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स्लो स्पीड में मानसून:श्रीगंगानगर में मानसून के लिए करना होगा इंतजार, करीब बीस दिन बाद बनेगी संभावना, अभी तेज गर्मी और उमस

श्रीगंगानगर2 महीने पहले
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श्रीगंगानगर के आसामान से आग उगलता सूरज। - Dainik Bhaskar
श्रीगंगानगर के आसामान से आग उगलता सूरज।

प्रदेश में जहां पाली, बांसवाड़ा और कई अन्य इलाकों में मानसून ने दस्तक दे दी है वहीं उत्तरी जिले श्रीगंगानगर में अभी मानसून की कोई संभावना नहीं है। अगर इससे पहले बरसात हुई भी तो यह किसी लोकल डिस्टर्बेंस का ही परिणाम होगी। स्थानीय मौसम विशेषज्ञ बताते हैं श्रीगंगानगर में बीस दिन बाद इसकी शुरुआत रहती है और जरूरी नहीं कि यह भी इलाके पर जुलाई के दूसरे सप्ताह तक असर दिखा सके। कई बार इलाके में वर्षा के लिए अगस्त तक इंतजार करना पड़ता है।

मानसून का समय ही दस जुलाई

इलाके में मानसून के समय में वर्षा के औसत समय को स्टडी करने के बाद मानसून का निर्धारित समय तय किया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार श्रीगंगानगर में पिछले पचास वर्ष में वर्षा की तुलना करने पर जो समय निकला, उसके अनुसार दस जुलाई तक पहली बरसात हो पाती है। ऐसे में इसी समय तक यहां पहुंचता है मानसून। इसके बाद ही मौसम में किसी बदलाव की उम्मीद की जा सकती है।

उत्तरी भाग में धीमे पहुंचता है मानसून

प्रदेश के उत्तरी भाग में मानूसन पहुंचने में काफी लंबा समय लेता है। श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले पर इसका असर रहता है। इसी का प्रभाव है कि श्रीगंगानगर में अभी तापमान चालीस से ऊपर बना हुआ है। कुछ समय पहले तक यहां हुई मौसम संबंधी प्री मानसून एक्टिविटी हर वर्ष बीस जून के आसपास रहती है, लेकिन इसके बाद मानसून स्लो स्पीड में ही इलाके तक पहुंचता है।

गर्मी और उमस का असर, तापमान चालीस के पार

इलाके में शनिवार को भी गर्मी और उमस का असर बना रहा। शुक्रवार शाम को अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस बना हुआ था, वहीं न्यूनतम तापमान भी 27.2 डिग्री सेल्सियस तक बना हुआ था। गर्मी जबर्दस्त पसीने छुड़ाने वाली रही।