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राहत में भी देरी:उड़द की फसल में 100 फीसदी खराबा हुआ था, 224 गांवों के 39 हजार किसानों को दस महीने बाद भी नहीं मिला मुआवजा

टोंकएक महीने पहले
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  • उनियारा उपखंड क्षेत्र में 51 हजार 500 हैक्टेयर में उड़द की फसल खराब हुई थी, सरकार को भेजी थी सूची

जिले के उनियारा उपखंड क्षेत्र में खरीफ में हुए खराबे का मुआवजा किसानों को 10 माह बीतने के बावजूद नहीं मिल सका है, जबकि सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन की ओर कराई गई विशेष गिरदावरी में उनियारा उपखंड में उड़द की फसल में 100 फीसदी खराबा सामने आया था। खराबे में उपखंड के 224 गांव चिन्हित कर सूची सरकार को भेजी गई थी। इसमें 18 करोड़ 39 लाख 73 हजार 842 राशि 30 हजार 923 पीड़ितों को दी जानी है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि अधिकतर प्रक्रिया पूरी है। जल्दी ही बजट मिलने की उम्मीद है। वर्ष 2021 में 28 जुलाई व 15 अगस्त के बीच जिले में नियमित रूप से हो रही बारिश से किसानों की उम्मीदों की फसल पर पानी फिर गया था। कृषि विभाग ने भी टोंक, उनियारा, निवाई व दूनी क्षेत्र में अतिवृष्टि से फसलें गलने की बात स्वीकारी थी। गिरदावरी में 33 फीसदी से अधिक खराबा होने की बात उनियारा उपखंड क्षेत्र में ही सामने आई। इस पर प्रशासन की ओर से 224 गांवों की 51 हजार 500 हैक्टेयर उड़द में शत फीसदी खराबा माना।

ये है नियम: अधिकतर 2 हैक्टेयर तक में खराबे का मिलता है मुआवजा
कलेक्ट्रेट परिसर स्थित आपदा राहत कोष से मिली जानकारी के अनुसार खराबे के बाद एक किसान को 2 हैक्टेयर तक भूमि का ही खराबे का मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है। इसमें असिंचित भूमि में 6800 रुपए प्रति हैक्टेयर, नहरी या कुएं से सिंचित भूमि में 13500 रुपए प्रति हैक्टेयर व बारहमासी सिंचित भूमि में 18000 रुपए प्रति हैक्टेयर राशि मुआवजे के रूप में दिए जाने का प्रावधान है।

जिले में सर्वाधिक 51 हजार हैक्टेयर में बुवाई
कृषि विभाग के अनुसार बीते खरीफ सीजन में 2 लाख 89 हजार 193 हैक्टेयर भूमि में खरीफ फसलों की बुवाई की गई थी। इसमें कुल 67 हजार 807 हैक्टेयर में उड़द, 61 हजार 141 हैक्टेयर में मूंग, 20 हजार 585 हैक्टेयर में मूंगफली, 69 हजार 264 हैक्टेयर में ज्वार व 46 हजार 164 हैक्टेयर में बाजरे की बुवाई हुई थी। इसमें सर्वाधिक 51 हैक्टेयर भूमि में उनियारा उपखंड में उड़द की बुवाई हुई थी।

किसान 31 मई तक राजस्व पत्रावली जमा कराएं

उनियारा | उपखंड क्षेत्र में खरीफ फसलों में हुए नुकसान के मुआवजा लिए किसान 31 मई तक राजस्व पत्रावली पटवारी के पास जमा कराने के तहसीलदार कैलाश मीणा ने अपील की है। तहसीलदार कैलाश मीना ने बताया गया कि तहसील उनियारा में अतिवृष्टि के कारण 2021-22 में खरीफ फसलों को नुकसान हुआ है। फसलों में खराबे के कारण राज्य सरकार की ओर से किसानों को कृषि आदान अनुदान वितरण करने के लिए कृषकों के डाटा, जन आधार कार्ड, आधार कार्ड, बैंक खाते की पासबुक की प्रति, किसान की जमाबंदी डीएमआईएस पोर्टल पर अपलोड करने के लिए सभी पटवारियों को निर्देशित किया है।

उन्होंने बताया कि प्रभावित काश्तकारों में से अब तक 31 हजार 7 सौ 66 काश्तकारों के ही डाटा डीएमआईएस पोर्टल पर अपलोड हुए हैं। उन्होंने बताया कि जिन काश्तकारों की ओर से अब तक अपना जनआधार कार्ड, आधार कार्ड , बैंक खाते की पासबुक की प्रति एवं जमाबन्दी की प्रति संबंधित पटवारी हल्का को उपलब्ध नहीं कराई है। वह 31 मई तक अपने दस्तावेज पटवारी जमा कराएं।

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