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खुलासा करने का आश्वासन:गांव पहुंचे जुड़वा भाइयों के शव, ग्रामीणों की रूलाई फूटी, बोले-अरे हत्याराें... बच्चाें से क्या मिला रे...

खमनोर21 दिन पहले
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  • खमनाेर थाना क्षेत्र के सांयाें का खेड़ा (वागा की वैर) में जुड़वा भाइयों की हत्या का मामला
  • विधानसभाध्यक्ष की समझाइश पर उठाए शव, एएसपी का 4 दिन में खुलासा करने का आश्वासन

सांयों का खेड़ा में जुड़वा भाइयों की हत्या के मामले में विधानसभाध्यक्ष डाॅ. सीपी जाेशी व एएसपी शिवलाल की समझाइश पर 24 घंटे बाद ग्रामीणाें ने धरना प्रदर्शन खत्मकर शव उठाए। दाेनाें ही मासूम के शव गांव पहुंचे ताे हर आंख नम हो गई। रूदन में ग्रामीण बोल उठे... अरे हत्याराें बच्चाें से क्या मिला रे...। तीन दिन बाद मासूम के शव देखकर पिता की आंखाें से आंसू छलक पड़े, वहीं बच्चों के लापता होने के दिन से मां के आंसू सूख चुके हैं। वागा की वैर में रहने वाले बालू सिंह के 7 साल के जुड़वा बेटे तंवरसिंह और भूपेंद्रसिंह गुरुवार दोपहर में लापता हो गए थे। शव शनिवार दोपहर करीब 2 बजे घर से 1 किमी दूर कुंए में मिले थे। पुलिस ने शवों का खमनोर सीएचसी में पोस्टमार्टम करवाया था।

पुलिस ने शव परिजनों को सौंपने के प्रयास किए, लेकिन ग्रामीण हत्या का खुलासा नहीं होने तक शव नहीं लेने के लिए अड़े रहे। पुलिस ने दोनों शव शनिवार रात को नाथद्वारा डीप फ्रीज में रखवा दिए थे। इस पर शनिवार पूरी रात खमनोर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में धरने पर बैठे। रविवार सुबह 9 बजे सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण, परिजन और समाजजनों ने खमनोर पुलिस थाने के बाहर धरना देकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। मामले को लेकर पुलिस लाइन सहित नाथद्वारा ओर देलवाड़ा थाने से जाब्ता बुलाया। एएसपी शिवलाल बैरवा, नाथद्वारा डिप्टी जितेंद्र आंचलिया और खमनोर थानाधिकारी ने एक घंटे तक समझाइश की।

संदिग्धाें से कर रहे पूछताछ : एएसपी

मासूमों की हत्या जघन्य अपराध है। चार टीमें लगाकर पुराने पारिवारिक विवाद व आर्थिक, जमीनी विवाद सहित एंगल पर जांच चल रही है। परिजनों द्वारा जिन संदिग्ध पर शक है, उन सभी लोगों को से भी पूछताछ की जा रही है।
शिवलाल, एएसपी, राजसमंद

निष्पक्ष जांच के लिए एएसपी को ज्ञापन

मेवाड़ राजपूत कृषक महासभा ने घटना की निष्पक्ष जांच करने को लेकर एएसपी को ज्ञापन दिया। इस दौरान जिला परिषद सदस्य कुकसिंह गौड़, ख़मनोर प्रधान भैरुलाल वीरवाल, पूर्व प्रधान पुरुषोत्तम माली, जिला सरपंच संघ अध्यक्ष संदीप श्रीमाली, मदनसिंह परमार, योगेंद्रसिंह चौहान सहित मौजूद रहे।

विधानसभाध्यक्ष डॉ. जोशी को निरस्त करना पड़ा कार्यक्रम

विधानसभाध्यक्ष और विधायक डाॅ. सीपी जोशी का रविवार दोपहर 3 बजे सांयों का खेड़ा में ग्रामीणों के साथ संवाद कार्यक्रम प्रस्तावित था। लेकिन इस मामले को देखते हुए विधानसभाध्यक्ष ने निरस्त कर दिया।

बच्चों के शव देखकर पिता की आंखें पथराई, मां के आंसू सूखे

जैसे ही मासूमों के शव गांव पहुंचे पिता बिलख पड़े। पिता की आंखें आंसूओं से पथरा गई। वहीं मां की आंखों के आंसू सूख चुक हैं। बता दे कि करीब 2 बजे बाद एक बार वापस ख़मनोर थाना परिसर में समाजजनों व अधिकारियों के बीच शव का अंतिम संस्कार करने पर वार्ता हुई।

एएसपी शिवलाल बैरवा ने कहा कि पुलिस की चार टीमें लगातार आरोपियों को ढूंढने का प्रयास कर रही है। हर एंगल से जांच की जा रही है। खुलासा करने के लिए ग्रामीणों का सहयोग जरूरी है और चार दिन में घटना का खुलासा कर दिया जाएगा। इसके बाद भी परिजन अंतिम संस्कार नहीं करने की बात पर अड़े रहे।

तीन बजे विधानसभाध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने परिजनों और ग्रामीणों से फोन पर वार्ता कर समझाइश की। डॉ. जोशी ने कहा कि पुलिस को काम करने का अवसर दें, मामले पर निगरानी रख रहे हैं, जल्द खुलासा होगा। इसके बाद ग्रामीण अंतिम संस्कार करने पर राजी हुए।

करीब 5 बजे दोनों बच्चों के शव नाथद्वारा से एम्बुलेंस में घर लेकर आए। शव देख परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। जैसे ही गांव में दाेनाें मासूम के शव पहुंचे, सभी ग्रामीण राे पड़े और एक साथ बाेल कर कहा कि अरे हत्याराें, बच्चाें ने क्या बिगाड़ा... ऐसा क्याें किया रे... कहते हुए हर आंख में आंसू आ गए। दाेनाें मासूमों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।

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