जल जीवन मिशन योजना के तहत काम:बिना परमिशन हॉस्पिटल की जमीन पर रातों-रात खोद दिए तीन ट्यूबवेल, अस्पताल प्रभारी को पता चला तो काम को रुकवाया

धरियावद2 महीने पहले
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मूंगाणा में हॉस्पिटल परिसर के अंदर ट्यूबवेल खोदने का विरोध करते हुए ग्रामीणजन। - Dainik Bhaskar
मूंगाणा में हॉस्पिटल परिसर के अंदर ट्यूबवेल खोदने का विरोध करते हुए ग्रामीणजन।
  • ठेकेदार-सरपंच-अधिकारी एक दूसरे को ठहराते रहे जिम्मेदार

क्षेत्र के मूंगाणा कालीछापर मोहल्ले में 7 करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर के पीछे जल जीवन मिशन के घर-घर नल योजना के तहत जलदाय विभाग के ठेकेदार ने तीन ट्यूबवेल खोद डाले। इसके लिए जलदाय विभाग ने अस्पताल के प्रभारी अधिकारी, सीएमएचओ और ब्लॉक सीएमएचओ से इजाजत नहीं ली। रात्रि में ट्यूबवेल खोदने के बाद सुबह सूचना मिलने पर हॉस्पिटल के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. जीवराज मीणा ने इसका विरोध किया।

साथ ही मौके पर सरपंच और पुलिस को बुलाकर ट्यूबवेल में पाइप व मोटर डालने के काम काे रुकवा दिया। जानकारी के अनुसार घर-घर नल योजना के तहत जलदाय विभाग की तरफ से ट्यूबवेल खुदवानी थी। हॉस्पिटल काे कुल 6 बीघा जमीन आवंटित है। इस कारण से परिसर में किसी भी तरह की ट्यूबवेल खोदने के लिए मनाही है। बिना इजाजत के जलदाय विभाग के ठेकेदार ने सोमवार रात को हॉस्पिटल परिसर में एक साथ तीन ट्यूबवेल खोद दिए।

एक दूसरे पर लगाते रहे आरोप

कनिष्ठ अभियंता रोहितकुमार ने बताया कि सरपंच की इजाजत के बाद ही ट्यूबवेल खोदा गया। वहीं, सहायक अभियंता दीपक मीणा भी मामले को टालते हुए नजर आए। सरपंच प्रतिनिधि हरीश मीणा एवं सरपंच चंपादेवी मीणा ने बताया कि उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के परिसर से कुछ दूरी पर जमीन का मुआयना करने के बाद ट्यूबवेल खोदने की बात कही थी। चिकित्सा प्रभारी ने कहा कि महिला वार्ड के पास ही बिना बताए रातों रात एक साथ तीन ट्यूबवेल खोद दिए गए। जो अस्पताल व्यवस्था तथा मरीजों के हित में नहीं है।

मामले काे लेकर जवाब मांगा जाएगा, फिलहाल कार्य को रोक दिया है : सहायक अभियंता

सहायक अभियंता दीपक कुमार ने बताया कि मूंगाणा गांव व आसपास की लगभग 7 हजार की आबादी में घर-घर नल योजना के तहत तीन टयूबवेल व दो पानी की टंकियों का निर्माण किया जाना है। पंचायत समिति के 10 ग्राम पंचायतों में योजना के तहत घर-घर पेयजल के लिए टेंडर हुए है। ठेकेदार ने बिना इजाजत से अस्पताल परिसर में तीन टयूबवेल खोद दिए। मामले काे लेकर जवाब मांगा जाएगा। फिलहाल कार्य को रोक दिया गया है। शीघ्र ही नियमानुसार कार्य करने के लिए कनिष्ठ अभियंता को निर्देशित किया जाएगा।

ठेकेदार बोला-खुद गए ट्यूबवेल, एसडीएम से परमिशन ले आऊंगा, ग्रामीणों ने टयूबवेल में मोटर व पाइप नहीं डालने दिए

मुख्य ठेकेदार जगदीशचंद्र बांसवाड़ा ने सब लेड पर उक्त कार्य का जोधपुर निवासी नेपालसिंह को पेटी कांट्रैक्ट में ठेका दे दिया। मौके पर टयूबवेल में मोटर एवं पाइप आदि का कार्य करने पर ग्रामीणाें, सरपंच एवं हॉस्पिटल प्रभारी ने विरोध कर कार्य को रुकवा दिया। सब लेड पर कार्य कर रहे ठेकेदार ने कहा कि में एसडीएम से परमिशन लाकर दे दूंगा, लेकिन अभी हमें कार्य करने दो। जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया। ग्रामवासियों ने बताया कि हॉस्पिटल की कुछ ही दूरी पर तालाब स्थित है, वहां पर पंचायत की अनुमति से ट्यूबवेल खोदा जा सकता है। सरपंच ने कहा िक ग्राम पंचायत की तालाब के पास जमीन पड़ी है, वहां पंचायत कोरम में अनुमति दी जा सकती है। ​​​​​​​

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