बाई सिस्टम के शिकार:पीएम आवास के पांच हजार लाभार्थी हुए रिजेक्ट बाई सिस्टम के शिकार

मालपुरा24 दिन पहले
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प्रधानमंत्री आवास योजना का ऑन लाइन अपलोड सिस्टम से मालपुरा उपखंड की 38 ग्राम पंचायतों के 5 हजार चयनित लाभार्थियों के लिए नुकसानदायक साबित हुआ है। पीएम आवास योजना में चयनित इन परिवारों के आवेदन पत्र योजना पोर्टल पर अपलोड किए गए, लेकिन ऑन लाइन जांच के बाद 5 हजार परिवारों के आवेदनों को बगैर कोई कारण बताए रिजेक्ट बाई सिस्टम बता कर निरस्त कर दिया गया। हालत यह कि आज भी इन लोगों को कच्चे घरों में रहना पड़ रहा है। मालपुरा पंचायत समिति के प्रधान सकराम चौपड़ा ने रिजेक्ट बाई सिस्टम के शिकार हुए इन परिवारों के आवेदन दुबारा से अपलोड करने की आवश्यकता जताई है। प्रधान सकराम चौपड़ा का कहना है कि वर्ष 2018 के बाद आज तक पीएम आवास के लिए गांवों में गरीबों का सर्वे नहीं किया गया जिससे हजारों परिवार योजना से वंचित है। 40 से 50 हजार की ग्रामीण आबादी के मुकाबले अब तक पीएम आवास में सिर्फ 14 हजार परिवारों का चयन करना बहुत ही कम है। हजारों गरीब परिवार कच्चे मकानों में रहते है जो पीएम आवास चाहते हैं। मालपुरा में ये हुए थे स्वीकृत पीएम आवास योजना के तहत मालपुरा पंचायत समिति की 38 ग्राम पंचायतों में सर्वे के बाद वर्ष 2011 में 11022 आवास स्वीकृत किए थे।

वर्ष 2016-17-18 में आवास प्लस योजना में 3190 परिवारों के पीएम आवास स्वीकृत किए गए थे। ताजा जानकारी के अनुसार अब तक स्वीकृत कुल 14 हजार 212 पीएम आवास में से 9 हजार 743 लोगों के आवास पूर्ण निर्मित हुए है। पीएम आवास योजना में आवेदन करने वाले मालपुरा की 38 ग्राम पंचायतों के 225 परिवार ऐसे हैं जिन्होंने आवेदन किया है। मगर इनके पास आवास निर्माण का अपना भूखंड ही नहीं है। ऐसे में इन 225 परिवारों को आज तक निर्माण राशि की कोई किश्त नहीं दी गई।

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