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पलटवार किया:बीजेपी आने से 2015 में अटका काम, सांसद के आराेप बेबुनियाद

भीम2 महीने पहले
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  • भीम विधायक सुदर्शन सिंह रावत ने सांसद दीयाकुमारी के आरोपों का दिया जवाब

भीम विधायक सुदर्शन सिंह रावत ने सांसद दीयाकुमारी के बेबुनियाद आरोपों को जवाब देते हुए कहा कि सांसद झूठ बोल रही है। कहा कि यह सड़क जिसका काम 22 फरवरी 2013 को तत्कालीन सड़क मंत्री डाॅ. सीपी जोशी ने शुरू कराया था। उसे 2019 तक पूरा करना था। लेकिन 2014 में केन्द्र में बीजेपी की सरकार के आने के बाद 2015 से सड़क का काम बंद है, जबकि सांसद कह रही है कि सड़क का काम 2010 में पूरा हाेना था, जो झूठ है।

डॉ. सीपी जोशी का विजन था कि 2012 अक्टूबर में गोमती से उदयपुर के शिलान्यास के समय इस गोमती-ब्यावर सड़क की घोषणा की, अल्प समय में 2013 में इसकी शुरुआत की, लेकिन 2014 में भाजपा सरकार आने के बाद से आज तक इसका काम बंद है। सांसद दीयाकुमारी काे नहीं मालूम कि ब्यावर-गोमती में बीच में इस मौत के हाइवे में मगरा क्षेत्र के कितने सपूतों को खोया हैं, कितने विकलांग हुए। इसी कारण केंद्र की 6 साल से सोई सरकार को जगाने के लिए 5 दिवसीय पदयात्रा निकालनी पड़ी। इसमें 10 से 15 हजार लोगों ने अपना योगदान दिया। पद यात्रा के दबाव में आकर केंद्र सरकार ने 6 साल पुराने मौत के हाइवे को शुरू करने की स्वीकृति दी। जहां तक श्रेय लेने की बात है तो इतिहास गवाह है कि सदियों से जनता के खून पसीने की गाढ़ी कमाई से बनाई इमारतों पर नाम तो राजा महाराजाओं ने ही लिखवाया था। युद्ध तो सेना लड़ती थी।

विधायक रावत ने सांसद से इस सड़क को लेकर किए ये सवाल

1. 2014 से 2020 तक 6 साल में सांसद, विधायक, मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री सब भाजपा के थे तो सड़क का काम क्यों शुरू नहीं हुआ? 2. 515 मौतों का जिम्मेदार कौन? 3. फरवरी 2020 में स्वीकृति के बाद भी आज तक 16 महीनाें में काम शुरू क्यों नहीं हुआ ?

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