शुद्ध के लिए युद्ध अभियान:कृषि मंडी में सरसों में तेल की मात्रा जांचने के दो ही लेब होने से रिपोर्ट मिलती है देरी से

निवाई14 दिन पहले
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स्थानीय कृषि उपज मण्डी में सरसों में तेल की मात्रा जांचने के लिए दो ही लेब लगी हुई होने के कारण समय पर रिपोर्ट नहीं मिलती है। इसकी वजह से किसानों व व्यापारियों को परेशानी उठानी पड़ती है। रिपोर्ट देरी से आने के कारण कई बार किसानों व आढ़तियों व ख़रीदारों में भावों को लेकर विवाद तक हो जाता है। स्थानीय कृषि मण्डी ए श्रेणी की मण्डी है। पूरे साल मण्डी में सरसों बिकने के लिए आती है। मण्डी में अन्य जिन्सों के मुकाबले सरसों की बम्पर आवक होती है। जानकारी के अनुसार मंडी में आने वाले किसान आढतियों के सरसों खाली कर देते है। माल खाली होने के बाद व्यापारी सरसों का सेम्पल लेकर लेब में भिजवा देते हंै। मण्डी में सरसों की फसल की बम्पर आवक होने से मण्डी में लगी हुई दो लेब पर काम का भार बढ़ जाता है।

इसकी वजह से रिपोर्ट मिलने में देरी होती है। मण्डी में पल्लेदार माल की तुलाई शाम 5 बजे तक ही करते हैं। कई बार तो सरसों की लैब की रिपोर्ट तुलाई बंद होने के बाद तक आती है। ऐसे में सरसों की लैब रिपोर्ट आने से पहले ही आढ़तियों को खरीददारों को 42 कंडीशन के भाव के अनुसार माल बेचना पड़ता है। रिपोर्ट देरी से मिलने के कारण सरसों में तेल की मात्रा का माल बिकने के बाद पता चलता है। ऐसे में व्यापारी व किसान को यह तक जानकारी नहीं हो पाती है कि माल किस भाव में बेचा गया है। ऐसे में व्यापारी व किसान के बीच असमंजस की स्थिति बनी रहती है।

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