​​​​​​​विधानसभा उपचुनाव:सीएम से जनता का सवाल, धरियावद में कृषि मंडी, नगर पालिका व सेटेलाइट अस्पताल की घाेषणा कब हाेगी पूरी

धरियावद18 दिन पहलेलेखक: गेंदमल पालीवाल
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  • सीएम अशाेक गहलाेत धरियावद में चुनाव को लेकर कल जनसभा को संबोधित करेंगे
  • पालिका के अभाव में गंदगी का अंबार, सड़कों पर कीचड़, टूटी फूटी नालियां

उपखंड मुख्यालय पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत विधानसभा उपचुनाव काे लेकर सभा करने अा रहे हैं। लेकिन इससे पहले जनता सरकार से सवाल कर रही है कि पहले की घाेषणाएं कब क्रियांवित हाेगी। बता दें कि राज्य सरकार ने धरियावद में कृषि मंडी, नगर पालिका का दर्जा और सेटेलाइट अस्पताल की घाेषणा अब तक क्रियांवित नहीं हुई है।

जनता की लंबे समय की मांग पर सरकार ने कई घोषणाएं तो कर दी, लेकिन धरातल पर अभी तक कुछ नहीं हो पाया है। 2021 में धरियावद में नगर पालिका और हाल ही में अस्पताल को 100 बेड का क्रमोन्नत कर सेटेलाइट हाॅस्पिटल की घोषणा की। दो महीने पूर्व 200 करोड़ के विकास कार्यों की घोषणाएं की गई। जिसमें कई कार्य अभी भी धरातल पर आमजन के हित में शुरू नहीं हुए हैं। 21 किमी मुख्य मार्ग जाखम चौराहा तक प्रतापगढ़-धरियावद की सड़क का निर्माण कार्य दो वर्ष बीतने के बावजूद बजट के अभाव में आज भी अधूरा पड़ा है।

धरियावद ग्राम पंचायत को मार्च माह में विधानसभा बजट सत्र के दौरान नगर पालिका का दर्जा देने की घोषणा तो कर दी गई। 7 माह बाद भी ग्राम पंचायत ही संचालित हो रही है। जिससे लोगों में अब दिनों दिन निराशा अा रही है। धरियावद ग्राम पंचायत में बजट के अभाव में चारों ओर गंदगी का अंबार, सड़कों पर कीचड़, टूटी फूटी नालियां, रोड लाइट का अभाव तथा भारी तादाद में अतिक्रमण बढ़ रहा है। भू माफियाओं का दबदबा गरीबों को सता रहा है। ग्रामवासियों ने शीघ्र ही नगर पालिका संचालित करने की मांग की है।

उपचुनाव की घाेषणा के बाद लगी घाेषणाओं की झड़ी

धरियावद विधानसभा क्षेत्र के दिवंगत विधायक गौतमलाल मीणा के निधन के बाद उप चुनाव के मद्देनजर प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर धरियावद क्षेत्र में अचानक विकास कार्यों की बरसात की झड़ी लग गई। जिला प्रभारी मंत्री अर्जुन लाल बामनिया, प्रतापगढ़ विधायक रामलाल मीणा, पूर्व मंत्री महेन्द्रजीत सिंह मालवीय एवं पूर्व विधायक नगराज मीणा ने क्षेत्र में विकास की गंगा महज छह महीने में बहाने का प्रयास किया।

जिसके तहत 200 करोड़ रुपए से भी अधिक बिजली, पानी, सड़क, जाखम की नहर सुदृढ़ीकरण के साथ 96 करोड़ रुपए के अतिरिक्त जनहितार्थ कार्य को हरी झंडी मिली। लेकिन क्षेत्र में जाखम की नहरों से करोड़ों रुपए का अनाज का दाम कृषि मंडी के अभाव में किसानों को नहीं मिल रहा है। इसके लिए वर्ष 2020 में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा धरियावद में कृषि मंडी खोलने की घोषणा की गई, लेकिन यह अभी तक प्रारंभ नहीं हो पाई है।

पैदावार खूब हाेती है, लेकिन मंडी के अभाव में दाम नहीं मिलता

धरियावद में कृषि मंडी की घोषणा वर्ष 2019 बजट सत्र में घोषित हो चुकी थी। धरियावद क्षेत्र में 10 लाख टन से भी अधिक गेंहू, चना, मक्का, सोयाबीन आदि जिंस की पैदावार होती ह। लेकिन किसान सम्पन्न नहीं है। कृषि मंडी के अभाव में किसानों को अपने उत्पादन का पूरा मूल्य नहीं मिल रहा है। धरियावद में कृषि अधिकारी सहित कई सरकारी विभागों में अधिकारी व कर्मचारी की कमी है।

उदयपुर से इंदौर रात्रिकालीन रोडवेज बस के लिए कई बार जनप्रतिनिधियों से मांग की गई। इसके साथ ही बांसवाड़ा जयपुर वाया धरियावद तथा अहमदाबाद के लिए रात्रिकालीन रोडवेज बस सेवा, गलियाकोट, सागवाड़ा, डूंगरपुर, सलूंबर, धरियावद, मंदसौर के लिए रोडवेज बस चलाने को लेकर यातायात मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास का धरियावद आगमन के दौरान भारी तादाद में कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों ने मांग कर ज्ञापन दिया था।

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