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पर्व:रक्षाबंधन के लिए बनाई मिठाइयां हजारों क्विंटल बिक गईं, अब जागा स्वास्थ्य विभाग, एक दिन में 3 सैंपल लिए

श्रीगंगानगरएक दिन पहले
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हर साल करीब 40 प्रतिशत खाद्य पदार्थों के सैंपल फेल होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग लोगों की सेहत के लिहाज से खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग की तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। इसकी बानगी हाल में संपन्न हुआ शुद्ध के लिए युद्ध अभियान और अब त्योहारी सीजन के लिए बनी मिठाइयों की जांच है। हजारों क्विंटल मिठाइयां बिक गईं।

विभाग ने जिले में रक्षाबंधन से दो दिन पहले मिठाइयों की दुकानों की चेकिंग का अभियान शुरू किया है। शनिवार को चार दुकानों की जांच करते हुए तीन सैंपल लिए। वहीं, एक दुकान से करीब 20 किलो पुरानी मिठाई फिंकवाई। अब रविवार को अवकाश के बाद सोमवार को रक्षाबंधन है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम में शामिल खाद्य सुरक्षा अधिकारी हरीराम वर्मा और आईईसी इंचार्ज विनोद बिश्नोई ने शहर में तीन दुकानों पर जाकर निरीक्षण किया। विभागीय टीम ने शिव चौक स्थित जोधपुर मिष्ठान भंडार से कलाकंद का सैंपल लिया। इसी तरह बीरबल चौक स्थित खुंगर स्वीट हाउस से रसगुल्ला व ब्लॉक एरिया से अम्बे स्वीट हाउस से मावे का सैंपल लिया गया।

वहीं, बीरबल चौक एरिया में स्थित गणपति स्वीट हाउस पर करीब पुरानी मिठाई सामग्री मिलने पर उसे मौके पर ही नष्ट करवाया गया। सीएमएचओ डॉ. मेहरड़़ा के अनुसार सभी मिठाई विक्रेताओं काे स्वच्छता, सेनेटाइजर, मास्क व फिजिकल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखने के निर्देश दिए। दुकानदारों को मिठाइयों में हानिकारक रंग नहीं डालने के लिए कहा गया।

अभियान में महज चार सैंपल लिए

राज्य सरकार के निर्देशानुसार 7 जुलाई से 14 जुलाई तक शुद्ध के लिए युद्ध अभियान चलाया गया था। इसका उद्देश्य दूध, डेयरी प्रोडक्ट अाैर दूध से बने पदार्थाें की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सैंपलिंग करना था। ये अभियान जिले में महज एक दिन ही चला।

इसमें सूरतगढ़ में दूध के चार सैंपल लिए गए। इसके अलावा छह दिन तक सैंपलिंग की कोई कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि गत वर्ष रक्षाबंधन के दौरान चार दिन पहले ही अभियान चलाकर मिठाइयों के 13 सैंपल ही लिए गए थे। इनकी जांच रिपोर्ट त्योहार के बाद ही आई थी।

जिले में पिछले पांच वर्षों यानी वर्ष 2015 से जुलाई 2020 तक खाद्य पदार्थों के 567 सैंपल लिए गए हैं। इसमें से विभाग के पास जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला से 226 सैंपल अनसेफ, सब स्टैंडर्ड यानी फेल होने की श्रेणी में आए हैं। जो कुल लिए गए सैंपलों का 40 प्रतिशत है। इस वर्ष अब तक सात महीनों में 40 सैंपल लिए जा चुके हैं।

  • जिले में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के दोनों पद खाली पड़े हैं। इससे नियमित सैंपलिंग नहीं हो पाती है। अगले दिनों मेें भी दुकानों के निरीक्षण और सैंपलिंग काम जारी रहेगा। अगर राज्य सरकार खाद्य सुरक्षा अधिकारी की पोस्टिंग कर दे तो सैंपलिंग ज्यादा हो सकती है। -डॉ. गिरधारी लाल मेहरड़ा, सीएमएचओ, श्रीगंगानगर।
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