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इंसानियत:पारिवारिक कलह से तंग आकर युवती श्रीगंगानगर पहुंची, रात सड़क पर ही बिता रही थी, युवकों ने तंग किया तो ट्रस्ट ने धर्मशाला में ठहरा सुरक्षा दी

श्रीगंगानगर24 दिन पहले
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  • भास्कर के एक कॉल पर रात 2:30 बजे तपोवन ट्रस्ट के अध्यक्ष पेड़ीवाल पहुंचे, युवती श्रीकरणपुर क्षेत्र की

मंगलवार रात 2:30 बजे पुलिस को श्रीकरणपुर रोड पर एक युवती मिली। पुलिस असंमजस में थी कि युवती को यहां अकेले छोड़ नहीं सकते और थाने भी नहीं ले जा सकते। भास्कर संवाददाता बलवीरसिंह उस रास्ते से जा रहे थे तो उन्होंने पुलिस से पूरा वाकया जाना।

इस पर भास्कर संवाददाता ने तपोवन ट्रस्ट के अध्यक्ष महेश पेड़ीवाल को फोन किया और सारी जानकारी दी। महेश पेड़ीवाल तुरंत गाड़ी लेकर पहुंचे। पुलिस ने कानूनी कार्रवाई के बाद युवती को ट्रस्ट अध्यक्ष के साथ भेज दिया। पेड़ीवाल ने पंचायती धर्मशाला में बात कर युवती को वहां सुरक्षित ठहराया। इतना ही नहीं युवती ने सुबह से कुछ खाया-पीया नहीं था। खाने का इंतजाम कर आर्थिक सहायता भी दी।

रात 2:30 बजे युवती से जानकारी लेते तपोवन ट्रस्ट के अध्यक्ष महेश पेड़ीवाल। सुबह फिर धर्मशाला में जाकर युवती से समझाइश भी की। लेकिन युवती अपने घर जाने के लिए सहमत नहीं हुई।

युवती बोली-मैं जूडो गोल्ड मेडलिस्ट, पढ़ना चाहती हूं

^पिता एक साल पहले घर छोड़कर चले गए थे। मैं पढ़ना चाहती हूं और परिवार आर्थिक परेशानी के चलते मुझे नहीं पढ़ा रहा था।

इस कारण घर में पारिवारिक कलह होता था। इस तनाव के कारण मैं श्रीकरणपुर के एक गांव से मंगलवार शाम को श्रीगंगानगर आ गई। यहां मेरी दीदी रहती हैं, लेकिन उन्होंने मुझे अपने घर ठहराने से मना कर दिया। इसलिए मैं श्रीकरणपुर रोड फाटक के पास आ गई। मुझे अकेला देखकर कुछ लड़के तंग करने लगे। लेकिन एक अंकल ने उनको भगा दिया। मैं डर गई थी। इसलिए मैं रात में एक सब्जी के फट्‌टे के नीचे छिपकर बैठ गई। रात 1:30 बजे पुलिस की एक गाड़ी वहां पर आई। मैंने हिम्मत जुटाकर उन्हें परेशानी बताई। पुलिस ने मेरी काफी सहायता की। इस बीच एक सर गाड़ी लेकर आ गए तो पुलिस ने मुझे उनके सुपुर्द कर दिया। मैं उनके साथ धर्मशाला चली गई। उन्होंने धर्मशाला मे मुझे ठहरा दिया। मुझे भ्ूख लगी हुई थी। उन्होंने मेरे लिए देर रात खाने की व्यवस्था करवाकर दी। मुझे आर्थिक सहयोग भी दिया। मैंने नेशनल स्तर पर जूड़ो में गोल्ड मेडल जीता था। मैं अच्छी प्लयेर हूं। मैं फिलहाल घर नहीं जाना चाहती।

जैसा कि युवती ने बताया

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