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आवंटित नहीं हुई राशि:8 साल में जलदाय विभाग काे 6 कराेड़ 41 लाख की आय, 24 कराेड़ का खर्चा, बिजली बिल के ही 6 कराेड़ रु. बाकी

नाथद्वाराएक महीने पहले
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  • 55 प्रतिशत लाेग ही जमा करवाते हैं पानी का बिल, तीन साल से किसी भी मद से विभाग काे आवंटित नहीं हुई राशि

शहर का जलदाय विभाग भारी घाटे में चल रहा है। विभाग पर 6 कराेड़ 5 लाख 93 हजार के बिजली बिल सहित लाखाें की देनदारियां है। पिछले 8 साल में नाथद्वारा में जलदाय विभाग के 24 करोड़ 24 लाख 58 हजार खर्च हुए, जबकि 6 करोड़ 41 लाख 60 हजार की ही आय हुई।

आठ साल में विभाग को करीब 17 करोड़ 82 लाख 98 हजार का घाटा हुआ। बताया कि शहर में राेजाना पेयजल के लिए एक करोड़ लीटर पेयजल का उपयोग किया जाता है। करीब 8 हजार 907 घरेलू, 526 व्यवसायिक व सार्वजनिक कनेक्शन सहित 9 हजार 435 कनेक्शन में से आधे उपभोक्ताओं के पास ही मीटर लगे हुए हैं।

जिन उपभोक्ता के मीटर नहीं हैं, उन्हें विभाग 2 माह का औसतन 157 रुपए के हिसाब से बिल भेजता है। मीटर वालों से 8 हजार लीटर उपभोग तक प्रति हजार लीटर के एक रुपए 72 पैसे के हिसाब से बिल वसूलता है। 9 से 15 हजार लीटर उपभोग करने पर प्रति हजार पर 2 रुपए 20 पैसे के हिसाब से बिल दिया जाता है। इतनी देनदारियाें के पीछे महत्वपूर्ण कारण उपभाेक्ताअाें की तरफ से बिल जमा नहीं करवाना भी है। विभाग प्रतिमाह उपभाेक्ताओं काे बिल भेजता हैं, लेकिन इनमें से 55 प्रतिशत उपभोक्ता ही बिल की राशि जमा करवाते हैं।

45 प्रतिशत लोग बिना बिल दिए पानी का उपभोग कर रहे हैं। पिछले तीन साल में किसी भी मद में विभाग काे कोई राशि आवंटित नहीं हुई। बता दे कि विभाग का प्रतिमाह 30 लाख रुपए के करीब बिजली का बिल आता है, जबकि आय मात्र 10 लाख रुपए प्रतिमाह ही है। बिजली विभाग ने राशि जमा कराने नोटिस भी भेजा था।

2019-20 में आय : 12271000, जबकि 1 करोड़ 84 लाख 25 हजार का खर्च

जलदाय विभाग को 2012-13 में नगरपालिका के अधीन किया था। 2013-14 में विभाग को 48 लाख 45 हजार की आय हुई, वहीं खर्च 2 करोड़ 8 लाख 51 हजार का हुआ। 2014-15 में विभाग को 49 लाख 88 हजार की आय हुई, वहीं 2 करोड़ 3 लाख 37 हजार का खर्च हुआ।

2015-16 में विभाग को 66 लाख 10 हजार रुपए की आय हुई थी, वहीं 3 करोड़ 61 लाख 33 हजार का खर्च हुआ। 2016-17 में 88 लाख 78 हजार की आय और 4 करोड़ 61 लाख 27 हजार का खर्च हुआ। 2017-18 में 92 लाख 66 हजार की आय और 4 करोड़ 12 लाख 76 हजार का खर्च हुआ।

2018-19 में 93 लाख 99 हजार की आय और 4 करोड़ 54 लाख 27 हजार का खर्च हुआ। 2019-20 में 1 करोड़ 22 लाख 71 हजार की आय और 1 करोड़ 84 लाख 25 हजार रुपए का खर्च हुआ है। 2020-21 में विभाग को 79 लाख 3 हजार आय और 1 करोड़ 38 लाख 82 हजार का खर्च हुआ।

रोजाना एक करोड़ लीटर पानी का हाेता है उपयाेग : नगर में राेजाना 90 लाख लीटर पानी का उपयोग किया जाता है। नगर की आबादी करीब 65 हजार हैं। 135 लीटर प्रतिव्यक्ति के हिसाब से पेयजल वितरण के चलते एक करोड़ लीटर पानी का राेजाना वितरण किया जा रहा है।

8 साल में विभाग को 16 करोड़ रुपए आवंटित : वहीं पिछले आठ सालों में जलदाय विभाग को विभिन्न मदों से करोड़ों रुपए आवंटित हुए हैं। बताया कि करीब 16 करोड़ 34 लाख 4 हजार रुपए आवंटित हुए हैं। लेकिन पिछले तीन साल में एक भी रुपया आवंटित नहीं हुआ।

विभाग की तरफ से नियमानुसार समय पर बिल दिए जाते हैं। शहर में करीब 55 प्रतिशत तक बिल समय पर जमा होते हैं, बकाया के लिए कर्मचारी वसूली करते हैं।

आलोक सक्सेना, सहायक अभियंता, जलदाय विभाग, नाथद्वारा

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