मनरेगा योजना में चारागाह भूमि पर लगाए फलदार पौधे:पंचायतों की आय में होगा इजाफा

टोंक14 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
दूनी और बनवाड़ा ग्राम पंचायत में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत चारागाह भूमि पर फलदार और दूसरे पौधे लगाए जा रहे हैं।   - Dainik Bhaskar
दूनी और बनवाड़ा ग्राम पंचायत में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत चारागाह भूमि पर फलदार और दूसरे पौधे लगाए जा रहे हैं।  

टोंक जिले की दूनी और बनवाड़ा ग्राम पंचायत में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत चारागाह भूमि पर फलदार और दूसरे पौधे लगाए जा रहे हैं। इससे ग्राम पंचायतों की आय में इजाफा हो सकेगा और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी।

ग्राम पंचायत दूनी में ग्राम सभा में प्रस्ताव लेकर जून 2021 में यह काम शुरु किया गया था जिसमें ग्राम वासियों ने चारागाह फलदार वृक्षारोपण को विकसित करने में अपना पूरा सहयोग दिया। इससे जरूरतमंद लोगों को मनरेगा में रोजगार उपलब्ध हुआ। चारागाह की सुरक्षा के लिए खाई फेंसिंग की गई।

ग्रामवासी रामराज, श्याम ने बताया कि चारागाह के पूर्ण विकसित होने पर ग्राम पंचायत की निजी आय में वृद्धि होगी। इसी तरह पंचायत समिति पीपलू की ग्रामपंचायत में 5 हेक्टेयर चारागाह में फलदार वृक्षारोपण पंचायत की निजी आय का स्थाई स्त्रोत बनने की दिशा में भी काम किया गया। चरागाह में एक हजार पौधे लगाए गए हैं। जिनमें अमरूद के 700 और नींबू के 300 पौधे हैं। इस चारागाह में भामाशाह द्वारा भी 500 पौधे भी लगाए गए हैं। चरागाह में पानी के लिए नाडी का कार्य प्रगति रत है।जिसमें उपलब्ध पानी का उपयोग लगाए गए पौधों को पानी पिलाने के लिए किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि भामाशाह द्वारा पौधों को ड्रिप सिस्टम के द्वारा स्वयं के कुएं से पानी पिलाने का कार्य भी किया जाता है। सोलर पैनल मय ट्यूबवेल की स्वीकृति एफ एफसी मदद से 5 लाख की जारी की गई है। पौधों की सुरक्षा के लिए मनरेगा योजना के माध्यम से डिच-कम-बंड किया जा कर ग्राम पंचायत एफएफसी मद से चारागाह की सुरक्षा एवं रखरखाव के लिए कटीले वायर फेंसिंग में सीमेंट पोल की व्यवस्था की गई है। साथ ही 3 चौकीदार 24 घंटे सुरक्षा के लिए लगाए गए हैं। चारागाह में पौधों के बीच नेपियर घास और धामण घास लगाई गई है, जिससे जानवरों के लिए भी भोजन उपलब्ध हो सके।