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रोगियों को सुविधा नहीं:नाथद्वारा अस्पताल में 71 स्वीकृत नर्सिंग कर्मियों के पदों में से 30 रिक्त 110 की आवश्यकता, 41 स्थायी और 9 अस्थायी सहित 50 कर्मी कार्यरत

नाथद्वारा8 महीने पहले
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  • 200 बैड वाले उपजिला अस्पताल में पद रिक्त होने से रोगियों को सुविधा नहीं मिल पा रही, कार्यरत नर्सिंग कर्मियों पर अतिरिक्त भार

शहर के लाल बाग स्थित जिले के सबसे बड़े 200 बेड के गोवर्धन राजकीय उपजिला चिकित्सालय में नर्सिंग कर्मियों के पद रिक्त होने से रोगियों को सुविधा नहीं मिल पा रही है। कार्यरत नर्सिंग कर्मियों पर अतिरिक्त भार है। यहां 71 स्वीकृत नर्सिंग कर्मियों के पदों में से 30 पद रिक्त हैं। करीब 110 नर्सिंगकर्मियों की आवश्यकता है। चिकित्सालय की तरफ से 9 नर्सिंग कर्मियों को अस्थायी रूप से लगा रखा है।

विधानसभा अध्यक्ष और स्थानीय विधायक डाॅ. सीपी जोशी ने पहल करते हुए चिकित्सालय में डॉक्टर के 52 में से 40 पद तो भर दिए, किंतु नर्सिंग कर्मी कम होने से चिकित्सालय में दिक्कत हो रही है। इनके पद बढ़ाने और रिक्त पद पर नियुक्ति की आवश्यकता कई महीनों से की जा रही है। वर्तमान में चिकित्सालय में प्रथम ग्रेड नर्सिंग कर्मी के 16 पद स्वीकृत है, इसमें से 8 नर्सिंगकर्मी कार्यरत है। 8 पद रिक्त है। इसी तरह सैकंड ग्रेड नर्सिंगकर्मी के 55 पद स्वीकृत है, इसमें से 33 नर्सिंगकर्मी है और 22 पद रिक्त है।

200 बेड का चिकित्सालय होने के बाद स्वीकृत पदों की संख्या भी नहीं बढ़ी : वर्ष 2000 के बाद चिकित्सालय में 200 बेड स्वीकृत हुए थे। बावजूद नर्सिंग कर्मियों के स्वीकृत पदों की संख्या नहीं बढ़ी। अस्पताल में 110 नर्सिंग कर्मियों की जरूरत है, लेकिन 71 पद ही स्वीकृत है। इसमें से भी 30 पद रिक्त है।

12 कर्मी आरके चिकित्सालय राजसमंद और आरएनटी उदयपुर में कार्यरत : प्रदेश में हुई नर्सिंग-2 की सीधी भर्ती 2020 में पीएमओ नाथद्वारा में 12 ऐसे नर्सिंग कर्मी का पदस्थापन हुआ था जो वर्तमान में 5 कर्मी आरएनटी उदयपुर और 7 कर्मी आरके चिकित्सालय राजसमंद में कार्यरत हैं।

49 कर्मियों का भार 9 कर्मियों पर चिकित्सालय में कई पद रिक्त होने से कार्यरत नर्सिंग कर्मियों पर काम का दबाव रहता है। चिकित्सालय के इनडोर मे भर्ती रोगियों के लिए बने वार्ड तथा आईसीयू में कुल 49 नर्सिंग कर्मियों की आवश्यकता हैं, लेकिन ये सभी वार्ड केवल 9 नर्सिंगकर्मियों के जिम्मे है। इनडोर के मेडिकल वार्ड महिला और पुरुष में 5 नर्सिंग स्टाफ की आवश्यकता है। इसी तरह सर्जिकल वार्ड महिला और पुरुष में 5 नर्सिंगकर्मी, ऑर्थोपेडिक वार्ड महिला पुरुष में 5 नर्सिंगकर्मी, पीडियाट्रिक वार्ड में 5 नर्सिंग कर्मी, एमटीसी वार्ड में 5 और आईसीयू वार्ड में 24 नर्सिंगकर्मी की आवश्यकता है। इन सभी महत्वपूर्ण 6 भर्ती वार्डों में मात्र 9 नर्सिंगकर्मी 24 घंटे सेवा दे रहे हैं।

जनाना वार्ड और लेबर रूम में स्टाफ की ज्यादा मांग
जनाना वार्ड और लेबर रूम में नर्सिंग स्टाफ की कमी से गर्भवती महिलाओं की 24 घंटे देखभाल करने का कार्यरत स्टाफ पर दबाव बना रहता है। यहां स्टाफ की ज्यादा मांग रहती है। चिकित्सालय के लेबर रूम, एएनसी वार्ड, पीएनसी वार्ड और एनबीएसयू वार्ड में 19 नर्सिंग कर्मियों की आवश्यकता है, लेकिन 7 नर्सिंगकर्मी ही कार्यरत हैं।

गर्भवती महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। जनरल ओपीडी, इंजेक्शन, ड्रेसिंग रूम और प्लास्टर रूम के लिए करीब 9 नर्सिंगकर्मी की आवश्यकता है, लेकिन 1 नर्सिंग कर्मी कार्यरत है। आपरेशन थियेटर में आवश्यकता अनुसार 4 में से 2 नर्सिंग कर्मी कार्यरत है।

चिकित्सालय के ट्राेमा, एमरजेंसी, आइसोलेशन वार्ड, आईएलआई ओपीडी में आवश्यकतानुसार 13-13 नर्सिंगकर्मी कार्यरत है। इसी तरह मैट्रन आफिस, बर्थ, जन्म शाखा, ब्लड बैंक और रिपोर्टिंग में आवश्यकता अनुसार 2 कर्मी लगे है। स्टोर, कोविड केयर सेंटर तथा फील्ड में आवश्यकता अनुसार 1-1 व्यक्ति को लगा रखा है।

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