लापरवाही:1 साल पहले 1 करोड़ रुपए मंजूर, जमीन तक नहीं देखी

नाथद्वारा2 महीने पहले
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  • नाथद्वारा के लालबाग स्थित 200 बेड के सरकारी अस्पताल में परिजनाें काे ठहरने के लिए बनना है विश्रांति गृह

नाथद्वारा के लालबाग स्थित 200 बेड वाले राजकीय चिकित्सालय में भर्ती मरीजों के परिजनों के ठहरने के लिए बनाए जाने वाले विश्रांति गृह के लिए राज्य सरकार ने एक करोड़ रुपए की स्वीकृति दी करीब एक साल हाे चुका है। लेकिन प्रशासन और मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी अभी तक चिकित्सालय के आसपास जमीन चिन्हित तक नहीं कर सके हैं। इससे विश्रांति गृह के निर्माण का काम शुरू नहीं हो सका है। पूर्व में मेडिकल रिलीफ सोसायटी की तरफ से चिकित्सालय के समीप की जमीन चिह्नित कर ली थी, लेकिन वह जगह कृषि विभाग की होने से योजना परवान नहीं चढ़ी।

200 बेड वाले अस्पताल में सैकड़ाें मरीज भर्ती होते है। प्रतिदिन 550 के करीब आउटडोर तथा 25 से 30 भर्ती का आंकड़ा हैं। आस-पास के गांवों से आने वाले मरीजों के परिजनों के लिए अस्पताल में रूकने की कोई जगह नहीं है। दिन व रात सर्दी, बारिश व गर्मी में परिजन खुले में ही रहते हैं। शहर की लोक अधिकार मंच सहित विभिन्न संस्था, संगठनों द्वारा की जा रही लंबी मांग के बाद सरकार ने विश्रांति गृह के लिए 1 करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे।

जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही : नपाध्यक्ष

विश्रांति गृह के लिए जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है। अस्पताल के पास कृषि विभाग की जमीन खाली है, लेकिन वहां निर्माण के लिए मनाकर दिया है। जल्द जगह का निर्धारण करवाकर विश्रांति गृह का निर्माण करवाया जाएगा। -मनीष राठी, नपाध्यक्ष, नाथद्वारा नगरपालिका

ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के मरीजों के परिजनों का अस्पताल में ठहरना मुश्किल है। विश्रांति गृह के लिए राज्य सरकार ने राशि स्वीकृत की है। फिर भी अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया है। जल्द जमीन उपलब्ध करवाकर नपा प्रशासन को मरीजों के परिजनों को राहत देनी चाहिए।
-राकेश कोठारी, अध्यक्ष, लोक अधिकार मंच, नाथद्वारा

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