पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

सवाल:ब्लाक एरिया में जब पाइपें ही नहीं डाली, एसटीपी शुरू करने का फिर क्या फायदा: यूआईटी सचिव

श्रीगंगानगरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
Advertisement
Advertisement

यूआईटी सचिव डा.हरितिमा ने शाम काे प्रेस नाेट जारी कर कहा कि शुगर मिल एसटीपी में पूरे ब्लाक क्षेत्र का शाैचालय, रसाेईघर व बाथरूम का पानी ट्रीट किया जाना है। यह बारिश या गड्‌ढों के गंदे पानी को साफ करने के लिए नहीं है। ब्लाक क्षेत्र में अभी सीवरेज पाइपें ही नहीं डाली गईं। एेसे में शुगर मिल एसटीपी शुरू करने का क्या औचित्य है? उन्हाेंने साफ किया कि शुगर मिल एसटीपी से ट्रीट हुआ पानी लिंक चैनल में डाला जाना है।

सिंचाई विभाग व राज्य सरकार के आदेश हैं कि नहर में तय मानकाें के अनुसार ही पानी डाला जाए क्याेंकि आगे ये पानी खेताें व गांवाें में पीने के काम आएगा। उन्हाेंने कहा कि एसटीपी निर्माण कंपनी ने भी चेताया है कि गड्ढाें व नालाें का गंदा पानी एसटीपी से जाेड़ा गया ताे वे इसे शुरू नहीं करेंगे और न ही इसकी मेंटेनेंस करेंगे। उन्हाेंने एसटीपी पर जाकर प्रेस वार्ता करने पर भी सवाल उठाए। उन्हाेंने कहा कि ट्रस्ट ने निर्णय लिया है कि एसटीपी का सारा काम अब आरयूआईडीपी देखेगी, क्याेंकि इस तकनीकी काम की जानकारी उन्हें ही है।

कलेक्टर ने भी इस पर सहमति जता दी है। वहीं, यूआईटी के एक्सईएन मंगत सेतिया ने कहा कि एसटीपी निर्माण कर रही कंपनी काे ब्लेक लिस्टेड करने के लिए अंतिम नाेटिस जारी किया जा चुका है। कंपनी के इंजीनियर आएंगे ताे ही बिजली संबंधित अन्य कार्य पूरे हाे सकेंगे। इसके बाद ही एसटीपी काे शुरू किया जा सकेगा। बताया यह भी जा रहा है कि यूआईटी कंपनी को कई बार नोटिस भेज चुकी, लेकिन कंपनी इसे गंभीरता से नहीं ले रही। सरकार इस काम की मियाद कई बार बढ़ा चुकी है, लेकिन तीनों एसटीपी व सीवरेज प्रोजेक्ट कब पूरा होगा, कोई नहीं जानता।

Advertisement
0

आज का राशिफल

मेष
मेष|Aries

पॉजिटिव- अगर कोई विवादित भूमि संबंधी परेशानी चल रही है, तो आज किसी की मध्यस्थता द्वारा हल मिलने की पूरी संभावना है। अपने व्यवहार को सकारात्मक व सहयोगात्मक बनाकर रखें। परिवार व समाज में आपकी मान प्रतिष...

और पढ़ें

Advertisement