पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

आक्रोश:4 दिन से नहीं हुआ गंदगी का उठाव, सफाई कर्मचारियों ने गंगासिंह चाैक पर भैंस बांधी, बीन बजाकर जताया आक्राेश

श्रीगंगानगरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • अस्थाई कर्मियाें के दाे माह के मानदेय के भुगतान की मांग, सफाई कर्मचारियाें की हड़ताल चाैथे दिन जारी रही

सफाई सेवकाें का दाे माह का बकाया मानदेय नहीं दिए जाने से नाराज नगर परिषद के सफाई कर्मचारियाें ने गुरुवार काे गंगासिंह चाैक पर भैंस के आगे बीन बजाकर विराेध जताया। इससे पहले आम दिनाें की तरह ही गुरुवार सुबह नगर परिषद कार्यालय खुला, कर्मचारी काम पर आए, करीब 12 बजे अचानक सफाई कर्मचारियाें ने मुख्य गेट बंद कर दिया।

इस दाैरान एक भैंस लेकर आए और उसे परिषद के मुख्य गेट पर बांध दिया। इसके बाद सफाई कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष उमेश वाल्मीकि सहित अन्य ने गंगासिंह चौक पर भैंस के आगे बीन बनाकर नगर परिषद तथा जिला प्रशासन के रवैये के प्रति रोष जताया। अखिल भारतीय सफाई मजदूर यूनियन के नेतृत्व में नगर परिषद मुख्य गेट के समक्ष धरना व हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। मांगों काे लेकर सफाई कर्मियाें ने प्रदर्शन किया। यहां हुई सभा काे अध्यक्ष उमेश वाल्मीकि तथा संयोजक अनिल धारीवाल आदि ने संबाेधित किया।

सुबह स्थाई व अस्थाई सफाई कर्मचारी, ट्रैक्टर-ट्रॉली ड्राइवर व हेल्पर तथा गैराज में कार्यरत कर्मचारी नगर परिषद मुख्य गेट के समक्ष एकत्रित हुए, जहां अपनी मांगों के समर्थन नारेबाजी की। उमेश का कहना है कि अस्थाई सफाई कर्मचारी गरीब परिवार से हैं तथा मानदेय से ही परिवार का गुजारा होता है।

नगर परिषद व जिला प्रशासन उनके हक की अनदेखी कर रहा है। अस्थाई सफाई कर्मचारियों को उनका हक दिलवाया जाएगा। मांग पूरी हाेने तक आंदोलन जारी रहेगा। सफाई कर्मचारियों के आंदोलन के समर्थन में पार्षद आशा खटीक, फहीम हसन, बंटी वाल्मीकि, रोहित बागड़ी, बलजीत बेदी, विजेंद्र स्वामी, सुशील कुमार पप्पू, धर्मेन्द्र मौर्य, श्रमिक नेता महेंद्र बागड़ी सहित अन्य माैजूद रहे।

कलेक्टर, आयुक्त-सभापति कार्यालय के आगे लगाया धरना, समस्या का निस्तारण हाेने तक हड़ताल रहेगी जारी

आक्रोशित सफाई कर्मचारियों ने कलेक्टर तथा आयुक्त व सभापति कार्यालय के समक्ष धरना दिया। इस दाैरान पूर्व सभापति श्याम धारीवाल, जिलाध्यक्ष दीपक चांवरिया, महामंत्री समीर वाल्मीकि, पार्षद बंटी वाल्मीकि, रामशरण कोचर, महेंद्र काली, श्रवण सारसर, संजय सरबटा, पार्षद पति सुभाष खटीक आदि ने संबाेधित किया। वक्ताओं ने कहा कि नगर परिषद व जिला प्रशासन ने हठधर्मिता अपनाकर शहर को नरक बना रखा है। अस्थाई सफाई कर्मचारियों को दो माह कार्य करने के बावजूद वेतन तक नहीं दिया जा रहा। जबकि महंगाई में बिना वेतन के परिवार का पालन-पोषण करना असंभव है।

शहर के हालात...कचरा-पात्र भर चुके, गंदगी से फैल रही बदबू

शहर में लगभग सभी जगहाें पर रखे कचरा पात्र पूरी तरह से भर चुके हैं। लाेग कचरा-पात्र के बाहर गंदगी डाल रहे हैं। वार्डाें में भी गंदगी से बुरे हाल हैं। नालियाें की सफाई नहीं हाेने व कचरा पात्र खाली नहीं हाेने की वजह से इलाके में दुर्गंध आने लगी है। शहर में प्रतिदिन करीब 90 टन कचरे का उठाव हाेता है। चार दिन से सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं, यानी करीब 350 टन गंदगी शहर में ही पड़ी है।

चांडक ने एक माह के मानदेय भुगतान का भराेसा दिया, हड़ताल पर निर्णय आज संभव

कांग्रेस नेता अशोक चांडक ने पार्षदों और अखिल भारतीय सफाई मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों के साथ गुरुवार शाम बैैठक की। बैठक में यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने चेताया कि दाे माह के मानदेय के भुगतान के बाद ही हड़ताल खत्म हाेगी। इस पर अशाेक चांडक ने भराेसा दिया कि वे एक माह के मानदेय का व्यक्तिगत रूप से भुगतान करेंगे। शेष भुगतान के लिए भी प्रयास कर एक माह में राहत दिलाई जाएगी। वार्ता के बाद यूनियन के संयोजक अनिल धालीवाल का कहना है शुक्रवार सुबह हड़ताल के संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

सफाई यूनियन पदाधिकारियाें से वार्ता की है। समझाइश की थी कि हड़ताल समाप्त कर कर्मचारी काम पर लाैट आएंगे ताे शहर की बिगड़ी सफाई व्यवस्था फिर से पटरी पर आ जाएगी। बुधवार काे वार्ता के दाैरान उन्हें बताया भी गया कि डीएलबी से मार्गदर्शन मांगा है। एक-दाे दिन में जवाब मिलने की उम्मीद है। वहां से जैसे भी निर्देश मिलेंगे उसी अनुरूप आगे कार्रवाई हाे सकेगी।
उम्मेद सिंह रतनु, कार्यवाहक आयुक्त, नगर परिषद।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- आर्थिक दृष्टि से आज का दिन आपके लिए कोई उपलब्धि ला रहा है, उन्हें सफल बनाने के लिए आपको दृढ़ निश्चयी होकर काम करना है। कुछ ज्ञानवर्धक तथा रोचक साहित्य के पठन-पाठन में भी समय व्यतीत होगा। ने...

    और पढ़ें