अंतिम संस्कार रोका:श्मशान  भूमि पर हक जताकर पिता-पुत्र ने अंतिम संस्कार रोका

टोंक2 दिन पहले
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झिलाय। समझाइश करती तहसीलदार प्रांजल कंवर। - Dainik Bhaskar
झिलाय। समझाइश करती तहसीलदार प्रांजल कंवर।
  • तहसीलदार ने दोनों को किया पाबंद

किंवाडा गांव की श्मशान भूमि अपना हक जताते हुए पिता-पुत्र ने शनिवार को एक मृतक के दाह संस्कार में रुकावट पैदा कर दी। सूचना पर निवाई तहसीलदार प्रांजल कंवर ने मौके पर पहुंचकर समझाइश कर मृतक का अंतिम संस्कार करवाया। साथ ही हक जताने वाले पिता-पुत्र को पाबंद करते हुए भविष्य में ऐसा करने पर कठोर कार्यवाही की चेतावनी दी।

किंवाडा गांव में गोपी पुत्र मांगीलाल बैरवा का निधन हो गया है। परिजन उसका अंतिम संस्कार करने श्मशान गए। दाह संस्कार की तैयारियों के दौरान हरिनारायण बैरवा अपने बेटे के साथ वहां आया और श्मशान की भूमि पर अपना हक जताते हुए अंतिम संस्कार का विरोध करने लगे। उन्होंने दाह संस्कार के लिए लाई गईं लकडियां भी फेंक दी।

इस पर लोगों ने निवाई तहसीलदार को सूचना दी। दाह संस्कार में रूकावट की सूचना पर तहसीलदार प्रांजल कंवर मौके पर पहुंची। जहां पिता-पुत्र को जानकारी दी कि वे जिस खसरा नंबर 772 में से एक बीघा भूमि पर हक जता रहे हैं उक्त जमीन को सीमाज्ञान कर श्मशान भूमि के लिए ग्राम पंचायत को सुपुर्द कर दी गई थी। तहसीलदार ने पिता-पुत्र को भविष्य में श्मशान भूमि पर अतिक्रमण नहीं करनेे को पाबंद किया साथ ही कठोर कानूनी कार्यवाही करने की चेतावनी दी। समझाईश के बाद मृतक का दाह संस्कार करवाया गया।

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