शुगर मिल का पिराई सत्र दिसम्बर के अंतिम सप्ताह से:इस बार किसानों ने पंद्रह लाख क्विंटल गन्ने के भरे बॉण्ड्स, साठ प्रतिशत गन्ना आने की संभावना

श्रीगंगानगरएक महीने पहले
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श्रीगंगानगर के कमीनपुरा स्थित शुगर मिल। - Dainik Bhaskar
श्रीगंगानगर के कमीनपुरा स्थित शुगर मिल।

राजस्थान स्टेट गंगानगर शुगर मिल्स का पिराई सत्र इस बार दिसम्बर के अंतिम सप्ताह तक शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए किसानों से गन्ना लाने के बॉण्ड्स भरवाए जा रहे हैं। हालांकि पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष कम किसानों ने बॉण्डस भरे हैं वहीं इस बार मिल में गन्ना भी कम आने की संभावना है। मिल के ऑपरेशन और मेंटेनेंस का कम एक कंपनी को दिया गया है। ऐसे में इस बार पिराई सत्र ठीक चलने की संभावना है। पिराई सत्र नब्बे दिन रहेगा। पिछले वर्षों का अनुभव देखें तो मिल में समय-समय पर तकनीकी खामियां आती रही हैं और इससे पिराई प्रभावित होती रही है। ऐसे में इस बार अधिकारी दावे तो बड़े कर रहे हैं लेकिन स्थितियां पिराई के साथ ही स्पष्ट होंगी।

गन्ने की क्वालिटी कमजोर
इस बार इलाके में गन्ने की क्वालिटी कमजोर है। इसके साथ ही मिल में गन्ना लाने के लिए भी कम किसानों ने बॉण्ड्स भरे हैं। पिछले वर्ष बीस लाख क्विंटल गन्ना मिल में आया वहीं इस बार केवल पंद्रह लाख क्विंटल गन्ने के लिए ही बॉण्ड्स भरे गए हैं। ऐसे में इस बार मिल में गन्ना कम आने की संभावना है। मिल के अधिकारी मानते हैं कि पहले के मुकाबले जो गन्ना बॉण्ड्स भरे गए हैं उनमें से 55 से 60 प्रतिशत गन्ना ही मिल में आएगा। ऐसे में प्रोडक्शन कम रह सकता है।

गन्ना कम आने कारण नहरबंदी
इस बार कम गन्ने के बॉण्ड्स भरे जाने का बड़ा कारण नहर बंदी भी रहा है। इलाके में लंबी नहर बंदी के दौरान गन्ने की फसल को पानी नहीं मिल पाया और इसके कारण इस बार उत्पादन कम हो पाया है। इसी कारण इस बार गन्ना अपेक्षाकृत कम ही आने की संभावना है।

दिसम्बर के अंतिम संप्ताह में पिराई शुरू
जीएम मुकेश बारहठ बताते हैं कि दिसम्बर के अंतिम सप्ताह में 25 दिसम्बर से 27 दिसम्बर के बीच पिराई का सत्र शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। इस दौरान मिल को चालू करने की तमाम व्यवस्थााएं कर ली गई है। उत्पादन बिना बाधा के होने की संभावना है।
गन्ना विकास अधिकारी सुधीर जावला बताते हैं कि मिल सुचारू चले, इसके लिए ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस ग्लोबल कंपनी को दिया गया है। किसानों से मिल में गन्ना लाने के बॉण्ड़स भरवाए जा चुके हैं। अभी पंद्रह लाख क्विंटल गन्ने के बॉण्डस भरे गए हैं लेकिन अपेक्षाकृत कम गन्न आने की उम्मीद की जा रही है। इस बार आठ से नौ लाख क्विंटल तक गन्ना आने की उम्मीद है।

पिछले वर्षों में इतनी हुई पिराई
वर्ष पिराई

2015-16 - 888863.71 क्विंटल 2016-17 - 1189327.50 क्विंटल 2017-18 - 773504.66 क्विंटल 2018-19 - 1161153.38 क्विंटल 2019-20 - 1000000.83 क्विंटल 2020-21 - 1204086.82 क्विंटल

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