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श्रीगंगानगर जिले की उपलब्धि:10 लाख परिवारों को पर्यावरण से जोड़ा, 25 लाख पौधे लगाए, 6 हैक्टेयर में जंगल बनाया, अब श्यामसुंदर ज्याणी को मिलेगा लैंड फॉर लाइफ अवार्ड

रायसिंहनगरएक महीने पहले
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  • भू-संरक्षण को लेकर श्यामसुंदर ज्याणी अगले दो वर्ष तक यूएनसीसीडी के ब्रांड एंबेसडर बनेंगे

संयुक्त राष्ट्र संघ के भूमि संरक्षण से संबंधित संगठन यूएनसीसीडी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय अवार्ड लैंड फाॅर लाइफ के लिए इस बार रायसिंहनगर के प्रो. श्यामसुंदर ज्याणी का चयन किया गया है। प्राे. ज्याणी गांव 12 टीके के निवासी तथा वर्तमान में बीकानेर के राजकीय डूंगर कॉलेज में समाजशास्त्र के एसोसिएट प्रोफेसर है। ज्याणी पिछले दो दशक से पश्चिमी राजस्थान के मरुस्थल में पेड़ को परिवार का हिस्सा बनाकर सकारात्मक बदलाव लाने में कामयाब हुए हैं। अगस्त के आखिर में चीन में आयोजित होने वाले विशेष समारोह में ज्याणी को इस पुरस्कार से नवाजा जाएगा।

साथ ही पुरस्कार समारोह में प्रो. ज्याणी का विशेष भाषण होगा। वहीं, आगामी वर्ष आयोजित होने वाले कांफ्रेंस ऑफ पार्टीज जिसमें दुनिया के 195 देशों के प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति पर्यावरण मंत्रालय की अगुवाई में हिस्सा लेते हैं, उसमें भी प्रो. ज्याणी को खास तौर से आमंत्रित होंगे। ज्याणी ने बताया कि इस अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार हेतु दुनियाभर से सरकारों, संयुक्त राष्ट्र संघ के संगठनों, अलग-अलग क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्तियों द्वारा भूमि संरक्षण हेतु कार्य कर रही संस्थाओं व व्यक्तियों का मनोनयन किया जाता है।

ज्याणी ने बताया कि वर्ष 2021 के लिए दुनिया से 12 लोगों, संस्थाओं को फाइनलिस्ट घोषित किया गया था। गुरुवार को विश्व मरुस्थलीकरण एवं सूखा रोधी दिवस पर कोस्टारिका में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में इस वर्ष के पुरस्कार हेतु उनके नाम की घोषणा की गई। अगले दो वर्षों तक यूएनसीसीडी के एंबेसडर के तौर पर दुनियाभर में भूमि संरक्षण के प्रयासों को गति व मजबूती देने में प्रो. ज्याणी की अहम और वैश्विक भूमिका रहेगी। ज्याणी के वीजा से लेकर आने-जाने, रहने आदि सभी तरह की व्यवस्थाओं का खर्च व समस्त जिम्मेदारी पूरी तरह से यूएनसीडीडी द्वारा वहन की जाएगी।

इस कारण यह सम्मान
1.
प्राे. ज्याणी द्वारा 15 हजार से अधिक गांवों के 10 लाख से ज्यादा परिवारों को जोड़ते हुए 25 लाख पाैधे लगवाए जा चुके हैं।
2. डूंगर कॉलेज परिसर में 6 हैक्टेयर भूमि पर 3000 पेड़ों का एक जंगल खड़ा किया है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित पैनल के फार्मूले के अनुसार गणना करने पर 1.8 अरब रुपए मूल्य की ऑक्सीजन उत्पन्न कर रहा है।
3. डूंगर कॉलेज में विकसित इस संस्थागत वन में पेड़ों की करीब 100 किस्में हैं तो कई तरह की मरुस्थली घास व औषधीय पादप संरक्षित है।
4. ज्याणी ने गांव-ढाणी तक घर-घर सहजन अभियान को पहुंचाकर 29 जिलों में 14 लाख सहजन रोपित करवाए।

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