पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

काली पट्टी बांधकर किया काम:आईएमए के पदाधिकारी, सदस्यों ने चिकित्साकर्मियों पर हिंसा के विरोध में किया प्रदर्शन

नाथद्वाराएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की जिला शाखा के सदस्यों और पदाधिकारी डाॅक्टरों की तरफ से शुक्रवार को राजकीय चिकित्सालय के बाहर चिकित्साकर्मियों के साथ हो रही हिंसा के विरोध में प्रदर्शन किया। डाॅक्टरों ने विरोध दिवस मनाते हुए काली पट्टी बांध काम किया।

आईएमए के जिलाध्यक्ष डाॅ. राजेंद्र शर्मा के नेतृत्व में डाॅक्टर सहित मेडिकल स्टाफ ने अस्पताल के बाहर मुख्य गेट पर विरोध जताया। आईएमए के जिलाध्यक्ष डाॅ. शर्मा और जिला सचिव डाॅ. अनमोल पगारिया सहित ने संबोधित किया। आईएमए की तरफ से जो विरोध प्रदर्शन देशभर में किया जा रहा है वह चिकित्साकर्मियों और डाॅक्टरों पर हो रही हिंसा के खिलाफ है। आईएमए पिछले कई वर्षाें से मांग कर रही है, एक ऐसा केंद्रीय कानून बने जो डाॅक्टरों और चिकित्साकर्मियों पर जो हिंसा हो रही है उसे रोका जा सके। पिछली बार संसद की बैठक में प्रस्ताव आना था, लेकिन उसे वापस लिया गया।

आईएमए ने कोई लाखों करोड़ों रुपए की मांग नहीं की थी केवल अपनी सुरक्षा के लिए अधिनियम लाने की मांग की थी। आज तक ऐसा कानून नहीं बन सका है। इसलिए संस्था को मजबूरी में इस कोरोना काल में विरोध प्रदर्शन करना पड़ रहा है।

आईएमए के जिला सचिव डाॅ. अनमोल पगारिया ने कहा कि पिछले वर्ष एक गाना हम डाॅक्टरों के लिए आया था सरहद पर वर्दी खाकी है वो अब सफेद है लेकिन कोरोना की दूसरी लहर आते आते वो सफेद वर्दी लाल होने को है। पिछले कुछ महीनाें में चिकित्साकर्मियों के साथ बहुत अधिक हिंसक वारदात हुई। उन्होंने कहा हम डाॅक्टर भी इंसान है, हम नहीं चाहते की हमें मारा जाएं। नर्सिंग स्टाफ की तरफ से सेवाराम पालीवाल ने कहा कि कोरोना काल में मरे डाॅक्टरों-चिकित्साकर्मियों को शहीद का दर्जा दिया जाएं। इस दौरान अस्पताल के पीएमओ डाॅ. कैलाश भारद्वाज, डाॅ. अनिल शाह, डाॅ. बाबूलाल जाट, डाॅ. राजेश करणपूरिया, डाॅ. रेखा शर्मा सहित माैजूद रहे।

खबरें और भी हैं...