प्रिंसिपल ने बदली स्कूल की फिजा:जन सहयोग से 5 साल में ही मॉडल स्कूल को बनाया सुपर मॉडल

टोंकएक महीने पहले
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राजकीय स्वामी विवेकानंद मॉडल � - Dainik Bhaskar
राजकीय स्वामी विवेकानंद मॉडल �

मन में कुछ अलग करने का जुनून हो तो कोई काम मुश्किल नहीं होता है। ऐसा ही कर दिखाया है निवाई के राजकीय स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल के प्रिंसिपल कुमाराम चौधरी ने। उन्होंने इस मॉडल स्कूल में दानदाताओं के सहयोग से वे सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं, जिससे स्कूल की तस्वीर ही बदल गई है और मॉडल से सुपर मॉडल स्कूल बन गया है।

निवाई के झिलाय रोड केरोद मोड स्थित स्वामी विवेकानन्द राजकीय मॉडल स्कूल 2014 में अस्तित्व में आया था। यह निवाई ब्लॉक में अंग्रेजी माध्यम का सीबीएसई से मान्यता प्राप्त एकमात्र विज्ञान संकाय का सरकारी स्कूल है। स्थापना के बाद से स्कूल में बिजली, पानी, भूमि सीमा ज्ञान, अधूरी बाउंड्री, खेल मैदान का अभाव, सीसीटीवी कैमरे न होना, पेड़ पौधों का अभाव, प्रार्थना स्थल पर टीन शेड की कमी और पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं थी। स्कूल में ग्रामीण फीडर से बिजली कनेक्शन होने के कारण सप्लाई सुचारू नहीं थी। बोरवेल का पानी भी पीने लायक नहीं था। बिजली के अभाव में स्कूल के संसाधनों का उपयोग उचित तरीके से नहीं हो पा रहा था। कम्प्यूटर लैब, स्मार्ट क्लास, स्टार्ट बूट क्लब, क्लिक योजना आदि का कोई उपयोग नहीं हो रहा था। इससे स्टूडेंट स्कूल के संसाधनों का समुचित लाभ नहीं ले पा रहे थे।

स्कूल में हुआ यह बदलाव
इसी दौरान मई 2017 में स्कूल के नए प्रिंसिपल कुम्भाराम चौधरी ने कार्य ग्रहण किया। उन्होंने ने शिक्षकों एवं अभिभावकों के सुझावों व सहयोग से विशेष कार्य योजना बनाकर स्कूल का कायाकल्प करने का संकल्प किया। प्रिंसिपल ने अपना पूरा समय स्कूल को उत्कृष्ट बनाने में लगा दिया। स्कूल में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के प्रयास किए। इसके लिए 5 लाख की लागत से एक विशेष आपूर्ति लाइन से स्कूल जुड़ चुका है। विद्यालय की 16 बीघा भूमि का सीमाज्ञान करवाकर अधूरी बाउंड्रीवाल का निर्माण कर दिया गया है। विभिन्न खेलों के ग्राउंड विकसित किए गए है। जहां एक भी जीवित पौधा नहीं था, वहां आज परिसर में 500 से अधिक हरे भरे पौधे लगे हुए है। कम्प्यूटर लैब, स्मार्ट क्लास का उपयोग हो रहा है। माइंड स्पार्क योजना द्वारा हिन्दी एवं गणित का अध्ययन कम्प्यूटर द्वारा करवाया जा रहा है। क्लिक योजना चल रही है। स्कूल परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं।

पिछले वर्षों में प्रिंसिपल ने दानदाताओं से सम्पर्क कर स्टूडेंट के लिए वाटर कूलर, फर्नीचर, सीसीटीवी कैमरे, खेल मैदान का विकास करवाकर स्कूल का कायाकल्प किया। वहीं, प्रशासन के सहयोग से भूमि ज्ञान करवाकर अधूरी बाउंड्रीवाल को पूरा करवाया गया। शैक्षणिक एवं सह गतिविधियों में स्कूल ने उल्लेखनीय प्रगति की है। गत वर्षों से स्कूल का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत आ रहा है। राज्य स्तरीय बैंड प्रतियोगिता में स्कूल द्वितीय स्थान पर रहा। वर्ष 2019 में स्कूल की छात्रा ने कक्षा 10 में 96.40 प्रतिशत अंक प्राप्त कर 134 मॉडल स्कूलों में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है।

नामांकन लक्ष्य के शत-प्रतिशत

मॉडल स्कूल का नामांकन लक्ष्य 560 विद्यार्थियों का है। सत्र 2018-19 में स्कूल का नामांकन 370 था, जो 2021-22 में शत-प्रतिशत हो गया है। राज्य के 134 मॉडल स्कूलों में से पांच स्कूलों का ही नामांकन शत प्रतिशत है। उनमें से मॉडल स्कूल निवाई भी एक है। यह स्कूल आईएसओ 9001:2015 सर्टिफाइड है।

सह शैक्षणिक गतिविधियों में भी अव्वल
कला उत्सव में जिला एवं राज्य स्तर पर पिछले तीन वर्षों से मॉडल स्कूल निवाई के स्टूडेंट ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इसका प्रमाण यह है कि सत्र 2021-22 में जिला स्तर पर आयोजित 18 प्रतियोगिताओ में से 11 प्रतियोगिताओं में स्कूल के छात्र-छात्राओं ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इन 11 छात्र/छात्राओं ने राज्य स्तर पर भाग लिया, जिसमें से 5 छात्र/छात्राओं ने राज्य स्तर पर भी प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त किया। स्कूल के छात्र हर्षवर्धन माछलपुरिया तथा छात्रा मोनिका मीणा का कक्षा 12 के साथ ही आईआईटी में चयन हुआ है।