28 रोगी मिल चुके हैं।

रोज बढ़ रहे कोरोना रोगियों के बीच कोरोना वैक्सीन को लेकर बुरी खबर है। कोरोना वैक्सीन शुक्रवार को भी नहीं लगेगी। यह गुरुवार को भी नहीं लगी। लोग अस्पतालों के चक्कर काटते रहे, लेकिन हर जगह लोगों को एक ही जवाब मिला कि वैक्सीन खत्म है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को बीकानेर मुख्यालय से करीब 10 हजार डोज आई थी, जो मंगलवार व बुधवार को ही लग गई। इसके बाद गुरुवार को कहीं भी डोज नहीं लगी। जिला मुख्यालय से डोज की मांग की गई है, लेकिन अभी सप्लाई को लेकर किसी तरह का कोई संदेश यहां अधिकारियों को नहीं मिला है।

लिहाजा शुक्रवार को कहीं भी डोज नहीं लगाई जाएगी। इस बीच, जिले में भी 18+ के युवाओं को टीकाकरण की मांग तेज होने लगी है। युवाओं का कहना है कि प्रदेश के कई जिलों में टीकाकरण शुरू हो गया है, जबकि यहां रजिस्ट्रेशन के बावजूद पता नहीं लग रहा कि टीकाकरण कब होगा। सरकार जल्द से जल्द टीकाकरण की खेप भेजे और युवाओं को भी टीकाकरण की अनुमति दे, ताकि कोरोना पर जल्द से जल्द नियंत्रण पाया जा सके।

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