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श्रीजी के दर लगी भक्तों की कतार:65 दिन बाद फिर से खुला मंदिर, पहले दिन राजभोग और उत्थापन झांकी में पहुंचे 1600 श्रद्धालु, 500 बाहर के

राजसमंदएक महीने पहले
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  • नाथद्वारा के बाजार में बढ़ी चहल-पहल, आज होंगे चार झांकियों के दर्शन

करीब 65 दिन बाद बुधवार को राजभोग झांकी से श्रीजी प्रभु के दर्शन आम दर्शनार्थियों के लिए खोल दिए गए। पहले दिन 2 झांकी के दर्शन सरकार द्वारा जारी कोरोना गाइडलाइन के अनुसार करवाए। दोनों झांकी में करीब 1600 लोगों ने अपने आराध्य के दर्शन किए। आम दर्शनार्थी को लक्ष्मी विलास धर्मशाला से और मनोरथी दर्शनार्थी को प्रीतम पोल गेट से प्रवेश दिया गया। बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर के समय गत 2 मई से श्रीजी प्रभु के दर्शन आम दर्शनार्थी के लिए बंद थे अाैर बुधवार राजभोग झांकी से दर्शन खोले गए।

मंदिर प्रशासन की तरफ से श्रीजी दर्शन व्यवस्था को लेकर सुरक्षा सहित अन्य इंतजाम किए गए थे। लक्ष्मी विलास गेट पर सुबह 10 बजे से ही लोगों का आना शुरू हो गया। गेट पर लोगों के वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट और फोटो आईडी की जांच की गई। सही पाए जाने पर ही दर्शनार्थी को अंदर जाने दिया गया। अंदर भी आईडी और सर्टिफिकेट की जांच हुई। दो जगह जांच के बाद सभी को अंदर लाइन से खड़ा किया गया। करीब 11.30 बजे राजभोग के दर्शन खुलने पर लाइन से सभी को दर्शन करवाए गए। राजभोग झांकी में करीब 1 हजार से अधिक और दोपहर 3.30 बजे बाद खुली उत्थापन झांकी में 600 से अधिक लोगों ने प्रभु के दर्शन किए।

भक्तों ने मास्क लगाए, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग की कमी नजर आई

मंदिर के अंदर भी दर्शन की व्यवस्था बदली गई है। इसके लिए कमल चाैक स्थित समाधान विभाग के यहां वेडिंग मशीन लगाई गई है, जहां से मनोरथी प्रवेश करेंगे। इसमें सबसे पहले दिनभर का मनोरथ करवाने वालों को प्रवेश मिलेगा, जो डोल तिबार में सबसे पहले वाली लाइन में लग कर दर्शन कर सकेंगे। उसके बाद दूसरी लाइन राजभोग मनोरथ वालों की होगी और तीसरी लाइन श्रीजी चरण कार्ड वालों की होगी।

चहल-पहल बढ़ी, धर्मनगरी में व्यापारियों को मिलेगा फायदा

करीब सवा दाे महीने बाद मंदिर के आसपास के बाजार में कुछ चहल-पहल दिखाई दी। व्यापारियों और दुकानदारों के चेहरे पर आगामी दिनों में व्यापार बढ़ने की खुशी दिखाई दी। कुछ दुकानों पर वैष्णव खरीदारी करते भी नजर आए। श्रीजी प्रभु के दर्शन आम श्रद्धालुओं के लिए खुलने के बाद मंदिर क्षेत्र के करीब 250 दुकानदारों, 150 के करीब होटल संचालकों, 1 हजार रिक्शा संचालक, 100 के करीब खाने-पीने के स्टॉल वाले सहित मंदिर से जुड़े व्यापार करने वालों को प्रत्यक्ष रूप से फायदा होगा। वहीं कोरोना महामारी के दौर में आर्थिक संकट से जूझ रहे धर्मनगरी के लोगों को रोजगार मिलेगा।

आज से होंगे 4 झांकी के दर्शन

बुधवार को दो झांकियों के दर्शन ही हुए। लेकिन गुरुवार को श्रीनाथजी प्रभु की 4 झांकियों के दर्शन होंगे। सुबह मंगला झांकी सुबह 5:30 बजे, शृंगार झांकी सुबह 7.00, राजभोग 11.30 और शाम 3.30 बजे उत्थापन झांकी के दर्शन होंगे। दर्शन समय में अब परिवर्तन हो सकता है।

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