कार्यों का निरीक्षण:श्रीजी प्रभु की श्री संपदा, ग्रीन एनर्जी के विकास की आज महत्ती आवश्यकता : विशाल बावा

नाथद्वाराएक महीने पहले
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  • विशाल बावा ने नाथद्वारा, सालोर, मावली, घसियार हो रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया

श्रीजी प्रभु की हवेली में प्रभु सेवा में प्रभु के सुखार्थ एवं सेवा वालों की सरलता एवं सुविधा के लिए विशाल बावा ने इंद्रदमन महाराजश्री की आज्ञा से हो रहे नए निर्माण कार्यों के तहत मंगलवार को प्रशासनिक व्यवस्था एवं निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर कहा कि निरीक्षण और अवलोकन का मुख्य उद्देश्य श्रीजी प्रभु की श्री संपदा का सतत विकास, ग्रीन एनर्जी के विकास, जिसकी आज के समय में महती आवश्यकता है, सौर ऊर्जा के विकास की संभावनाओं को तलाश कर उसे मूर्त रूप देना है।

वहीं कृषि में टेक्नोलॉजी एवं अनुसंधान से प्रभु की प्राकृतिक संपदा का विकास करना, प्रभु के गोधन के स्वास्थ्य, सुधार व सर्वोत्तम आहार गौ माता की सेवा में उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि नाथद्वारा आने वाले प्रभु के प्रिय वैष्णव जनों को घसियार में दर्शनार्थ उत्तम सुविधा के लिए प्रयास करवाना है। घसियार मंदिर ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से वल्लभ संप्रदाय का प्रमुख स्थल है, जहां श्रीजी प्रभु ने 6 वर्षों तक विराज कर उसे पवित्र किया था। घसियार की प्राकृतिक कृषि संपदा एवं प्राकृतिक सौंदर्य को हरित क्रांति के प्रयासों से उन्नत बनाना प्रमुख उद्देश्य है।

श्रीनाथजी की हवेली में निर्मित ध्रुव बारी एवं ध्वजा का अवलोकन किया

विशाल बावा ने खासा भंडार, खांड घर, शहद घर, उस्ता खाना का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया एवं सेवा वालों की सेवा में सुविधा एवं सरलता को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्यों को सही रूप देने को कहा। मंदिर में निरीक्षण के बाद विशाल बावा सालोर पहुंचे। उन्होंने सालोर की बीड़, गौशाला एवं श्रीजी प्रभु की कृषि भूमि का निरीक्षण किया। मावली में श्रीजी प्रभु के गौचारण बीड़ एवं वहां की उपजाऊ भूमि का निरीक्षण कर अच्छी किस्म की गायों के लिए घास एवं चारे के लिए उन्नत पैदावार बढ़ाने के निर्देश दिए।

सालोर से वे घसियार स्थित श्रीजी मंदिर पहुंचे। घसियार में हो रहे नवाचारों एवं निर्माण कार्यों का जायजा लिया। मुख्य रूप से गौशाला में गायों के लिए बन रहे शेड कार्य का शुभारंभ किया। यहां से वे उदयपुर पहुंचे और श्रीनाथजी की हवेली में निर्मित ध्रुव बारी एवं ध्वजा जी का अवलोकन कर प्रभु के दर्शन किए। इस अवसर पर मंदिर के अधिकारी सुधाकर उपाध्याय, मंदिर के सीईओ जितेंद्र ओझा, टेंपल बोर्ड के सदस्य सुरेश संघवी, वैष्णव अंजन शाह, समीर, टेंपल बोर्ड के कर्मचारी, राजपुरोहित आदि उपस्थित थे।

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