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भास्कर खुलासा - कुपोषित राशन किट:शिक्षा विभाग ने जो राशन किट 1038.61 व 1547.84 की खरीदी, भास्कर वही बाजार से 930 और 1397 में ही लाया

श्रीगंगानगर2 महीने पहले
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  • भ्रष्टाचार का कॉम्बो; सरकार ने कॉनफैड से घटिया किट खरीदी, बाजार से 10% महंगी
  • ‌72 करोड़ रुपये ज्यादा का भुगतान

काेराेनाकाल में प्रदेश सरकार ने बच्चाें के लिए जाे काॅम्बाे किट काॅनफैड से खरीदी वाे घटिया ताे है ही, इसके साथ ही यह सामान बाजार भाव से 10 से 20 प्रतिशत तक महंगा भी खरीदा गया है। भास्कर के रिपाेर्टर ने पूरे सामान की लिस्ट शहर के दो बड़े किराना व्यापारियों काे दिखाई ताे उन्हाेंने कक्षा 1 से 5वीं के बच्चाें के लिए 930 रुपए व कक्षा 6 से 8वीं के बच्चाें के लिए 1397 रुपए प्रति काॅम्बाे किट रेट में देना बताया।

जबकि काॅनफैड के द्वारा शिक्षा विभाग काे जाे ऑर्डर काॅपी भेजी गई है, उसमें कक्षा 1 से 5वीं के बच्चाें के लिए 1038.61 व कक्षा 6 से 8वीं के लिए 1547.84 रुपए प्रति काॅम्बाे किट के हिसाब से भुगतान करना तय किया गया है। प्रदेश के 33 जिलों में 57,44,956 काॅम्बाे किट बांटी गई हैं। बाजार व कॉनफैड कीमतों का अंतर निकालें तो करीब 72 करोड़ रुपए का ज्यादा भुगतान किया गया है। अभी तक इस मामले में कार्रवाई करने से बच रहा है विभाग :बता दें कि काॅनफैड की ओर से इस बार प्रदेशभर के सरकारी स्कूलाें में बच्चाें काे 700.37 कराेड़ रुपए से ज्यादा के 5744956 काॅम्बाे पैकेट बांटे गए। विभाग ने इन काॅम्बाे पैकेट्स के भुगतान में इतनी जल्दी दिखाई कि अब तक आधे से ज्यादा पैकेट्स का भुगतान भी कर दिया गया है।

सीधी बात - डॉ. आशीष व्यास, डिप्टी कमिश्नर, मिड-डे मील

काॅनफेड काे कितना भुगतान हम कर चुके, यह पूरा काॅन्फिडेंशियल

बच्चाें के पाेषाहार में किसी भी तरह का काेई भी समझाैता नहीं किया जाएगा। अगर किसी बच्चे काे काॅम्बाे किट में खराब सामग्री मिली है ताे उसे बदलवा देंगे। अभी काॅनफेड काे काॅम्बाे किटाें का भुगतान किया जा रहा है। काॅनफेड काे कितना भुगतान किया जा चुका है, यह काॅन्फिडेंशियल है।

इसलिए यह बता नहीं सकते है। विभाग की ऑर्डर काॅपी में स्पष्ट लिखा हुआ है कि काॅनफैड द्वारा बिल प्रस्तुत करने के दिवस से ही प्राप्ति रसीदाें से सत्यापन की कार्यवाही शुरू करते हुए दस दिन में भुगतान करना हाेगा। इसमें कहा गया है कि निरीक्षण के समय नमूनाें की जांच में जाे सामग्री गुणवत्तापूर्ण नहीं पाई जाती है ताे उन्हें रद्द किया जाएगा तथा निश्चित किए गए समय के भीतर काॅनफैड द्वारा अपनी स्वयं की लागत पर बदला जाएगा।

आज यह खबर इसलिए
राशन जांच के लिए कॉनफेड की 3 सदस्यीय कमेटी श्रीगंगानगर पहुंची। ये कमेटी शिक्षा अधिकारियों को बिना साथ लिए अपने स्तर पर ही जांच कर रही है। ऐसे में शिक्षा विभाग कॉनफेड के राशन की रिपोर्ट सरकार को भेजे और पूरा भुगतान रोका जाए।

अब इन दो तस्वीरों से देखिए कॉनफेड की कॉम्बो किट व भास्कर की अच्छी किट की क्वालिटी

पहली तस्वीर में कॉनफैड द्वारा किट में भेजी गई मिर्च की तस्वीर है, जिसमें बदबू आ रही है। दूसरी तस्वीर में बाजार में मिल रही मिर्च है। इसमें भी पहली तस्वीर में कॉनफैड द्वारा भेजी गई रंग-बिरंगी दाल की तस्वीर है, जबकि दूसरी में बाजार में मिल रही मूंग छिलका दाल है।

भास्कर टीम ने शहर के दो बड़े किराना कारोबारियों विजय अरोड़ा व प्रवीण अग्रवाल को सरकार द्वारा कॉम्बो किट में दिए राशन की सूची दिखाई। फिर उनसे अच्छी क्वालिटी वाले राशन की बाजार कीमत भी जानी। पता लगा कि रेटों में 10 से 20 फीसदी फर्क है।

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