अतिरुद्र महायज्ञ में दी पूर्णाहुति:श्रद्धालुओं ने अतिरुद्र महायज्ञ में दी पूर्णाहुति, मोतीगिरी महाराज ने दी साधु संतों को विदाई

मालपुरा4 दिन पहले
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नो दिनों से टोरडी के पचकुंडा महादेव परिसर में चल रहे 108 कुंडीय अतिरुद्र महायज्ञ का शनिवार को श्रद्धालुओं द्वारा वेदमंत्र विधान अनुसार पूर्णाहुति अर्पित करने साथ समापन हो गया। यज्ञाचार्य पंडित ब्रजलाल शर्मा बीकानेर , उपाचार्य पंडित घनश्याम शर्मा कलमंडा, ब्रह्मा पंडित रमेश शस्त्री टोरडी व सर्वोपदृष्टा अजय शास्त्री टोरडी व पंडित दाऊजी टोरडी सहित काशी के वेदाचार्यां के निर्देशन में यज्ञ मंडल में मौजूद करीब डेढ़ सौ पंडितों द्वारा 108 जोड़ो सहित तमाम श्रद्धालुओं के माध्यम से पूर्ण आहुति का विधान संपन्न कराया गया। महायज्ञ आयोजित करने वाले संत मोतीगिरी महाराज ने सभी को आशिर्वाद प्रदान किया तथा साधू संतो की विदाई शुरू की। पूर्णाहुति के अवसर पर यज्ञ में पांच सौ साधुओं के एकत्रित होने से कुंभ जैसा माहौल रहा।

पूर्णाहुति में अलका सिंह भाजपा राष्ट्रीय मंत्री व मालपुरा विधायक कन्हैयालाल अपनी धर्मपत्नी सहित तथा मालपुरा प्रधान सकराम चौपड़ा व अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी शामिल हुए। अतिरुद्र महायज्ञ के पूर्णाहुति समापन अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया जहां दोपहर से प्रसादी शुरू की गई भंडारे में बडी संख्या में श्रद्धालु उमडे। खास बात यह है कि भंडारे के दौरान सेवा करने वालों की भी कमी नहीं रही। हजारों की संख्या में एकत्रित हुए श्रद्धालुओं ने यज्ञस्थल की परिक्रमा कर पुण्य कमाया। यज्ञ समिति सदस्य व टोरडी सहित आस पास गांवों के लोग इस दौरान व्यवस्थाओं में जुटे रहे।

पूर्णाहुति के साथ श्रीराम महायज्ञ संपन्न

पचेवर। ग्राम पंचायत किरावल के बनेडिय़ा चारणान गांव में सात दिवसीय श्रीराम महायज्ञ का शनिवार को पूर्णाहुति के साथ समापन हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में आए संतों का आगमन हुआ। करणी माता मंदिर परिसर महंत रामगिरी महाराज के सानिध्य तथा आचार्य रामप्रसाद शास्त्री पारली वालों के निर्देशन में विद्वान पंडितों द्वारा उच्चारित मंत्रों पर यजमानों द्वारा हवन कुंडो में पूर्णाहुति दी गई। अभिजित मुहुर्त में पूर्णाहुति के साथ ही सात दिन से चले आ रहे पंच कुंडात्मक रीराम महाया सम्पन्न हुआ।

लोगों ने संतों के दर्शन किए। महायज्ञ के समापन पर विशाल भंड़ारे का भी आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्वालुओं ने पंगत प्रसादी ग्रहण की। महंत श्रीरामगिरी महाराज ने बताया कि करणी माता की कृपा तथा गुरुजी के आशीर्वाद से महायज्ञ सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। इसके लिए यज्ञ समिति के साथ ही हर वह कार्यकर्ता का सहयोग रहा।

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