बिजली संकट:सूरतगढ थर्मल की सुपर क्रिटिकल की आठवीं इकाई भी हुई बन्द, 14 मार्च बंद है सातवीं इकाई

सूरतगढ़8 दिन पहले
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प्रदेश में एक बार फिर बिजली संकट गहरा सकता है। सूरतगढ़ थर्मल पावर प्लांट की सुपर क्रिटिकल की 660 मेगावाट की आठवीं इकाई भी बन्द हो गई है। इससे बिजली संकट का सामना कर रहे राज्य की परेशानियां और ज्यादा बढ़ गई है।

2880 मेगावाट क्षमता वाली एशिया की सबसे बड़ी सुरतगढ थर्मल परियोजना में उत्पादन एक बार तो घटकर मात्र 864 मेगावाट रह गया। क्योंकि सुपर क्रिटिकल की 660 मेगावाट की सातवीं इकाई जनरेशन ट्रांसफार्मर के चलते 2 माह पूर्व 14 मार्च से ही बन्द है। साथ ही सब क्रिटिकल की 250 - 250 मेगावाट की पहली और तीसरी इकाइयों से भी उत्पादन ठप पड़ा था।

हालांकि शनिवार सुबह 4 बजे 250 मेगावाट की बंद पड़ी पहली इकाई से उत्पादन शुरू हो गया। जिससे उत्पादन में आंशिक सुधार होकर शनिवार शाम को उत्पादन 1041 मेगावाट हो गया। इसी प्रकार 8180 मेगावाट क्षमता वाले राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम की इकाइयों से 4606 मेगावाट उत्पादन हो रहा है।

सुपर क्रिटिकल के मुख्य अभियंता बी. कुमार ने बताया कि तकनीकी खराबी के चलते 660 मेगावाट की आठवीं इकाई को बन्द किया गया है। कम से कम 3 दिन का समय सुधार में लगने की संभावना है। कोयले की सप्लाई सुचारू होने से पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। लगभग 60 हजार टन कोयले का स्टॉक उपलब्ध है।

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