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आरएएस परीक्षा में चयन:सफलता के आसमान  पर चमके श्रीगंगानगर  के  सितारे,  चेहरे पर छलकी खुशी

श्रीगंगानगर13 दिन पहले
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घड़साना क्षेत्र से आरएएस परीक्षा में चयन के बाद परिजनों के साथ अनिल माहेश्वरी। - Dainik Bhaskar
घड़साना क्षेत्र से आरएएस परीक्षा में चयन के बाद परिजनों के साथ अनिल माहेश्वरी।

आरएएस परीक्षा-2018 के परिणाम की घोषणा होने के साथ ही मंगलवार रात जिले के सफल केंडिडेट्स के घरों में उत्सव का माहौल हो गया। किसी के घर पर बधाइयां देने वालों का तांता लगा तो किसी ने कहीं रंग गुलाल उड़ाकर खुशियां मनाई गई। जिले में 46वीं रैंक पर चुने गए अनिल माहेश्वरी के घर तो मिठाइयां बंट रही थी।

अनिल ने बताचीत में बताया कि वह ऐसे स्टूडेंट्स के लिए काम करना चाहते हैं जो परेशानियां झेलकर आगे बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि वे अभी सरकारी सेवा में लैब असिस्टेंट के पद पर काम कर रहे हैं। उनका उद्देश्य ऐसे स्टूडेंट्स के लिए काम करना है, जिनके जीवन में आगे बढ़ने में परेशानी आ रही है। इसी को ध्यान में रखकर प्रशासनिक सेवा की तैयारी की। इसमें परिवार का भी सहयोग रहा। परिवार ने लगातार तैयारी करने के लिए पर्याप्त समय और संसाधन दिए। इसी का परिणाम रहा कि सफलता मिली।

संजना जोशी
संजना जोशी

दूसरे प्रयास में मिली सफलता

इसी परीक्षा में प्रदेश में चालीसवां रैंक पाने वाली संजना जोशी ने दूसरे प्रयास में ही यह सफलता हासिल की। उनका कहना था कि वर्ष 2019 में पोस्टग्रेजुएट परीक्षा देने से पहले आरएएस के लिए प्रयास शुरू कर दिए। दूसरे प्रयास में उसने जी तोड़ मेहनत की और सफलता मिली भी। परीक्षा के दिनों में लगातार दस घंटे तक पढ़ाई का परिणाम रहा कि प्रदेश में चालीसवीं रैंक मिली।

नेहा बिश्नोई
नेहा बिश्नोई

जेईएन से बन गई आरएएस
आरएएस परीक्षा में चयनित नेहा बिश्नोई अभी जोधपुर डिस्कॉम में जेईएन हैं। उनका कहना है कि आरएएस परीक्षा के लिए खुद ही नोट्स बनाए। इसी का फायदा भी मिला। परीक्षा में यह नोट्स उपयोगी साबित हुए और उन्हें सफलता मिली। वे बताती हैं कि परीक्षा के दौरान परिवार ने तैयारी में पूरा सहयोग किया। यही कारण रहा कि वे अपने लक्ष्य को हासिल कर पाई।

प्रगति यादव परिजनों के साथ।
प्रगति यादव परिजनों के साथ।

भाटिया आश्रम ने दिया सहयोग
आरएएस में 242वीं रैंक पर चयनित प्रगति यादव अभी सूरतगढ़ के गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल में लैब असिस्टेंट के तौर पर काम कर रही हैं। उनका कहना है कि उन्हें मिली सफलता में भाटिया आश्रम का बड़ा सहयोग है। इस संस्थान ने इतने बेहतरीन नोट्स और टैस्ट सीरिज तैयार करवाई कि उन्हें पढ़ने से सफलता के रास्ते खुलते चले गए। वहां की टैस्ट सीरिज और परिवार के सहयोग से आगे बढ़ने का रास्ता दिखा और परीक्षा में सफलता मिली।