पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

बदलाव:कांग्रेस राज में 14 बार बदले ईओ, बार-बार अधिकारी बदलने से नहीं हो रहे जनता से जुड़े कई काम

संगरिया2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • संगरिया ईओ पुरुषोत्तम एपीओ, जयकरण ने संभाला ईओ का पदभार

नगरपालिका में अधिशासी अधिकारी पुरुषोत्तम कुमार जैन काे एपीओ कर दिया गया है। उनके स्थान पर जयकरण गुर्जर को अधिशाषी अधिकारी लगाया गया है। गुरुवार सुबह नगरपालिका में नए ईओ जयकरण गुर्जर आए और पदभार ग्रहण किया। राज्य सरकार के आदेश में खास बात यह भी लिखी गई कि आदेश जारी होने की तिथि से स्वत: ही कार्यमुक्त समझें तथा नवपदस्थापित निकायों में कार्यभार ग्रहण कर तत्काल पालना रिपोर्ट विभाग को भिजवाई जाए। उक्त आदेशों की अवहेलना मानते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। ईओ बदलने की शहर में आज काफी चर्चा रही। इसका कारण राजनीतिक बताया जा रहा है। कांग्रेस के राज में 14 बार ईओ बदले गए हैं।

ईओ पुरुषोत्तम कुमार जैन काे पिछले चार महीनों में राज्य सरकार ने दो बार एपीओ कर दिया। पहली बार उन्हें संगरिया ईओ लगे पांच दिन ही हुए थे कि 22 सितंबर 2020 को एपीओ कर दिया गया। उनके स्थान पर बीकानेर नगर निगम से लेखाकार रणजीत खुडिया को ईओ लगाया। सरकार के इस आदेश के विरुद्ध पुरुषोत्तम जैन हाइकोर्ट चले गए। हाइकोर्ट ने सरकार के आदेश पर स्टे दे दिया था। अब दो माह बाद ही राज्य सरकार ने उन्हें फिर एपीओ कर दिया। नगरपालिका में बार-बार ईओ पर उठा-पटक होने से शहर में पूरी चर्चा है।

अंदर की बात: कांग्रेस के नेताओं में चल रही राजनीति
चर्चा है कि नगरपालिका में ईओ के पद को लेकर कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति जिम्मेदार है। अंदर की बात है कि कांग्रेस में बड़ा ओहदा रखने वालों ने ही पुरुषोत्तम जैन को हटाकर जयकरण गुर्जर को लगवाया है। इसी खींचतान की राजनीति के चलते नगरपालिका में 14 बार ईओ बदल चुके हैं। अब नगरपालिका चुनाव हैं। यह भी ईओ को बदलने का बड़ा कारण बताया जा रहा है। हैरानी यह भी है कि राताें-रात आदेश हुए और इन आदेशों की किसी को भनक तक नहीं लगने दी गई।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- आप अपने व्यक्तिगत रिश्तों को मजबूत करने को ज्यादा महत्व देंगे। साथ ही, अपने व्यक्तित्व और व्यवहार में कुछ परिवर्तन लाने के लिए समाजसेवी संस्थाओं से जुड़ना और सेवा कार्य करना बहुत ही उचित निर्ण...

    और पढ़ें