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12 अनाथ बच्चों को मिला ‘परिवार’:1 बच्ची की विवेक आश्रम में ताे वहीं 11 की मदद को उनके रिश्तेदार आगे आए

श्रीगंगानगर7 दिन पहले
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  • कोरोना के कारण हुए बेसहारा बच्चों को 1 लाख 18 वर्ष पूरे होने तक रुपए 2500 की मदद मिलेगी

कोविड की दूसरी लहर में सैकड़ाे परिवार उजड़ गए है। काेराेना के दाैरान माता-पिता दाेनाें के निधन हाे जाने से 12 बच्चे अनाथ हाे गए है। ताे वहीं काेराेना के कारण 126 महिलाएं विधवा हाे गई है। इन महिलाओं के 92 बच्चाें के सर से भी पिता का साया उठ चुका है।

अब इन 12 बच्चाें में से 1 बच्ची की विवेक आश्रम में रहने की व्यवस्था की गई है ताे वहीं 11 बच्चाें की मदद के लिए उनके रिश्तेदार आगे आए। जाे इन बच्चाें का पालन-पाेषण करेंगे। बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक प्रेमा राम के अनुसार काेराेना के दाैरान 95 बच्चाें काे चिन्हित किया गया था। इनमें से 12 बच्चों के माता-पिता अब इस दुनिया में नहीं है। बाकि के सभी बच्चे अपने एकल माता-पिता के साथ रह रहे है। अब इन बच्चों काे पालनहार याेजना से जाेड़ा जा चुका है। इसके तहत प्रत्येक माह बच्चे काे 1 हजार रुपए और पढ़ाई के लिए 2 हजार रुपए एक मुश्त मिलेंगे। सूत्राें के अनुसार अब तक काेराेना से जितने लाेगाें की माैत हुई है। माैत का कारण मृत्यु प्रमाण-पत्र में काेराेना नहीं लिखा जा रहा है। ऐसे में मासूम बच्चे कैसे साबित करेंगे कि उनके माता-पिता की माैत काेराेना से हुई?

भास्कर एक्सप्लेनर : काैन बच्चे आवेदन कर सकते हैं ?

कोरोना के कारण माता-पिता दोनों को अथवा एकल जीवित माता या पिता को खोने वाले बेसहारा बच्चों को मुख्यमंत्री कोरोना बाल कल्याण योजना के तहत आवेदन कर सकते है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए नजदीक के ई-मित्र से संपर्क कर सकते है। Q. इस याेजना के तहत कितने रुपए की आर्थिक सहायता मिल सकेगी? तत्काल सहायता के रूप में एक लाख रुपए का एकमुश्त अनुदान तथा 18 वर्ष पूरे होने तक ढ़ाई हजार रुपए की राशि प्रतिमाह दी जाएगी। अनाथ बालक-बालिका के 18 वर्ष की उम्र होने पर उसे 5 लाख रुपए एकमुश्त सहायता दी जाएगी। Q. ऐसे बच्चाें की पढ़ाई का खर्च व रहने की सुविधा कहां और कैसे हाेगी? ऐसे बच्चों को 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की सुविधा आवासीय विद्यालय अथवा छात्रावास के माध्यम से नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। Q. काॅलेजाें में पढ़ने वाले ऐसे बच्चाें की रहने की क्या व्यवस्था रहेगी? कोविड-19 महामारी के कारण बेसहारा हुई कॉलेज में अध्ययनरत छात्राओं को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से संचालित छात्रावासों में प्राथमिकता के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। कॉलेज में पढऩे वाले बेसहारा छात्रों को अंबेडकर डीबीटी वाउचर योजना का लाभ मिलेगा। Q. सीए युवा संबल याेजना के तहत निराश्रित युवाओं काे भत्ता दिए जाने की बात क्या सही है? कोविड महामारी से प्रभावित निराश्रित युवाओं को मुख्यमंत्री युवा संबल योजना के तहत बेरोजगारी भत्ता दिए जाने में प्राथमिकता दी जाएगी। इस महामारी के कारण अपने पति को खो चुकी विधवा महिलाओं को भी राज्य सरकार की ओर से एकमुश्त एक लाख रुपए की सहायता अनुदान के रूप में दी जाएगी। Q. ऐसी विधवाओं काे प्रतिमाह कितने रुपए की पेंशन मिलेगी? ऐसी विधवाओं को प्रतिमाह डेढ़ हजार रुपए विधवा पेंशन दी जाएगी। इसके लिए आयु वर्ग एवं आय की कोई भी सीमा नहीं होगी। इन विधवाओं के बच्चों को निर्वाह के लिए एक हजार रुपए प्रतिमाह तथा स्कूल ड्रेस एवं किताबों के लिए दो हजार रुपए सालाना प्रति बच्चा दिया जाएगा।

मौत का कारण हार्ट अटैक भी लिख रहे

भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि भले ही मरीज की मौत कोरोना से हुई है, मगर डॉक्टर मौत का कारण जैसे- हार्ट अटैक, ब्रेन स्टोक, किडनी फेल्योर लिख रहे हैं। जो पूर्व से ही लिखते आ रहे हैं। इसमें स्पष्टता की जरूरत है। मृत्यु प्रमाण-पत्र में मृत्यु के कारण का उल्लेख नहीं होता है। कोरोना की वजह से बेसहारा हुए बच्चों का योजनाओं का लाभ देने में यह समस्या आएगी।

काेराेना के कारण जाे बच्चे अनाथ हुए उन्हें फीस में पूरी छूट दी जाएगी

स्कूल शिक्षा परिवार संघ के जिलाध्यक्ष राजीव खेतान ने बताया कि काेराेना के कारण जाे बच्चे अनाथ हुए है उन्हें शिक्षा के साथ हर संभव मदद दी जाएगी। यदि हमसे काेई बच्चा संपर्क करता है ताे उस बच्चे काे संबल देने के लिए 50 फीसदी से लेकर जरूरत के हिसाब से फीस में पूरी छूट दी जाएगी। यदि किसी बच्चे के घर के नजदीक काेई स्कूल है ताे उसी में दाखिला दिलवाने का भी पूरा प्रयास किया जाएगा।

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